सदर अस्पताल में लगा डीजीएस मशीन, संक्रमणमुक्त बनेगा अस्पताल

Updated at : 20 Feb 2020 7:26 AM (IST)
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सदर अस्पताल में लगा डीजीएस मशीन, संक्रमणमुक्त बनेगा अस्पताल

मुंगेर : मुंगेर सदर अस्पताल अब जल्द ही पूरी तरह संक्रमणमुक्त होगा. इसके लिए 10 दिन पूर्व ही स्वास्थ्य विभाग एवं बीएमसीएल द्वारा अस्पताल के पुरुष सर्जिकल वार्ड के पास ‘स्टीरियो-जनरल: डिसइनफेक्टेंट जनरेशन सिस्टम’ (डीजीएस) मशीन लगाया गया है. जिससे अब सदर अस्पताल के सभी वार्ड सहित पूरे सदर अस्पताल की सफाई इसी मशीन के […]

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मुंगेर : मुंगेर सदर अस्पताल अब जल्द ही पूरी तरह संक्रमणमुक्त होगा. इसके लिए 10 दिन पूर्व ही स्वास्थ्य विभाग एवं बीएमसीएल द्वारा अस्पताल के पुरुष सर्जिकल वार्ड के पास ‘स्टीरियो-जनरल: डिसइनफेक्टेंट जनरेशन सिस्टम’ (डीजीएस) मशीन लगाया गया है.

जिससे अब सदर अस्पताल के सभी वार्ड सहित पूरे सदर अस्पताल की सफाई इसी मशीन के स्टेरिजिन सॉल्यूशन द्वारा होगी. इससे अस्पताल संक्रमणमुक्त बनेगा. साथ ही सर्जिकल वार्ड में एक ऑपरेशन के बाद जहां दूसरे ऑपरेशन के लिए कई घंटों का इंतजार करना पड़ता था. इस मशीन के लगने से अब मात्र एक घंटे के अंतराल पर ही चिकित्सकों द्वारा ऑपरेशन किया जा सकेगा.
सदर अस्पताल में डीजीएस मशीन दिल्ली की फेथ कंपनी द्वारा लगाया गया है. वहीं इस मशीन का मेंटेनेंस भी इसी कंपनी द्वारा 10 वर्षों तक किया जाएगा. कंपनी के इंजीनियर रीतम सिन्हा ने बताया कि इस मशीन में स्टेरिजिन सॉल्यूशन केमिकल को हाइड्रोजन वाटर के साथ मिला कर एक घोल तैयार किया जाता है.
जिसे सदर अस्पताल में सफाई करने वाले कर्मचारी पानी के साथ मिलाकर सफाई करेंगे. इससे वार्डों में मरीजों के बीच संक्रमण फैलने का खतरा कम होगा. साथ ही इमरजेंसी वार्ड सहित अन्य वार्ड जहां संक्रमण बीमारियों के मरीज रहते हैं.
वहां संक्रमण नहीं फैलेगा. इंजीनियर ने बताया कि इस मशीन द्वारा स्टेरिसोल सॉल्यूशन युक्त वायु भी वातावरण में छोड़ा जाता है. जिससे अस्पताल के वातावरण को भी संक्रमणमुक्त बनाने में मदद मिलेगी. उसने बताया कि कंपनी द्वारा यह मशीन अबतक बिहार के केवल मेडिकल कॉलेजों में ही लगाया गया है. जबकि सदर अस्पताल मुंगेर राज्य का पहला ऐसा अस्पताल है, जहां कंपनी द्वारा इस मशीन को लगाया गया है.
क्या है डीजीएस मशीन
स्टीरियो-जनरल: डिसइनफेक्टेंट जनरेशन सिस्टम न्यूट्रल पीएच, स्थिर एचसीएलओ के साथ-साथ ऑक्सीडेंट के मिश्रण तथा हाइड्रॉक्सिल आयन, पेरोक्साइड आयन, ऑक्सोनियम आयन आदि उत्पन्न करता है. ऑक्सीडेंट और एचसीएलओ के इस मिश्रण को स्टेरिसोल के रूप में जाना जाता है. जो एक उच्च स्तरीय कीटाणुनाशक है. जिसका उत्पादन स्टेरिजिन पानी, स्टेरिसोल-सी के रूप में किया जाता है.
जिससे संक्रमण वाले स्थान की सफाई की जाती है. वहीं इस स्टेरिजिन पानी का उपयोग सर्जिकल उपकरणों की साफ-सफाई के लिए भी किया जाता है. जो उपकरणों का पूरी तरह संक्रमणमुक्त बनाता है. वहीं इस मशीन द्वारा स्टेरिसोल युक्त वायु का उत्सर्जन किया जाता है. जो वायु को संक्रमणमुक्त बनाता है. साथ ही वायु द्वारा फैलने वाले कीटाणुओं को रोकता है. स्टेरिजिन पानी और स्टेरिसोल-सी को यूएसएफडीए द्वारा पारंपरिक रासायनिक बायोकाइड्स के सबसे प्रभावी विकल्प के रूप में मान्यता प्राप्त है.
यह मानव और पशु स्वास्थ्य के लिए भी सुरक्षित होता है. साथ ही वैज्ञानिक रूप से क्लोरीन ब्लीच की तुलना में 70 गुना अधिक शक्तिशाली है। चिकित्सा अनुप्रयोगों के लिए यूरोप और यूएसए में एचसीएलओ को पहले ही अनुमोदित किया जा चुका है. स्टेरिसोल-सी और स्टेरिजिन सॉल्यूशन 5 मिनट से भी कम समय में सभी प्रकार के बैक्टीरिया, वायरस, कवक और बीजाणुओं को मार देता है.
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