दलित व सैनिकों की जान सस्ती, सामान महंगे

Published at :31 Aug 2016 3:28 AM (IST)
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दलित व सैनिकों की जान सस्ती, सामान महंगे

घैलाढ़ प्रखंड कार्यालय पर भाकपा कार्यकर्ताओं ने 11 सूत्री मांगों को लेकर किया प्रदर्शन घैलाढ : भूमिहीनों को वासगीत परचा, सुखार पीड़ित किसानों को डीजल अनुदान, भान टेकठी सहित सभी गांवों का विद्युतीकरण, घैलाढ में अतिक्रमण के नाम पर तोड़े गये घरों से विस्थापित दलितों एवं गरीबों एवं गरीबों को पुनर्वास, जर्जर सड़क का निर्माण, […]

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घैलाढ़ प्रखंड कार्यालय पर भाकपा कार्यकर्ताओं ने 11 सूत्री मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

घैलाढ : भूमिहीनों को वासगीत परचा, सुखार पीड़ित किसानों को डीजल अनुदान, भान टेकठी सहित सभी गांवों का विद्युतीकरण, घैलाढ में अतिक्रमण के नाम पर तोड़े गये घरों से विस्थापित दलितों एवं गरीबों एवं गरीबों को पुनर्वास, जर्जर सड़क का निर्माण, सबकों इंदिरा आवास एवं पेंशन आदि मांगों को लेकर मंगलवार को भाकपा कार्यकर्ताओं ने प्रखंड कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा के अंचल संयोजक मोहन पासवान, युवानेता कृष्णा मुखर्जी, देवेंद्र यादव, वीरेंद्र यादव, विश्वनाथ चौपाल, उमेश साह आदि नेता कर रहे थे.
प्रखंड कार्यालय परिसर में प्रदर्शनकारियों एवं जन समूह को संबोधित करते हुए भाकपा राज्य कार्यकारिणी के सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं की लूट एवं खाद्य सामग्रियों व जीवन उपयोगी समानों की बढती कीमत दलितों एवं महिलाओं पर हो रहे अत्याचार, भीषण गरीबी व बेकारी से आम लोगों का जीना दूभर हो गया है. बाढ और सुखार से परेशान एवं कर्ज के तले दबे किसान बड़ी संख्या में आत्म हत्या कर रहे है. इनके अच्छे दिन तो नहीं आये. परंतु कॉरपोरेटो के अच्छे दिन अवश्य आ गये. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभी वादें झलावा साबित हुआ.
उन्होंने कहा कि आज देश में आतंक और असहिष्णुता का वातावरण है. असमानताएं बढ रही है. भाकपा नेता ने कहा कि इन समस्याओं इन समस्याओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए तरह – तरह के नारे दिये जा रहे है. उन्होंने कहा कि कल छोटे मोदी मधेपुरा आये थे. इनके मुंह से राम राम, दिमाग में नाथू राम, हाथ में तिरंगा और उदेश्य था दंगा. भाकपा नेता प्रभाकर ने अपने हक और हकूक के लिए वतन के हिफाजत के लिए जन आंदोलन तेज करने का आहवान किया. पार्टी के जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ने कहा कि आज देश में औरत की इज्जत, किसान की जिंदगी, दलितों और सैनिकों की जान छोड़ कर सब कुछ मंहगा है. उन्होंने बेकारों को काम एवं किसानों के फसल का लाभकारी दाम देने की मांग की.
भाकपा के वरीय नेता रमण कुमार, बीरेंद्र नारायण सिंह, प्रो ललन कुमार मंडल, युवा नेता शंभु क्रांति ने सभी भूमिहीनों को वासगीत परचा, 60 वर्ष से अधिक वर्ष वाले किसान मजदूरों को तीन हजार रुपये मासिक पेंशन, बाढ सुखार का स्थायी निदान, किसानों को डीजल अनुदान देने की मांग सरकार व प्रशासन से की. इस अवसर पर भाकपा नेता छोटेलाल मंडल, पवन सादा, शंभु मंडल, अशोक राम, अरूण पासवान, राजेश्वर सादा, सुशील पासवान, चंदेश्वरी पासवान, कारी देवी, भागवत मंडल, चंद्रदेव मंडल समेत अन्य नेताओं ने खाद्यान्न के बदले खाने में नगद भुगतान की योजना वापस लेने की मांग की. अंत में प्रतिनिधिमंडल 11 सूत्री मांगों का स्मार पत्र बीडीओ को सौपा.
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