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मैं बिहार के राजभवन से ज्ञान भवन और अब राष्ट्रपति भवन पहुंचा हूं, बिहारीपन मेरी पहचान-राष्ट्रपति

Updated at : 09 Nov 2017 6:51 AM (IST)
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मैं बिहार के राजभवन से ज्ञान भवन और अब राष्ट्रपति भवन पहुंचा हूं, बिहारीपन मेरी पहचान-राष्ट्रपति

पटना : राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार बिहार पहुंचे रामनाथ कोविंद ने आज बिहार में तीसरे कृषि रोड मैप का शुभारंभ किया. राजधानी पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में रामनाथ कोविंद ने बिहार के लोगों द्वारा दिये गये स्नेह और प्यार को यादव किया. उन्होंने सबको आभार व्यक्त करने के बाद कहा […]

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पटना : राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार बिहार पहुंचे रामनाथ कोविंद ने आज बिहार में तीसरे कृषि रोड मैप का शुभारंभ किया. राजधानी पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में रामनाथ कोविंद ने बिहार के लोगों द्वारा दिये गये स्नेह और प्यार को यादव किया. उन्होंने सबको आभार व्यक्त करने के बाद कहा कि राष्ट्रपति के रूप में पहली बार कृषि रोड मैप के कार्यक्रम में बिहार आना कई मायनों में सुखद अनुभव है. कोविंद ने कहा कि मैं स्वयं एक ग्रामीण परिवेश आता हूं. बिहार के राजभवन से ज्ञान भवन और फिर राष्ट्रपति भवन की यात्रा काफी सुखद रही है. मैं जन्म से तो नहीं लेकिन कर्म से बिहारी हूं, बिहारीपन ही मेरी पहचान है. मैं बिहार का नहीं हूं लेकिन मेरे लिए मेरा बिहारीपन ही मेरी पहचान है, जिस पर मुझे गर्व है.
01:20 AM –बिहार में राज्यपाल में मेरे कार्यकाल के दौरान सभी वर्गों और क्षेत्र के लोगों का स्नेह मिला, उसे मैं जीवन भर याद रखूंगा. राष्ट्रपति के रूप में पहली बार बिहार आना मेरे लिए सुखद है. आज इसलिए खास है क्योंकि मैं स्वयं एक ग्रामीण परिवेश से आता हूं. ज्ञान भवन में आने का मुझे सौभाग्य मिला. इस प्रदेश की संस्कृति का ज्ञान, बुद्ध और महावीर का ज्ञान. तभी मुझे राष्ट्रपति भवन पहुंचने का सौभाग्य मिला. राष्ट्रपति भवन में पहुंचना अलग तरह का अनुभव है.
01:05 AM – मैं बिहार का नहीं लेकिन मेरे लिए मेरा बिहारीपन ही मेरी पहचान है जिस पर मुझे गर्व है. बिहार विभूतियों की धरती रही है. बापू मेरे आदर्श हैं, उनके पद चिह्नों का अनुसरण करता हूं. राष्ट्रपति ने कहा कि बिहार के किसान मेहनती हैं, बिहार में कृषि की अपार संभावनाएं हैं. खाद्यान्न के लिए बिहार को सम्मानित किया गया है. अगली हरित क्रांति का गौरव बिहार को मिल सकता है. इंद्रधनुषी कार्यक्रम से बिहार के किसानों को होगा फायदा. बिहार की छवि को और बेहतर बनाने की जरूरत है. इस कृषि रोडमैप से बिहार के इमेज को और बेहतर करने की सुविधा मिलेगी. आपने सुना है कि भारत के निर्माण में बिहार के विभूतियों ने योगदान दिया है. मैं राजेंद्र बाबू को रोजाना राष्ट्रपति भवन में प्रणाम करता हूं. बक्सर जिले में जन्में उस्ताद विस्मिल्ला खान और बिहार के कई विभूतियों ने मानवता की सेवा की. अप्रैल 2017 से चंपारण का सत्याग्रह का शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है. इसमें किसानों के लिए समग्र व्यवस्था है. अब धान की उपज बढ़ी है. कृषि रोड मैप से किसानों को फायदा हुआ है. खाद्यानों की उपज में राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत किया गया है. यह रोड मैप किसानों को नयी शक्ति प्रदान करेगा. इस रोड मैप में प्रावधान की गयी मछली पालन, जैविक खेती और बिजली की उपलब्धता किसानों के लिए काफी कारगर होगा.
12 :54 AM – बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि राष्ट्रपति महोदय बार-बार बिहार आयेंगे और हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि बिहार की तरफ पूरा देश आशा भरी निगाहों से देख रहा है. गत 9 वर्षों में बिहार ने दो-दो कृषि रोड मैप देकर , इस अवधि में बिहार में कृषि का विकास हुआ है. राज्य सरकार बिहार में कृषि के विकास के लिए कट्टीबद्ध है. सरकार इसके विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है.
12 :48 AM – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तीसरे कृषि रोड मैप के शुभारंभ के मौके पर कहा कि बिहार के राज्यपाल देश के राष्ट्रपति बने यह गौरव की बात है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने कई मौकों पर स्वयं कहा है कि वह बिहारी हैं. यह अच्छी बात है. उन्होंने कहा कि कृषि रोड मैप की वजह से बिहार में कृषि क्षेत्र में प्रगति हो रही है. गेंहूं, धान और मक्के की उत्पादकता बढ़ी है. नीतीश कुमार ने कहा कि पूरे बिहार में भूमि विवाद सुलझाने के लिए सर्वे का काम हो रहा है. ग्राउंड वाटर की उपलब्धता को बचाने के लिए हर गांव में बिजली पहुंचायी जा रही है. किसानों के लिए अलग से फीडर की व्यवस्था की जा रही है. किसानों ने उत्पादकता में चीन का रिकार्ड तोड़ दिया है. बिहार के किसान वैज्ञानिकों से ज्यादा होशियार हैं. बिहार में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जायेगा. इस कृषि रोड मैप से किसानों की परिभाषा में बदलाव आयेगा. सब्जी उत्पादन में भी नंबर एक पर रहेगा बिहार. कृषि रोड मैप के साथ हर भारतीय की थाली में बिहार का एक व्यंजन होगा. हमारे यहां कई प्रकार के आम हैं. भागलपुर के जर्दालु आम का कोई जोड़ है. दीघा के दुधिया आम का कोई जवाब है. मुख्यमंत्री ने कृषि के जरिये बिहार के 75 प्रतिशत लोगों की आमदनी को बढ़ाने की बात कही. लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक लाख 54 हजार रुपये खर्च करने का निर्णय लिया है, वह भी पांच साल के अंदर.

12 :20 AM – उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में कृषि रोड मैप से चावल का उत्पादन दो गुना बढ़ा.

12 :25 AM – कृषि रोड मैप की वजह से 2022 तक किसानों की दशा में होगा सुधार-सुशील मोदी.

12 : 14 AM – राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तीसरे कृषि रोड मैप 2017-2022 का शुभारंभ किया.
12 : 12 AM – बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रपति कोविंद को शाल ओढ़ाकर स्मृति चिह्न प्रदान किया.
12 : 05 AM – दीप प्रज्वलित कर राष्ट्रपति ने किया तीसरे कृषि रोड मैप के कार्यक्रम का शुभारंभ, मंच पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद.
12 : 04 AM – बापू सभागार में बड़ी संख्या में किसानों के साथ विभागीय मंत्री और अधिकारी भी मौजूद.

12 : 03 AM – राष्ट्रपति कोविंद पहुंचे बापू सभागार, तीसरे कृषि रोड मैप को करेंगे लांच.

11 : 50 AM – राष्ट्रपति कोविंद ने किया देश के प्रथम राष्ट्रपति की प्रतिमा पर माल्यार्पण.

11 : 45 AM – बिहार सरकार के तमाम मंत्री रहे एयरपोर्ट पर मौजूद सभी ने किया राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का स्वागत.

11 : 40 AM – राष्ट्रपति यहां 1 लाख 54 हजार करोड़ के कृषि रोड मैप के साथ नौबतपुर के लिए बिजली के अलग कृषि फीडर का भी शुभारंभ करेंगे.
11 : 37 AM – राष्ट्रपति के स्टेट हैंगर में गार्ड ऑफ ऑनर लेने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी के अलावा मंत्रियों ने बुके भेंट कर राष्ट्रपति का स्वागत किया.
11 : 35 AM – राष्ट्रपति 11.45 बजे राजेंद्र बाबू की प्रतिमा पर माल्यापर्ण करेंगे. 12 बजे पटना स्थित कन्वेंशन सेंटर पहुंचेंगे.
11 : 30 AM – एयरपोर्ट पर सेना के जवान देंगे राष्ट्रपति को सलामी.

11 : 25 AM – भारतीय वायुसेना के विमान से पटना एयरपोर्ट पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद.

पटना : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गुरुवार को पटना आ रहे हैं. वे यहां सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर के बापू सभागार में तीसरे कृषि रोडमैप को लांच करेंगे. राष्ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद पहली बार बिहार आ रहे हैं. वे करीब पांच घंटे तक पटना में रहेंगे. उनके आगमन की सारी तैयारियां पूरी हो गयी हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को दोपहर बाद बापू सभागार पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया. राष्ट्रपति के आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं. लांचिंग समारोह में राज्यपाल सतपाल मलिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी समेत मंत्रिमंडल के सभी सदस्य मौजूद रहेंगे.
राष्ट्रपति सेना के विशेष विमान से सुबह 11:25 बजे पटना एयरपोर्ट पहुंचेंगे और 12 बजे सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर के बापू सभागार में कृषि रोडमैप को लांच करेंगे. इसके पहले वे 11:45 बजे राजभवन के पास पहले राष्ट्रपति डाॅ राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे.राष्ट्रपति कृषि रोडमैप लांच करने के बाद दोपहर 1:05 बजे गांधी मैदान के पास लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर फूल चढ़ायेंगे. राजभवन में दोपहर का भोजन करने के बाद वे शाम 4:16 बजे दिल्ली के लिए प्रस्थान कर जायेंगे.
– पहला कृषि रोड मैप : 2008 में शुरुआत
– दूसरा कृषि रोड मैप (2012-17) : 03 अक्तूबर, 2012 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किया था लांच
– तीसरा कृषि रोड मैप (2017-22) : 5 साल में ‍1.54 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य
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