बिहार में बनेगा अत्याधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर, अब कैमरों की निगरानी में गाड़ी चला कर '8' बनाने पर मिलेगा लाइसेंस

Updated at : 08 Aug 2020 8:14 PM (IST)
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बिहार में बनेगा अत्याधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर, अब कैमरों की निगरानी में गाड़ी चला कर '8' बनाने पर मिलेगा लाइसेंस

पटना : फुलवारी शरीफ स्थित परिवहन परिसर में अत्याधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर का निर्माण किया जायेगा. जहां पर ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर आवेदकों को गाड़ी चलाना होगा, उसके बाद ड्राइविंग लाइसेंस मिलेगा. ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक निर्माण नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. साथ ही, अन्य जिलों में भी इसका निर्माण होगा. इसको लेकर विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है.

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पटना : फुलवारी शरीफ स्थित परिवहन परिसर में अत्याधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर का निर्माण किया जायेगा. जहां पर ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर आवेदकों को गाड़ी चलाना होगा, उसके बाद ड्राइविंग लाइसेंस मिलेगा. ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक निर्माण नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. साथ ही, अन्य जिलों में भी इसका निर्माण होगा. इसको लेकर विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है.

परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि 302.00 वर्ग मीटर में यह ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर का निर्माण होना है. सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए कुशल लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के उद्देश्य से ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक का निर्माण किया जायेगा. उन्होंने कह कि वर्तमान में ड्राइविंग कुशलता की जांच के लिए लाइसेंस जारी करने से पूर्व ड्राइविंग टेस्टिंग की प्रक्रिया मैनुअली है. ऐसा देखा गया है कि ड्राइविंग कुशलता के अभाव में जब कोई व्यक्ति सड़कों पर वाहन चलाते हैं, तो सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनते हैं.

औरंगाबाद में लगभग काम हुआ पूरा

सचिव ने कहा कि अभी ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक का निर्माण आईडीटीआर, औरंगाबाद में किया जा चुका है. इस माह के अंत तक यहां ड्राइविंग टेस्टिंग शुरू हो जायेगा.

ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक का शेप आठ आकार का होगा

ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक का शेप आठ आकार का होगा. इसमें जगह-जगह कैमरे लगे होंगे. साथ ही ड्राइविंग टेस्टिंग के लिए उपयोग में लाये जानेवाले वाहन में भी मोबाइल कैमरा फीड रहेगा. सभी कैमरे और मशीनें कंप्यूटर से जुड़े होंगे. कैमरे पर लिये गये चित्र को कंप्यूटर पर देखते हुए ड्राइविंग पर नजर रखी जायेगी. टेस्ट के दौरान मशीनों का ज्यादा और व्यक्तियों का कम उपयोग होगा. टेस्ट का रिजल्ट भी टेस्ट देने के तुरंत बाद आ जायेगा. इस नयी सुविधा से अभ्यर्थियों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा. समय की भी बचत होगी.

यातायात नियमों के साथ देना होगा टेस्ट

ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर अभ्यर्थियों को वाहन चलाते वक्त सीट बेल्ट, पथ परिवर्तन, लेन ड्राइविंग, स्टॉप लाइन, एस गठन, सामानांतर पार्किंग, स्थायी पार्किंग, रिवर्स, पथ परिवर्तन, ट्रैफिक लाइट जंक्शन आदि यातायात नियमों का अनुसरण करना होगा. हर स्टेप के लिए अलग-अलग समय और अंक निर्धारित रहेगा. निर्धारित मानक के अनुसार ड्राइविंग करने पर ही अंक मिलेगा और टेस्ट में पास हो सकेंगे.

Posted By : Kaushal Kishor

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