सर्दी का सितम: पटना में बाघ सेंक रहा स्पेशल हीटर, हिरण खा रहे मल्टीविटामिन, कंबल में लिपटे सांप
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Jan 2023 5:58 AM
पटना में पिछले चार दिनों से ठंड काफी बढ़ी है. ऐसे में संजय गांधी जैविक उद्यान में रहने वाले जानवरों का इस मौसम में खास ख्याल रखा जा रहा है. जू प्रशासन की ओर से लगातार जानवरों की मॉनीटरिंग की जा रही है. बिल्ली, पक्षियों व अन्य छोटे जानवरों के पिंजरों पर नाइट कवर लगाये गये हैं, जिससे उन्हें कम ठंड लगे
पटना में पिछले चार दिनों से ठंड काफी बढ़ी है. ऐसे में संजय गांधी जैविक उद्यान में रहने वाले जानवरों का इस मौसम में खास ख्याल रखा जा रहा है. जू प्रशासन की ओर से लगातार जानवरों की मॉनीटरिंग की जा रही है. रात के समय में बिल्ली, पक्षियों व अन्य छोटे जानवरों के पिंजरों पर नाइट कवर लगाये गये हैं, जिससे उन्हें कम ठंड लगे. वहीं बाघ और चिंपांजी के पिंजरों में लकड़ी का बिस्तर लगाया गया है. साथ ही स्पेशल हीटर भी लगाया गया है. सांपों के लिए कंबल और पर्याप्त रौशनी की व्यवस्था की गयी है. चीतल, संघाई, बारहसिंघा, सांभर आदि के पिंजरे में पुआल के बिस्तर लगाये गये हैं, जबकि पूर्वी और पश्चिम दिशा से बहने वाली हवा से बचाने के लिए पुआल से बने शेड दोनों तरफ से लगाये हैं. पोषण के लिए इन्हें मल्टीविटामिन की खुराक खाने में दी जा रही हैं. हाथियों को गुड़ के साथ हर दिन 50 किलो गन्ना दिया जा रहा है. जिराफ और उसके बच्चे के लिए पुआल, फूस से बिस्तर और शेड तैयार किया गया है.
लकड़ी के बिस्तर पर कंबल ओढ़ सो रहा चिंपांजी
चिंपांजी के पिंजरे के बाहर ठंड से बचाव के लिए नाइट कवर (पर्दे) लगाये गये हैं. इसके साथ ही स्पेशल हीटर भी लगाये गये हैं. यह हीटर ऑक्सीजन लेवल को मेंटेन रखता है. इससे निकलने वाली रौशनी से जानवर की आंखों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. सोने के लिए लकड़ी का बिस्तर और कंबल दिया गया है. खाने में गुड़ की खीर, दो बार दो बड़े चम्मच च्यवनप्राश, हर दिन अंडा, अनार का जूस और फल दिये जा रहे हैं. हर दिन कंबल बदले जाते हैं. सांप घर मेंं मौजूद सांपों के लिए कंबल और तापमान बनाये रखने के लिए ज्यादा वाट वाले बल्ब लगाये गये हैं. जू में वे अपना अधिकतर समय कंबल के अंदर बीता रहे हैं. वहीं अजगर बल्ब की रौशनी से गर्माहट ले रहे हैं.
हिरण, चीतल, बारहसिंघा आदि के खाने में मल्टीविटामिन शामिल
सांघाई, चितल, ब्लैक बक और हिरण के पिंजरे के अंदर पुआल का बिस्तर तैयार किया गया. झुंड में रहने की वजह से रात में यह सभी एक साथ शेड में रहते हैं. वहीं पूर्वी और पश्चिम से बहने वाले हवा से बचाने के लिए इन दोनों दिशा में फूस और पुआल से दीवार बनायी है और ऊपर से शेड दिया गया है. ठंड में इन जानवरों को पूरा पोषण मिले, इसके लिए मल्टीविटामिन दी जा रही है.
पहली ठंड में अपनी मां संग हीटर का आनंद ले रहे हैं शावक
बाघ के चार शावक मगध, केसरी, विक्रम और रानी को जहां इन्हें रखा गया है, वहां के ऊपरी हिस्से को फूस से ढका गया है. एक दिन में दो बार 15-15 किलो का मांस खिलाया जा रहा है. चार बड़े स्पेशल हीटर लगाये गये हैं. वहीं नर बाघ को हर दिन 12 किलो मांस परोसा जा रहा है.
जानवरों को मिल रहा यह खाना
नर बाघ : 15 किलो मांस
मादा बाघ और उनके चार शावक : 30 किलो मांस
हाथी : गन्ना 50 किलो (दो हाथी) और गुड़
चिंपांजी : च्यवनप्राश (दो बड़े चम्मच), अंडा, गुड़ की खीर, फल, अनार का जूस
भालू : शहद, अंडा, मूंगफली, गुड़ की खीर
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