पटना : हाईटेक युग में खत्म हुआ चिट्ठियों का दौर, अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे लेटरबॉक्स

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पटना : एक दौर था जब चिट्ठियों के जरिये भावनाओं का आदान-प्रदान होता था. हाल-चाल, दुख-दर्द, गिले-शिकवे आदि सब चिट्ठियों के माध्यम से जाहिर किये जाते थे. मगर बदलते और हाईटेक होते दौर में चिट्ठियों की जगह मोबाइल, कंप्यूटर, इंटरनेट, व्हाट्सएप और ईमेल जैसे माध्यमों ने ले ली. लिहाजा चिट्ठियों का चलन ही बंद हो […]

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पटना : एक दौर था जब चिट्ठियों के जरिये भावनाओं का आदान-प्रदान होता था. हाल-चाल, दुख-दर्द, गिले-शिकवे आदि सब चिट्ठियों के माध्यम से जाहिर किये जाते थे. मगर बदलते और हाईटेक होते दौर में चिट्ठियों की जगह मोबाइल, कंप्यूटर, इंटरनेट, व्हाट्सएप और ईमेल जैसे माध्यमों ने ले ली. लिहाजा चिट्ठियों का चलन ही बंद हो गया है.
बिरले ही लोग होंगे जो अब चिट्ठियों के जरिये बातचीत करते होंगे. ऐसे में जब चिट्ठियों का दौर ही नहीं रहा तो, उन्हें जिस माध्यम से भेजा जाता था यानि लेटर बॉक्स भी महत्वहीन होकर उपेक्षा के शिकार हो गए. पटना में शहर में जगह-जगह लगे लेटरबॉक्स की ये हालत हो चुकी है. ये टूटे-फूटे और जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं.
सुबोध नंदन
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