आय से अधिक संपत्ति के दायरे में कई अधिकारी

Updated at : 13 Sep 2016 8:13 AM (IST)
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आय से अधिक संपत्ति के दायरे में कई अधिकारी

नवादा सदर : निगरानी द्वारा जिला सहकारिता पदाधिकारी विक्रम कुमार झा के आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गयी कार्रवाई के बाद अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है. निगरानी व इनकम टैक्स विभाग की नजर जिले के वैसे अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी लगी है, जो कम समय में आय […]

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नवादा सदर : निगरानी द्वारा जिला सहकारिता पदाधिकारी विक्रम कुमार झा के आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गयी कार्रवाई के बाद अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है.
निगरानी व इनकम टैक्स विभाग की नजर जिले के वैसे अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी लगी है, जो कम समय में आय से अधिक संपत्ति अर्जित कर चुके हैं.
पता चला है कि जिला सहकारिता पदाधिकारी के खिलाफ हुई कार्रवाई में बैंक व सहकारिता विभाग के कई अधिकारी व कर्मचारी की गर्दन फंस सकती है. विक्रम कुमार झा ने 22 वर्षों की सेवा में करोड़ों की संपति अर्जित की है,जबकि कई ऐसे लोग की सूची भी निगरानी को हाथ लग चुकी है, जो इससे भी कम समय में अपनी आय से 10 गुणा संपत्ति बना चुके हैं.
कार्रवाई के बाद लोगों में हड़कंप
निगरानी द्वारा आय से अधिक संपत्ति के मामले में हुई कार्रवाई के बाद अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है. आयकर के दायरे में आने वाले ऐसे लोग खुद को बचने की फिराक में लग गये हैं. हमेशा से सुर्खियों में रहने वाले को-ऑपरेटिव बैंक व इसके कर्मचारी निगरानी के टारगेट में रहे हैं. किसानों तथा खातेदारों का पैसा हेरफेर करने के मामले में भी बैंक चर्चा में रहा है. बैंक की विभिन्न शाखाओं में पिछले कई वर्षों में गबन का मामला भी प्रकाश में आया था. विभागीय जांच टीम द्वारा की गयी कार्रवाई के बाद हेरफेर के मामलों में थोड़ी कमी आयी है.
पैक्स व किसानों के निशाने पर थे डीसीओ : आय से अधिक संपत्ति के मामले में निगरानी की जद में आये जिला सहकारिता पदाधिकारी बिक्रम कुमार झा अपने पदस्थापन काल से ही चर्चा में रहे. किसानों से धान खरीदगी का मामला हो या पैक्स अध्यक्षों के साथ रिश्तों के खटास का. हमेशा से ही इनपर धान खरीदगी में 10 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप लगता रहा है. कुछ लोगों का कहना है कि जिसके घर व ससुराल में बड़े-बड़े अधिकारी हों, वहां करोड़ रुपये नबदी पाया जाना कोई आश्चर्य की बात नहीं है. वहीं कई पैक्स अध्यक्ष खुले रूप में कमीशन लेने की बात कहते हैं.
कई लोग आ सकते हैं निगरानी के दायरे में : निगरानी व आयकर विभाग की सूची में नवादा जिले में कई ऐसे अधिकारी और कर्मचारी हैं, जिन पर निगरानी की नजर है. जल्द ही ऐसे लोगों पर भी निगरानी की गाज गिर सकती है. निगरानी की ओर से नवादा के कई ऐसे विभाग को चिह्नित भी किया जा चुका है.
सितंबर के बाद आयकर विभाग की कार्रवाई
अपनी संपत्ति की घोषणा कर ब्लैक मणि को व्हाइट मनी बनाने की दिशा में आयकर विभाग द्वारा लोगों को दी गयी समय सीमा के बाद भी टैक्स नहीं जमा किये जाने पर छापेमारी अभियान चलाया जायेगा.
आयकर विभाग के पास भी जिले के वैसे सभी व्यवसायियों, डॉक्टरों व कारोबारियों की सूची है,जो अपने आय के अनुसार टैक्स का भुगतान नहीं कर सरकारी राजस्व का चुना लगा रहे हैं. सितंबर समाप्त होने के बाद ही आयकर विभाग छापेमारी अभियान चलायेगा. नवादा में कार्यक्रम आयोजित कर आयकर विभाग के अधिकारी दिनेश कुमार ने लोगों को अपने काला धन को सफेद बनाने की बात कही थी.
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