मौसम की मार, किसान परेशान

Published at :16 Jul 2013 1:54 PM (IST)
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मौसम की मार, किसान परेशान

नवादा : जिले भर में खरीफ फसलों पर मौसम का असर दिखना शुरू हो गया है. सामान्य वर्षापात की तुलना में काफी कम बारिश होने से किसानों को चिंता सताने लगी है. वहीं, विभाग के सामने भी विभिन्न फसलों के लक्ष्य को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो रही है. बारिश की जो स्थिति इन […]

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नवादा : जिले भर में खरीफ फसलों पर मौसम का असर दिखना शुरू हो गया है. सामान्य वर्षापात की तुलना में काफी कम बारिश होने से किसानों को चिंता सताने लगी है. वहीं, विभाग के सामने भी विभिन्न फसलों के लक्ष्य को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो रही है.

बारिश की जो स्थिति इन दिनों में है उसे देखते हुए जिला कृषि विभाग आकस्मिक फसल योजना की रणनीति बनाने की तैयारी शुरू करने जा रहा है, जो कृषि विज्ञान केंद्र, सेखोदेवरा के साथ मिल कर बनाया जायेगा. हालांकि, छिटपुट बूंदा बांदी से किसान अभी भी बारिश की आस लगा रहे हैं.

जानकारी के अनुसार, अभी नदी, तालाब, आहर, पोखर व खेतों में पानी भरपूर होना चाहिए था. परंतु, ऐसा नहीं है. जिले में बारिश नहीं होने से परिस्थिति में सरकार के कृषि विभाग पर किसानों की नजरें टिकी हैं. शायद सरकारी स्तर पर उनके फसलों को बचाने का कोई रास्ता मिल सके.

क्या है फसलों का आच्छादन

जिले में खरीफ धान के फसलों के आच्छादन का लक्ष्य 80 हजार हेक्टेयर है. धान का बिचड़ा गिराने का लक्ष्य आठ हजार हेक्टेयर है. इसमें तीन हजार 480 हेक्टेयर में अब तक अच्छादन किया गया है. श्री विधि से धान प्रत्यक्षण का लक्ष्य 22 हजार एकड़ है व गैर श्री विधि धान प्रत्यक्षण का लक्ष्य 72 हजार छह सौ एकड़ है. इसके अलावा संकर धान का लक्ष्य 15 हजार 500 एकड़ है.

पैडी ट्रांसप्लांटर का लक्ष्य तीन सौ एकड़ है. पैडी ट्रम सीडर का लक्ष्य दो सौ एकड़ है. मक्का का लक्ष्य 55 सौ हेक्टेयर, मड़ुआ का लक्ष्य 200 हेक्टेयर, अरहर का लक्ष्य 25 सौ हेक्टेयर, उड़द का लक्ष्य 700 हेक्टेयर, अन्य दलहन का लक्ष्य 1500 हेक्टेयर, मूंग का लक्ष्य 600 हेक्टेयर, मूंग फली का लक्ष्य 574 हेक्टेयर, तिल का लक्ष्य 200 हेक्टेयर, सूर्यमुखी का लक्ष्य सौ हेक्टेयर कृषि विभाग को मिला हुआ है. श्री विधि से खेती के लिए 10 से 12 दिनों का बिचड़ा तैयार होने पर रोपनी शुरू की जायेगी.

चलायी जा रहीं योजनाएं

मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना-इसमें खरीफ वर्ष, 2013-14 में धान उत्पादन के लिए जिले के कृषकों को 90 प्रतिशत अनुदान पर धान का आधार बीज उपलब्ध कराया जा रहा है. प्रखंडस्तरीय शिविर में चयनित कृषकों को प्रति कृषक आठ किलोग्राम धान का आधार बीज दिया जा रहा है.

बीज ग्राम योजना-जिले के कृषकों को वर्ष, 2013-14 के खरीफ में बीज उत्पादन के लिए धान आधार बीज प्रत्येक प्रखंड के पांच-पांच राजस्व गांवों से सौ कृषकों को चयन कर धान बीज उपलब्ध कराया गया है. दलहनी फसलों के बीज में 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराने के लिए प्रखंड वार लक्ष्य निर्धारित कर कृषकों का चयन किया गया है.

बीआरजीएफ कंपनी का धान का बीज प्रति किसान आधा एकड़ के लिए छह किलोग्राम, बीआरपीएन कंपनी के अरहर का बीज प्रति किसान आधा एकड़ के लिए दो किलोग्राम व बीआरपीएन कंपनी के उड़द का बीज प्रति किसान आधा एकड़ के लिए दो किलोग्राम दिया जा रहा है.

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