पटना : अगले 50 वर्षों तक नहीं होगा पटना में जलजमाव

Updated at : 14 Nov 2019 9:28 AM (IST)
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पटना : अगले 50 वर्षों तक नहीं होगा पटना में जलजमाव

पटना : नगर विकास व आवास विभाग के सचिव आनंद किशोर ने बताया कि शहरी क्षेत्रों से जलजमाव की समस्या को दूर करने को एक्सपर्ट एजेंसी का चयन इस माह में कर लिया जायेगा. एजेंसी को यह जिम्मेदारी दी जायेगी कि वह वैज्ञानिक डाटा तैयार कर विभाग को रिपोर्ट सौंपे. साथ ही विकास आयुक्त की […]

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पटना : नगर विकास व आवास विभाग के सचिव आनंद किशोर ने बताया कि शहरी क्षेत्रों से जलजमाव की समस्या को दूर करने को एक्सपर्ट एजेंसी का चयन इस माह में कर लिया जायेगा. एजेंसी को यह जिम्मेदारी दी जायेगी कि वह वैज्ञानिक डाटा तैयार कर विभाग को रिपोर्ट सौंपे. साथ ही विकास आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर मई, 2020 तक योजनाएं पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
इसके लिए लघु, मध्यम व दीर्घकालीन योजनाओं का काम किया जायेगा. उन्होंने बताया कि यह कोशिश है कि अगले साल से राजधानी में जलजमाव नहीं होगा. साथ ही ऐसी योजनाएं बनायी जा रही है कि अगले 50 सालों तक बारिश में जलजमाव की स्थिति न हो. नगर विकास विभाग के सचिव ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शहरों में होनेवाले जलजमाव की समस्या से निजात के लिए मध्यम व दीर्घकालीन लक्ष्य निर्धारित
किये जायेंगे. पटना में वर्षा जल निकासी की वैज्ञानिक व्यवस्था होगी. उन्होंने बताया कि शहर के जो बड़े नाले हैं, उनके खुले रखने या ढ़क कर उस पर सड़क निर्माण करने पर विचार चल रहा है.
बांसघाट में दो अत्याधुनिक शवदाह गृहों का होगा निर्माण
सचिव ने बताया कि शहर में आबादी के अनुसार नयी तकनीकी के शवदाह गृहों का निर्माण कराया जायेगा. एक टीम को शवदाह गृहों के अध्ययन के लिए भेजा गया है. बांसघाट में दो अन्य बड़े क्षमता की नयी तकनीक वाले शवदाह गृहों का निर्माण कराया जायेगा. साथ ही यहां पर परंपरागत शवादाह गृह की भी व्यवस्था होगी. राजधानी में बांसघाट, गुलबीघाट और खाजेकलां घाट के अलावा वैशाली के कोनहारा घाट में विद्युत शवदाह गृहों को नया जीवन दिया जायेगा.
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