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बिहार में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया पर से हाइकोर्ट की रोक हटी, शिक्षा मंत्री बोले- तीन माह के अंदर बांट दिये जायेंगे नियुक्त पत्र

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
पटना हाइकोर्ट
पटना हाइकोर्ट
फाइल

पटना. राज्य में एक लाख 25 हजार माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है. इस नियुक्ति प्रक्रिया पर लगी रोक को पटना हाइकोर्ट ने हटा लिया है. साथ ही हाइकोर्ट ने शिक्षा विभाग से दिव्यांग अभ्यर्थियों को आवेदन देने के लिए 15 दिनों का समय देने को कहा है. अब हाइकोर्ट की सहमति के बाद शिक्षा विभाग शिक्षक नियोजन को लेकर इसी हफ्ते दो विशेष शेड्यूल जारी करेगा. एक उन दिव्यांगों के लिए शेड्यूल जारी होगा, जो अब तक आवेदन नहीं कर सके थे. दूसरा शेड्यूल सामान्य अभ्यर्थियों के नियोजन पत्र बांटने के लिए शेष रह गयी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए जारी किया जायेगा.

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल व न्यायमूर्ति एस कुमार के खंडपीठ के समक्ष गुरुवार को इस मामले की सुनवाई हुई. राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने नियुक्ति में दिव्यांग अभ्यर्थियों को चार प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने की बात मान ली है. इस संबंध में प्रावधानों का अनुपालन कर दिया है और उसी प्रकार से सारी चयन प्रक्रिया पूरी की जायेगी.

खंडपीठ ने वैसे दिव्यांग शिक्षक अभ्यर्थियों को उक्त पद के लिए आवेदन करने की छूट दी है, जो वर्ष 2019 में विज्ञापन की तिथि को आवेदन करने के योग्य थे. ऐसे अभ्यर्थी अब जारी होने वाली अधिसूचना की तिथि से 15 दिनों में आवेदन कर सकते हैं.

सरकार ने दिये थे दो विकल्प

हाइकोर्ट द्वारा नियुक्ति पर रोक लगा लगाये जाने की वजह से अंतिम चयन सूची की अधिसूचना जारी नहीं की जा सकी है. महाधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष यह भी कहा था कि या तो रिट याचिका के अंतिम परिणाम के फलाफल के अनुसार राज्य सरकार को नियुक्ति को अंतिम रूप देने की अनुमति दी जाये या तो वैकल्पिक तौर पर 1.25 लाख पदों में से चार फीसदी को दिव्यांगों के लिए सुरक्षित रखने की अनुमति दी जाये, जिसे की रिट याचिका के निष्पादन होने के बाद भरा जायेगा. इस बीच शेष अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुमति दी जाये.

ब्लाइंड एसोसिएशन, दिव्यांगों को पहले आवेदन का मौका मिले

दूसरी ओर फेडरेशन ऑफ ब्लाइंड एसोसिएशन की ओर से वरीय अधिवक्ता श्री रूंगटा ने कोर्ट को बताया था कि पहले दिव्यांगों के लिए खाली जगहों को अधिसूचित किया जाना चाहिए. वैसे दिव्यांग शिक्षक अभ्यर्थी, जो आवेदन नहीं कर पाये हैं, उन्हें नये सिरे से आवेदन करने का मौका दिया जाना चाहिए और तभी अंतिम रूप से नियुक्ति की जानी चाहिए.

कोर्ट ने छूटे हुए दिव्यांगों को नये सिरे से आवेदन के लिए 15 दिनों का मौका दिये जाने की बात स्वीकार कर ली. कोर्ट की सहमति के बाद अब शिक्षा विभाग नये सिरे से दिव्यांगों के लिए शेडयूल जारी करेगा. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने साफ किया कि इसी हफ्ते शेड्यूल जारी करने का प्रयास किया जायेगा. विभाग इस दिशा में काम कर रहा है.

दो-तीन महीने के अंदर बांट दिये जायेंगे नियुक्त पत्र : शिक्षा मंत्री

शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने हाइकोर्ट फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अब हम दो से तीन माह के अंदर चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों को नियोजन पत्र बांट देंगे़ उन्होंने कहा कि प्रदेश को शिक्षकों की जरूरत थी़ हमारे यहां लाखों पद खाली हैं. इन योग्य शिक्षक की नियुक्ति होने से शिक्षकों की कमी की काफी हद तक दूर हो सकेगी़

शिक्षा मंत्री चौधरी ने साफ किया कि हमारी सरकार शुरू से इस नियोजन को पूरा करने के लिए संकल्पित थी़ उसी संकल्प को हम पूरा कर रहे हैं. फिलहाल हाइकोर्ट के जरिये गतिरोध दूर हो गया़ उन्होंने कहा कि सरकार दिव्यांग और अन्य वर्गों को मिलने वाले आरक्षण को लागू करने के लिए हमेशा संकल्पित रही है़ दिव्यांग मामले में हमने अपने संकल्प से कोर्ट को अवगत करा दिया था़

शिक्षा मंत्री ने कहा कि हाइकोर्ट ने सरकार के संकल्प को स्वीकार करके सकारात्मक निर्णय लेकर नियोजन पूरा कराने के लिए कहा है़ उन्होंने बताया कि कोर्ट से मिली गाइडलाइन के मुताबिक केवल दिव्यांगों को शिक्षक नियोजन में आवेदन के लिए 15 दिनों का समय दिया जायेगा़ इसके लिए जल्द ही शेड्यूल जारी किया जायेगा़ इसके बाद समेकित रूप में मेधा सूची बनायी जायेगी़ आपत्ति लेते हुए नियोजन की औपचारिकताएं पूरी की जायेंगी़ दो-तीन माह में नियोजन को पूरा कर लिया जायेगा.

Posted by Ashish Jha

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Published Date

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