द्वितीय विश्वयुद्ध के सैनिकों व उनकी विधवाओं को मिलेंगे 10 हजार मासिक
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :28 Sep 2016 7:23 AM (IST)
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पटना : बिहार सरकार ने द्वितीय विश्वयुद्ध के भूतपूर्व सैनिकों तथा मृत्युपरांत उनके पत्नियों को मिलनेवाला पांच हजार प्रतिमाह की आर्थिक सहायता को बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रति माह कर दिया गया है. कैबिनेट ने मंगलवार को इसकी मंजूरी दे दी है. रक्षा मंत्रालय के भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग की अनुशंसा के आलोक में राज्य […]
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पटना : बिहार सरकार ने द्वितीय विश्वयुद्ध के भूतपूर्व सैनिकों तथा मृत्युपरांत उनके पत्नियों को मिलनेवाला पांच हजार प्रतिमाह की आर्थिक सहायता को बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रति माह कर दिया गया है. कैबिनेट ने मंगलवार को इसकी मंजूरी दे दी है. रक्षा मंत्रालय के भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग की अनुशंसा के आलोक में राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है.राज्य में इस तरह के लोगों की कुल संख्या 61 है जिनको यह लाभ मिलेगा.
हर घर नल का जल में सरकारी भूमि का होगा उपयोग : कैबिनेट ने हर घर नल का जल योजना के क्रियान्वयन के लिए सरकारी अथवा विभागीय भूमि के उपयोग करने संबंधी नीति को स्वीकृति दी है. कैबिनेट सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने कहा कि इस योजना को लागू करने के लिए जिलाधिकारी हर घर नल का जल योजना को नागरिकों तक पहुंचाने के लिए सरकारी भूमि का उपयोग कर सकेंगे. राज्य में औद्योगिक, व्यावसायिक व म्युनिसपल उपयोग के लिए वर्ष 1998 से प्रभावी जल प्रभार दर को संशोधित कर दिया है.
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की सेवा बहाल : राज्य मंत्रिपरिषद ने मंगलवार को भोजपुर आरा के तत्कालीन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार को दी गयी अनिवार्य सेवानिवृत्ति को न्यायिक सेवा में पुन: बहाल करने का निर्णय लिया गया है.
एसकेएमसीएच में 250 बेड के नर्सिंग छात्रावास की स्वीकृति
कैबिनेट ने श्रीकृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर में 250 बेड के नर्सेस छात्रावास के भवनों के निर्माण के लिए बिहार चिकित्सा एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड से प्राप्त प्राक्कलन एवं तकनीकी अनुमोदन के आधार पर 21 करोड 80 लाख की योजना की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है.
इसके अलावा जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय, भागलपुर के फिजियोलाजी, एनाटामी एवं बायोकेमिस्ट्री विभागों के भवनों के निर्माण के लिए बीएमएसआइसीएल से प्राप्त प्राक्कलन एवं तकनीकी अनुमोदन के आधार पर कुल 42 करोड़ 14 हजार के प्रशासनिक व्यय की स्वीकृति दे दी गयी. इसके अलावा सीतामढ़ी जिला के नानपुर पीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार सिंह के लगातार पांच वर्षों तक अनुपस्थित रहने के कारण सेवा से बरखास्त कर दिया गया है. इसी तरह से पीएचसी कोइलवर के तत्कालीन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रामानुज सिंह को सेवा से बरखास्त कर दिया गया है. उधर एमसीआइ की आपत्तियों के निराकरण के लिए आइजीआइएमएस, शेखपुरा के मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों में फैकल्टी के अतिरिक्त 71 पदों के सृजन की स्वीकृति दे दी गयी है.
इसके अलावा कैबिनेट ने खाद्य उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा डोर स्टेप डिलवरी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 में संभावित कुल एक लाख 53 हजार के व्यय को स्वीकृति प्रदान की गयी. नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा राज्य में संचालित अमरूत योजना के तहत किशनगंज फेज एक व बेगूसराय व बिहारशरीफ फेज एक, दरभंगा नगर निकायों की जलापूर्ति योजानाओं के कार्यान्वयन के लिए कुल दो अरब 39 करोड़ 10 लाख 90 हजार की योजना की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गयी. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के तहत बिहार लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण अंचलीय लिपीकीय संवर्ग (भर्ती एवं सेवा शर्तें) नियमावली 2016 को मंजूरी दी गयी. पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता (यांत्रिक) के वेतनमान से अधीक्षण अभियंता के वेतनमान के पद पर प्रोन्नति को मंजूरी मिल गयी है.
मंत्रिमंडल सचिवालय में मुख्य सचिव के विशेष कार्य पदाधिकारी के पद पर पुनर्नियुक्त सतीश सिंह ठाकुर की सेवा को 20 अक्तूबर के बाद एक वर्ष के लिए विस्तारित करने की स्वीकृति दी गयी. कैबिनेट ने आइटीआइ परीक्षा के आयोजन व मूल्यांकन के लिए पारश्रमिक के दरों में बदलाव किया है. राजकीय पोलिटेकनिक व राजकीय महिला पोलिटेकनिक संस्थानों में व्याख्याताओं के रिक्त पदों के विरुद्ध अनुबंध के आधार पर पूर्व से कार्यरत व्याख्याताओं को नियमित नियुक्ति होने तक अथवा अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से एक वर्ष तक जो पहले हो, पुनर्नियोजन की स्वीकृति दी गयी. इसी तरह से राज्य के राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के रिक्क पदों पर अनुबंध के आधार पर नियुक्ति करने पर सहमति दी गयी. राज्य कैबिनेट में सर्विस प्लस फ्रेमवर्क के द्वारा राज्य स्तर पर ई-डिस्ट्रिक परियोजना को आनलाइन करने पर होनेवाले कुल तीन करोड़ की राशि को स्वीकृति दी गयी है.
बिहार विज्ञापन नियमावली 2016 को स्वीकृति
राज्य कैबिनेट ने बिहार विज्ञापन नियमावली 2016 की स्वीकृति दे दी है. सरकार के विभिन्न विभागों की उपलब्धियों को विज्ञापन के रूप में प्रकाशित करने तथा केंद्रकृत रूप से निर्गम एवं भुगतान का दायित्व सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को दिया गया है. वर्गीकृत विज्ञापनों, टेंडर, सूचनाओं तथा अन्य सामग्रियों के प्रकाशन का कार्य भी इस विभाग को आवंटित किया गया है.
बदलते परिवेश, नयी सूचना तकनीक विकसित होने, बदलती हुई कार्य प्रवृति, विभिन्न मुद्दों पर आम नागरिकों का मुड़, परसेप्शन, फीडबैक को जानने व समझने और उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए नयी नीति को मंजूरी दी गयी है. सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों व उपलब्धियों का लोक शिक्षण के लिए प्रचार -प्रसार करने व प्रभावकारी लोक संवाद की स्थापना एवं ब्रांड बिहार को विकसित करने के लिए पेशेवर तरीके से उपयोग करने, सोशल मीडिया जैसे फेशबुक, ट्यूटर व यूट्यूब व आउटडोर पब्लिसिटी सहित अन्य माध्यमों से विज्ञापन का प्रचार-प्रसार कराने के लिए बिहार विज्ञापन नीति 2016 के समुचित क्रियान्वयन के उद्देश्य से बिहार विज्ञापन नियमावली 2016 को स्वीकृति दी गयी है.
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