हे छठ मइया सुन ली अरजिया हमार

Published at :26 Oct 2017 6:13 AM (IST)
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हे छठ मइया सुन ली अरजिया हमार

निर्जला उपवास रख शाम में खाया खरना का प्रसाद अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ आज, तैयारी पूरी लखीसराय : बिहार का सबसे महान आस्था का पर्व छठ अब किसी परिचय का मुहताज नहीं है. बिहार से फैलते फैलते अब सभी राज्यों के साथ विदेश में भी इस पर्व को पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. […]

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निर्जला उपवास रख शाम में खाया खरना का प्रसाद

अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ आज, तैयारी पूरी
लखीसराय : बिहार का सबसे महान आस्था का पर्व छठ अब किसी परिचय का मुहताज नहीं है. बिहार से फैलते फैलते अब सभी राज्यों के साथ विदेश में भी इस पर्व को पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. इस पर मीडिया में आलेख भी छपते रहे हैं. तमाम राजनीतिक पार्टियां भी इस मौके पर छठव्रतियों के बीच पूजन सामग्री का वितरण, घाटों की साफ सफाई कर लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने का काम भी करते रहे हैं. देखा जाये तो यह पर्व अपने आप में अनोखा है.
जिसमें बिना जात पात, भेदभाव के लोग अपने आप छठव्रतियों के लिये कार्य करते हैं. इसमें बिना पंडित के तथा बिना किसी बाह्य आडंबर के प्रकृति की पूजा की जाती है और अस्त एवं उदय होते सूर्य को अर्घ दिया जाता है. इस पर्व पर रविवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में कहा कि दुनिया भर के लोग उगते सूरज की पूजा करते हैं , लेकिन छठ एक मात्र ऐसा पर्व है जिसमे छठव्रतियों द्वारा अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ देकर आराधना किया जाता है. जो कि एक बड़ा सामाजिक संदेश है. उन्होंने कहा कि छठ पूर्वी भारत का बड़ा पर्व है और पूरे पवित्रता के साथ मनाया जाता है.
जो चार दिनों तक चलता है. सूर्य को ऊर्जा का भगवान माना जाता है. सूर्य की पूजा स्वास्थ्य, समृद्धि और प्रगति के लिये की जाती है. इधर प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात में छठ पर्व पर अपना विचार देने से छठव्रतियों एवं उनके परिजनों में खुशी का माहौल है. अब छठ पर्व को जल्द ही राष्ट्रीय पर्व का दर्जा दिलानें की मांग संजय कुमार, प्रो रामानंद सिंह, इंदु भारद्वाज, प्रो सदानंद सिंह, अशोक कुमार, सुदामा कुमार आदि ने किया है.
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