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दिवाली से पहले ही शहर की हवा में घुला प्रदूषण का जहर

Updated at : 07 Nov 2018 5:22 AM (IST)
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दिवाली से पहले ही शहर की हवा में घुला प्रदूषण का जहर

मुजफ्फरपुर : दिवाली से पहले ही अपने शहर मुजफ्फरपुर की हवा में प्रदूषण का जहर घुल चुका है. पिछले एक सप्ताह से हवा की गुणवत्ता बेहद खराब थी. मंगलवांर तक यह अलार्मिंग स्थिति में पहुंच गया. छह नवंबर की शाम पीएम 2.5 का स्तर 225 तक पहुंच गया, जो सामान्य से करीब ढाई गुणा ज्यादा […]

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मुजफ्फरपुर : दिवाली से पहले ही अपने शहर मुजफ्फरपुर की हवा में प्रदूषण का जहर घुल चुका है. पिछले एक सप्ताह से हवा की गुणवत्ता बेहद खराब थी. मंगलवांर तक यह अलार्मिंग स्थिति में पहुंच गया. छह नवंबर की शाम पीएम 2.5 का स्तर 225 तक पहुंच गया, जो सामान्य से करीब ढाई गुणा ज्यादा है.
पर्यावरण के जानकारों के मुताबिक, ठंड में तापमान और हवा की गति कम होती है, जिससे प्रदूषित धूलकण की संख्या बढ़ जाती है और वह हवा में घुल कर सांसों के जरिये हमारे फेफड़ों तक पहुंच कर बीमार बना देती है.पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वाली संस्था सेंटर फॉर एनवॉयरमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) की ओर से मुजफ्फरपुर की वायु की गुणवत्ता पर जारी रिपोर्ट के अनुसार, 25 अक्तूबर से तीन नवंबर तक शहर की हवा बेहद खराब और अलार्मिंग स्तर पर मापा गया है.
संस्था की सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर अंकिता ज्योति ने बताया कि दिवाली से पहले ही शहर की हवा में प्रदूषण का जहर घुलना शुरू हो गया है. उन्होंने बताया कि 25 अक्तूबर से तीन नवंबर के बीच शहर में हवा दो दिन बेहद खराब, चार दिन खराब और चार दिन मध्यम श्रेणी की दर्ज की गयी. यह जांच एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) से की गयी है.
पिछले साल दिवाली में तीन गुणा था पीएम स्तर
सीड की रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले साल दिवाली में वायु प्रदूषण काफी खतरनाक स्थिति में था. दिवाली के दिन हुई आतिशबाजी से पीएम 2.5 का औसत दो से तीन गुणा था. यह राष्ट्रीय औसत से भी अधिक था. पीएम 2.5 की सामान्य स्थिति 100 होती है. दिवाली पर यह तीन सौ तक पहुंच गयी थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि दिवाली के अगले दिन वायु प्रदूषण काफी ज्यादा होता है.
इसलिए अगले दिन मार्निंग वॉक, साइकिलिंग, जॉगिंग, टहलने से बचना चाहिए. खास कर हृदय और फेंफड़े रोगों से ग्रसित लोगों को इन चीजों से परहेज करना चाहिए.
सीड की रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले साल दिवाली में वायु प्रदूषण काफी खतरनाक स्थिति में था. दिवाली के दिन हुई आतिशबाजी से पीएम 2.5 का औसत दो से तीन गुणा था. यह राष्ट्रीय औसत से भी अधिक था. पीएम 2.5 की सामान्य स्थिति 100 होती है. दिवाली पर यह तीन सौ तक पहुंच गयी थी.
रिपोर्ट में कहा गया है कि दिवाली के अगले दिन वायु प्रदूषण काफी ज्यादा होता है. इसलिए अगले दिन मार्निंग वॉक, साइकिलिंग, जॉगिंग, टहलने से बचना चाहिए. खास कर हृदय और फेंफड़े रोगों से ग्रसित लोगों को इन चीजों से परहेज करना चाहिए.
कैसे होती है वायु प्रदूषण की जांच
वायु प्रदूषण की जांच पीएम 2.5 और पीएम 10 से होती है. हवा में इन दोनों का स्तर सामान्य से जितना बढ़ता है प्रदूषण उतना ही बढ़ा हुआ माना जाता है. पीएम 2.5 और पीएम 10 के अनुपात से एयर क्वालिटी इंडेक्स निकाला जाता है. एक्यूआई पर ऑनलाइन नजर रख हम हवा की स्थिति को जान सकते हैं. इसके अलावा समीर एप्प को डाउनलोड कर भी वायु प्रदूषण को देखा जा सकता है.
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