राज्य में कम हो रही है आयुष मेडिकल कॉलेजों की संख्या

Updated at : 26 Dec 2019 8:39 AM (IST)
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राज्य में कम हो रही है आयुष मेडिकल कॉलेजों की संख्या

शशिभूषण कुंअर, पटना : राज्य में आयुष मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की संख्या उल्टी गिनती की तरह कम होती चली गयी. आयुष क्षेत्र में आयुर्वेदिक, होमियोपैथिक व यूनानी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की संख्या महज चार है. दूसरी ओर एलोपैथ क्षेत्र में मेडिकल कॉलेजों की संख्या दिन दूनी रात चौगुनी की तरह बढ़ रही है. राज्य में […]

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शशिभूषण कुंअर, पटना : राज्य में आयुष मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की संख्या उल्टी गिनती की तरह कम होती चली गयी. आयुष क्षेत्र में आयुर्वेदिक, होमियोपैथिक व यूनानी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की संख्या महज चार है. दूसरी ओर एलोपैथ क्षेत्र में मेडिकल कॉलेजों की संख्या दिन दूनी रात चौगुनी की तरह बढ़ रही है.

राज्य में एलोपैथ के छह पुराने मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के बाद 10 सालों में सरकार 17 नये मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की स्थापना की जा रही है. एलोपैथ पद्धति से एमबीबीएस कोर्स में हर साल एक हजार विद्यार्थियों का नामांकन होता है. इधर आयुष क्षेत्र में चार मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में 230 सीटों पर यूजी कोर्स में दाखिला होता है.
आयुष के ओपीडी में साल में एक करोड़ 20 लाख मरीजों का इलाज :
बिहार में आयुष चिकित्सकों द्वारा साल में एक करोड़ 20 लाख से अधिक मरीजों का इलाज किया जाता है. यह स्थिति तब बनी है जब आयुष चिकित्सकों के परामर्श के आधार पर सरकारी अस्पतालों से मुफ्त दवा उपलब्ध नहीं है. इधर सरकारी अस्पतालों में एलोपैथ चिकित्सकों द्वारा ओपीडी में साल में करीब 12 करोड़ मरीजों का इलाज किया जाता है.
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