प्रभात खबर के चुनावी चौपाल में लोग बढ़-चढ़ कर ले रहे हैं भाग, कह रहे मन की बात

Updated at : 02 Apr 2019 6:07 AM (IST)
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प्रभात खबर के चुनावी चौपाल में लोग बढ़-चढ़ कर ले रहे हैं भाग, कह रहे मन की बात

किसी को सांसद के क्षेत्र में नहीं आने का है मलाल, तो कोई कर रहा एक बार और मौका देने की बात सांसद महोदय तोकभी क्षेत्र में आये नहीं. मोदी के चेहर पर इस बार भी चुनाव होगा. बिहार में नितिश कुमार और केंद्र में मोदी के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं हैं. आप पीएम […]

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किसी को सांसद के क्षेत्र में नहीं आने का है मलाल, तो कोई कर रहा एक बार और मौका देने की बात सांसद महोदय तोकभी क्षेत्र में आये नहीं. मोदी के चेहर पर इस बार भी चुनाव होगा. बिहार में नितिश कुमार और केंद्र में मोदी के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं हैं. आप पीएम आवासयोजना, स्वच्छ भारत अभियान या राज्य की शराबबंदी और बाल विवाह कानून को नकार नहीं सकते हैं.
– योगेंद्र कुमार, व्यापारी
जब तक भवन निर्माण के क्षेत्र में इनपुट क्रेडिट नहीं देंगे, निर्माण की लागत बढ़ेगी. ऐसे में लोगों को सस्ते घर का सपना दूर होगा. भवन निर्माण में सरकार की नीतियां केवल आइवास है. बिल्डरों व निर्माण सामग्री के साथ कुछ और सहायक नियम बनाने होंगे, तभी लोगों को वास्तविक फायदा पहुंच पायेगा.केवल पीएम आवास योजना से बात नहीं बनेगी.
– मदन मोहन जायसवाल, बिल्डर
देखिए भाई, चुनावी चौपाल में आज आप के ही अखबार में छपा है कि कैंसर जैसे मुद्दों पर भी सरकार को काम करना चाहिए. मैं बता दूं कि वर्तमान में तीन से 15 से अधिक एम्स हो गये, ये काम नहीं है क्या? मेडिकल सुविधाओं पर राज्य सरकार को भी काम करना चाहिए. हम लोग इस बार भी केंद्र की मोदी सरकार के साथ हैं. पांच वर्ष और देने की जरूरत है.
– सुधांशु वर्णंवाल, व्यापारी
जल संरक्षण के मुद्दे पर भी तत्काल काम करने की जरूरत है. दिसंबर-जनवरी में ही भू-जल का स्तर नीचे चला गया है. खेती के लिए अब पानी मिलना मुश्किल हो रहा है. दूसरी तरफ दो करोड़ नौकरी देने वाला वादे का क्या हुआ. समर्थक होना ठीक है, भक्त नहीं बनें. राज्य में शराबबंदी के बाद मैंने शराब का सेवन छोड़ दिया. इससे परिवार व दोस्त खुश हैं.
– रजनीश गांधी, ठेकेदार
इससे पहले भी कई सरकारें आयीं और गयी. पहले भी काम हुआ है, लेकिन इस बार बहुत से ऐसे काम हुए जिनका वर्षों से इंतजार था. आज जो विश्व पटल पर भारत की स्थिति है, उसको नकारा नहीं जा सकता. 130 करोड़ को नौकरी देने का वादा है तो यह कभी पूरा नहीं हो सकता. गंगा घाटों का निर्माण, शौचालय निर्माण, पीएम आवास योजना काफी अच्छी रही है.
– ब्रजेश कुमार सिंह, सर्विसमैन
पूरे देश में सड़क निर्माण की योजनाएं तेजी से चल रही हैं, लेकिन बिहार में भूमि अधिग्रहण की सुस्त रफ्तार के कारण 2016-17 में आयी आठ एनएच निर्माण की योजना पर दस फीसदी भी काम नहीं हुआ है. यातायात विकास का प्रमुख घटक है, राज्य सरकार को भूमि अधिग्रहण पर तेजी से काम करना होगा.
-विकास कुमार, एनएचएआइ
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