35 लाख लोगों का बना प्रमाणपत्र

Published at :16 Jan 2015 10:49 AM (IST)
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35 लाख लोगों का बना प्रमाणपत्र

मधुबनी : लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम (आरटीपीएस) का जिले के लोगों ने भरपूर लाभ उठाया है. 15 अगस्त 2011 से अब तक जिले के करीब 35 लाख लोगों ने विभिन्न प्रमाण पत्र इस अधिनियम के तहत बनावाये. हालांकि इस अधिनियम की शुAक्आत में अहम भूमिका निभाने वाले वसुधा केंद्र को अब इस योजना से […]

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मधुबनी : लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम (आरटीपीएस) का जिले के लोगों ने भरपूर लाभ उठाया है. 15 अगस्त 2011 से अब तक जिले के करीब 35 लाख लोगों ने विभिन्न प्रमाण पत्र इस अधिनियम के तहत बनावाये.

हालांकि इस अधिनियम की शुAक्आत में अहम भूमिका निभाने वाले वसुधा केंद्र को अब इस योजना से अलग कर दिया गया है, लेकिन आंकड़ों के अनुसार वसुधा केंद्र के द्वारा करीब 13 लाख लोगों का आवेदन बनाया गया.

36 लाख पड़े आवेदन

विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2011 से नवंबर 2014 तक जिला मुख्यालय सहित अन्य भागों में विभिन्न प्रमाण पत्र के लिए 36 लाख 33 हजार 939 आवेदन आये. इसमें से करीब 16 लाख आवेदन वसुधा केंद्र के माध्यम से आया. इन प्राप्त आवेदनों में 26 लाख 95 हजार 970 आवेदन का समय से निष्पादन कर प्रमाण पत्र निर्गत किया गया. जबकि निर्धारित समय सीमा के बाद आठ लाख 22 हजार 254 लोगों का प्रमाण पत्र निर्गत किया गया.

1.41 लाख अस्वीकृत

तीन साल के दौरान जहां 35 लाख से अधिक लोगों का आवेदन स्वीकार किया गया. वहीं, एक लाख 14 हजार 244 आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया है. इसमें सबसे अधिक आवेदन सामाजिक सुरक्षा विभाग से संबंधित है. सामाजिक सुरक्षा विभाग के 74 हजार 582 आवेदन अस्वीकृत किये गये.

10 दिन में मिलेगा पत्र

आरटीपीएस योजना के तहत आय व जाति प्रमाण पत्र 10 दिन में निर्गत किये जा रहे हैं. जबकि दाखिल-खारिज का निष्पादन 18 दिन के भीतर कर दिया जा रहा है.

क्या कहते हैं लोग

आरटीपीएस योजना ने लोगों की परेशानी को कम कर दिया है. रोहित कुमार सिंह गांव निवासी ने कहा है कि आय प्रमाण पत्र के लिये अंचल का चक्कर लगाना पड़ता था पर इस योजना के तहत कंप्यूटर से आवेदन करने पर ही प्रमाण पत्र मिल गया. वहीं. कुमार अमित ने कहा कि आवासीय प्रमाण पत्र अब समय सीमा के अंदर बन जाता है. इससे विभिन्न मामलों में सहायता मिलती है.

अनुरंजन सिंह ने कहा कि जमीन का दाखिल खारिज कराना सबसे कठिन काम होता था. पर इस योजना से 18 दिन में जमीन का दाखिल खारिज हो जाता है. इससे परेशानी से निजात मिल जाती है.

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