पटना : पेट की बीमारी का होगा उपचार, मिलेगी दवा
Updated at : 10 Dec 2018 9:44 AM (IST)
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पटना सिटी : आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के तहत जड़ी-बूटी से बनी दवाओं के इस्तेमाल कर पेट से जुड़ी बीमारियों का उपचार अब अगमकुआं स्थित क्षेत्रीय संक्रामक आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान में आरंभ होगा. केंद्रीय आयुर्वेद एवं सिद्ध अनुसंधान परिषद की ओर से उपलब्ध करायी गयी दवाओं को रविवार को हुई इथिकल कमेटी की बैठक में मंजूरी […]
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पटना सिटी : आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के तहत जड़ी-बूटी से बनी दवाओं के इस्तेमाल कर पेट से जुड़ी बीमारियों का उपचार अब अगमकुआं स्थित क्षेत्रीय संक्रामक आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान में आरंभ होगा. केंद्रीय आयुर्वेद एवं सिद्ध अनुसंधान परिषद की ओर से उपलब्ध करायी गयी दवाओं को रविवार को हुई इथिकल कमेटी की बैठक में मंजूरी दे दी गयी.
बैठक में इथिकल कमेटी के चेयरमैन व सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनय कुमार सिंह, संस्थान के निदेशक डॉ सतीश कुमार तिवारी, डॉ विमल तिवारी, डॉ वीएनआर दास, आयुर्वेद कॉलेज के डॉ दिनेश्वर प्रसाद, डॉ अजय कुमार सिंह, अधिवक्ता शैलेंद्र प्रसाद, शशिकांत गुप्ता व आशीष कुमार शर्मा उपस्थित थे. निदेशक ने बताया कि पेट से जुड़ी बीमारी के उपचार के लिए एक सौ मरीजों को चिह्नित कर उनका उपचार किया जायेगा. चिह्नित मरीजों को दवा संस्थान की ओर मुहैया करायी जायेगी.उनके उपचार से जुड़ी रिपोर्ट तीन माह पर केंद्रीय आयुर्वेद व सिद्ध अनुसंधान परिषद को भेजी जायेगी.
शारीरिक श्रम व व्यायाम से मधुमेह होगा नियंत्रित : बेलवरगंज में रोट्रेक्ट कलब ऑफ पटना सिटी की ओर से रविवार को मधुमेह पर कार्यशाला हुई. संबोधित करते हुए डॉ एके सिन्हा व तृप्ति सिंह ने कहा कि शारीरिक श्रम व व्यायाम से मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है. आयोजन में राजेश पांडेय, संजय अलबेला, संजय कृष्णा आदि शामिल हुए. संचालन लिपिका प्रीत व शुभम गुप्ता ने किया.
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