जिम्मेदारों पर नहीं होती है कार्रवाई

Published at :22 Sep 2017 6:15 AM (IST)
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जिम्मेदारों पर नहीं होती है कार्रवाई

गड़बड़झाला. स्वास्थ्य विभाग में होती रही है बहाली व स्थानांतरण में अनियमितता बदहाल स्वास्थ्य विभाग मुंगेर : मुंगेर स्वास्थ्य विभाग व जिला स्वास्थ्य समिति अपनी अनियमितताओं के कारण सुर्खियों में रहा है़ चाहे वह संविदा पर बहाली का मामला हो या फिर एएनएम, जीएनएम व स्वास्थ्य कर्मियों के स्थानांतरण-पदस्थापन का़ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों […]

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गड़बड़झाला. स्वास्थ्य विभाग में होती रही है बहाली व स्थानांतरण में अनियमितता

बदहाल स्वास्थ्य विभाग
मुंगेर : मुंगेर स्वास्थ्य विभाग व जिला स्वास्थ्य समिति अपनी अनियमितताओं के कारण सुर्खियों में रहा है़ चाहे वह संविदा पर बहाली का मामला हो या फिर एएनएम, जीएनएम व स्वास्थ्य कर्मियों के स्थानांतरण-पदस्थापन का़ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने नियमों की अवहेलना कर खूब मनमानी की़ विभाग में लूट संस्कृति इस कदर हावी है कि 2016 में दवा आपूर्ति के नाम पर पटना की एक कंपनी को लगभग सात लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया,
लेकिन एक रुपये की दवा आपूर्ति नहीं हुई़ इस मामले में सिविल सर्जन ने दवा कंपनी के विरुद्ध तो प्राथमिकी दर्ज करा दी, लेकिन जिला स्वास्थ्य समिति के जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई़ इसी प्रकार ताजा मामले में संविदा चिकित्सक व पारा मेडिकल कर्मियों की बहाली में भी नियमों की धज्जियां उड़ायी गयी़
दवा घोटाले के दोषियों पर नहीं हुई कार्रवाई
वर्ष 2008 व 2009 में मुंगेर जिला स्वास्थ्य समिति ने श्री कृष्णा फेविकोंस प्राइवेट लिमिटेड हेतमपुर निवास रोड नंबर-2 शिवपुरी पटना को दवा आपूर्ति के लिए 7 लाख रुपये का डीडी दिया था, लेकिन एक रुपये के दवा की आपूर्ति नहीं की गयी. लगातार छह माह तक डीडी भेजा जाता रहा. इस बीच कंपनी के विरुद्ध न तो जिला स्वास्थ्य समिति ने कोई प्रतिक्रिया की और न ही राज्य स्वास्थ्य समिति ने ही इस मामले में कोई दिलचस्पी ली़ हालांकि सात साल बाद राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा ही मामले को लेकर संज्ञान लेते हुए मुंगेर सिविल सर्जन डॉ श्रीनाथ को प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया और सिविल सर्जन ने कार्रवाई के नाम पर संबंधित दवा कंपनी के विरुद्ध कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी, लेकिन जिला स्वास्थ्य समिति के जिम्मेदार लोगों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई़ आखिर छह माह तक लगातार डीडी भेजा जाता रहा तो इसके लिए कौन लोग जिम्मेदार थे.
एएनएम-जीएनएम स्थानांतरण में हुई थी अनियमितता
2016 में सिविल सर्जन डॉ श्रीनाथ द्वारा स्थापना समिति में जिले के वरीय पदाधिकारी को नामित नहीं कर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बरियारपुर व जूनियर पदाधिकारियों को नामित कर मनमाने तरीके से एएनएम व जीएनएम का स्थानांतरण किया गया था़ मामला प्रकाश में आने के बाद क्षेत्रीय अपर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं मुंगेर प्रमंडल द्वारा जांच प्रतिवेदन निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं (नर्सिंग) बिहार पटना को भेजा गया. इसके आधार पर निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं (नर्सिंग) बिहार पटना ने उक्त स्थानांतरण में सरकार द्वारा निर्गत आदेशों की अवहेलना व बरती गयी घोर अनियमितता के कारण एएनएम व जीएनएम के स्थानांतरण को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया था़
चिकित्सक व पारा मेडिकल कर्मियों की बहाली में मनमानी
सरकार के संयुक्त सचिव स्वास्थ्य विभाग बिहार पटना के पत्रांक-74 (2) दिनांक 25.01.2017 के आलोक में इसी माह चिकित्सकों व पारा मेडिकल कर्मियों के रिक्त पदों पर अनुबंध के आधार में बहाली ली गयी़ इसमें सरकार के दिशा-निर्देशों के विरुद्ध सिविल सर्जन डॉ श्रीनाथ ने अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सहित अन्य निर्देशित सदस्यों को नामित नहीं कर गैर नामित लोगों को चयन समिति में शामिल कर लिया़ इसके बाद अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा बहाली की प्रक्रिया में धांधली करने का आरोप भी लगाया गया़ इस पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से बहाली को ही स्थगित कर दिया तथा सिविल सर्जन को कड़ी फटकार लगायी़ इसके साथ ही जिलाधिकारी ने नये सिरे से बहाली कराने तथा चयन समिति गठन करने का भी निर्देश दिया है़
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