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हवा में चलेगी डबल डेकर बस, परिवहन व्यवस्था सुधरने के बाद बिहार में बिछेगा उद्योगों का जाल

Updated at : 01 Mar 2019 8:19 AM (IST)
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हवा में चलेगी डबल डेकर बस, परिवहन व्यवस्था सुधरने के बाद बिहार में बिछेगा उद्योगों का जाल

मधेपुरा : रोजगार को बढ़ावा देने के लिए उद्योग की आवश्यकता होती है. किसी भी क्षेत्र में पानी, बिजली, परिवहन व सुलभ संपर्क उद्योग को जन्म देता है. बिहार में सबकुछ है. इसके बावजूद उद्योग धंधे में कमी है तो वह कहीं न कहीं सड़क संपर्क खराब होने का नतीजा है. इसे भी पूरी तरह […]

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मधेपुरा : रोजगार को बढ़ावा देने के लिए उद्योग की आवश्यकता होती है. किसी भी क्षेत्र में पानी, बिजली, परिवहन व सुलभ संपर्क उद्योग को जन्म देता है. बिहार में सबकुछ है. इसके बावजूद उद्योग धंधे में कमी है तो वह कहीं न कहीं सड़क संपर्क खराब होने का नतीजा है. इसे भी पूरी तरह दुरूस्त किया जा रहा है. वहीं गंडक व कोसी को जलमार्ग घोषित करने के बाद पोत परिवहन की राह भी आसान की जा रही है. सांसद पप्पू यादव लगातार मेरे पीछे पड़े रहे.
इसी का नतीजा है कि कोसी की पवित्र भूमि पर आने का मौका मिला है. यहां की तस्वीर बदले इसको ध्यान में रखते हुये पूरे क्षेत्र में राजमार्ग, पुल का जाल बिछाया जा रहा है. उपरोक्त बातें पथ परिवहन, राष्ट्रीय राज्यमार्ग व पोत परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बीएनमंडल स्टेडियम के कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कही.
उन्होंने सांसद समेत बिहार के अन्य जनप्रतिनिधि व मंत्रियों को नागपुर आने का निमंत्रण देते हुये कहा कि वह क्षेत्र भी कृषि प्रधान है, लेकिन वहां के किसानों ने ऊर्जा क्षेत्र से खेती को जोड़कर तस्वीर बदल रखी है. चीनी मिल से निकला इथनॉल बसों को इंधन प्रदान कर रहा है. सीएनजी का निर्माण हो रहा है, जबकि टीवीएस व बजाज जैसे कंपनी से वार्ता कर इथनॉल आधारित बाइक व ऑटो रिक्शा, स्कूटर का निर्माण कराया गया है, जो पारंपरिक पेट्रोल डीजल को आने वाले समय में जैव इंधन रिप्लेश करने की राह दिखाता है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऑस्ट्रिया के रोप वे कार की अग्रणी कंपनी के साथ वार्ता कर भारत में डबल डेकर हवा में चलने वाली बस चलाने की योजना अंतिम रूप में है. सड़क पर निर्मित खंभे व रोप वे के सहारे चलने वाली ये बसें परिवहन की तस्वीर बदेलगी. यह बसें पूरी तरह बिजली से चलेगी और गली मुहल्लों तक पहुंचेगी.
बोले सांसद, धर्म पिता ने दिया ओवरब्रिज : कार्यक्रम को संबोधित करते हुये सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुये कहा कि उन्होंने धर्म पिता के रूप में कोसी का दर्द महसूस किया. यही कारण है कि कोसी की आजादी व बदलाव की गाथा लिखने के उनके मुहिम के सहभागी बनें और इस क्षेत्र को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने का काम किया. सांसद ने कहा कि आर्शीवाद के रूप में सहरसा ओवरब्रीज दिया तो फुलौत व सिंहेश्वर के पुल का टेंडर शीघ्र करा कर कार्य कराने की बात कही. पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने इस क्षेत्र में चल रहे योजनाओं की जानकारी देने के साथ कोसी महासेतु का नाम अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर रखने की मांग की. ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इस क्षेत्र के सांस्कृतिक व पौराणिक महत्व को बताया. बिहार सरकार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि असंभव को संभव बनाने का दो ही नाम है एक भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी. दोनों ही विकास की इबारत लिखने व दिनरात कार्य करने के लिए जाने जाते है.
मौके पर मंत्री रमेश ऋषिदेव, पूर्व मंत्री रेणू कुशवाहा, रविंद्र चरण यादव, विश्वमोहन कुमार, विधायक नीरज कुमार बबलू, पूर्व विधायक डॉ आलोक रंजन, संजीव कुमार झा, सुरेंद्र यादव, किशोर कुमार मुन्ना सहित नीरज गुप्ता, राम कुमार, पूर्व प्रत्याशी डॉ विजय कुमार विमल, विजय कुशवाहा, डॉ रामनरेश सिंह, दिलीप सिंह, जदयू अध्यक्ष विजेंद्र प्रसाद यादव, जाप अध्यक्ष प्रो मोहन मंडल, प्रो मिथिलेश झा, पंकज कुमार, त्रिलोक झा, शेलेंद्र कुमार, देवाशीष पासवान, शेलेंद्र शेखर, चंद्रगुप्त, नूतन सिंह, हॉली क्रास की निदेशक डॉ वंदना कुमारी सहित अन्य मौजूद थे. मंच संचालन शशि प्रभा जायसवाल ने किया. धन्यवाद ज्ञापन भाजपा जिलाध्यक्ष स्वदेश कुमार ने किया.
इन योजनाओं का हुआ शिलान्यास कार्यारंभ : पथ परिवहन, राष्ट्रीय राज्यमार्ग व पोत परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने महेशखूंट, सहरसा, मधेपुरा से पूर्णिया जाने वाली एनएच 107 का टू लेनिंग व विस्तारीकरण का कार्यारंभ किया. वही भारत माला परियोजना के तहत उमागांव-बासोपट्टी-कलुआही, सहरघाट-बैनीपट्टी-रहिका तक 47.75 किमी लंबाई, राष्ट्रीय राजमार्ग 527 व 527ए के रहिका-पौखरौनी-रामपट्टी खंड तक 14.88 किमी, राष्ट्रीय राज्यमार्ग 527ए बिदेश्वर स्थान से भेजा तक 26.04 किमी, राष्ट्रीय राज्यमार्ग 327 ई के बकौर-परसरमा-बनगांव-बरियाही खंड और महिषी तक स्पर का 39.145 किमी लंबाई को दो लैन पेव्ड शोल्डर सहित चौड़ीकरण व उन्नयन कार्य के लिए डीपीआर बनाकर शिलान्यास किया, जबकि कोसी नदी पर 10.2किमी लंबे पुल व पहुंच पथ के साथ 13.3 किमी लंबाई के 984 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया गया.
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