किशनगंज में जगह-जगह कार्यक्रम, जन्माष्टमी पर कृष्ण के बाल रूप की पूजा

Published at :28 Aug 2013 11:27 PM (IST)
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किशनगंज में जगह-जगह कार्यक्रम, जन्माष्टमी पर कृष्ण के बाल रूप की पूजा

बहादुरगंज: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर सुभाषनगर परिसर में रूप सज्जा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जहां संस्था के छोटे-छोटे भैया-बहनों ने रूप सज्जा में भाग लेकर राधे-कृष्ण, सुदामा, मीरावाई व बलराम के विभिन्न रूपों को लेकर आकर्षक कला पेश किये. छात्रों ने कृष्ण भक्ति गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर […]

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बहादुरगंज: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर सुभाषनगर परिसर में रूप सज्जा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जहां संस्था के छोटे-छोटे भैया-बहनों ने रूप सज्जा में भाग लेकर राधे-कृष्ण, सुदामा, मीरावाई व बलराम के विभिन्न रूपों को लेकर आकर्षक कला पेश किये. छात्रों ने कृष्ण भक्ति गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर वहां मौजूद लोगों के मन मोह लिया. इससे पहले सरस्वती शिशु मंदिर के अध्यक्ष निर्मल संचेती ने मौके पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस दौरान विद्यालय के प्राचार्य गोपाल कुमार झा, सजा सेवी बंटी सिन्हा, कांता प्रसाद भगत सहित संस्था के सभी आचार्यगण ने कार्यक्रम का लुत्फ उठाया. कार्यक्रम में गोपाल झा ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के बताये मार्गों से सीख लेने की अपील की. कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर संस्था के आचार्यगण पवन मंडल, विष्णु सिन्हा, विवेक मिश्रा, किरण ओझा, अजय कर्ण व सोनू जैन आदि ने सराहनीय योगदान निभाया.

जन्माष्टमी पर 14 बच्चों ने लिया जन्म

किशनगंज त्र जन्माष्टमी के पावन मौके पर शहर सहित जिले के दूर दराज के इलाकों की दर्जनों महिलाएं प्रसव पीड़ा उपरांत स्थानीय सदर अस्पताल में भरती हुई. 5241 वर्ष बाद इस वर्ष जन्माष्टमी के मौके पर कृष्ण जन्म मुहुर्त में बनने वाले अद्भूत संयोग है. इसमें कई माताओं में रात 12 बज कर 12 मिनट में अपने बच्चे को जन्म देना चाहती हैं. स्थानीय सदर अस्पताल में समाचार प्रेषण तक कुल 14 माताओं ने संतान सुख प्राप्त किया. इनमें से कई महिलाएं जिनका प्रसव काल अगले एक-दो दिन में पूरा होने वाला था वो भी नर्सिंग होम पहुंच इस शुभ मुर्हुत में अपने कन्हैया को जन्म देना चाहती है. वहीं कई महिलाएं ऐसी भी मिली जो ऑपरेशन द्वारा ही सही रात 12 बजे कर 12 मिनट पर अपने राधा-कृष्ण को जन्म देना चाहती थी.

जन्माष्टमी पर महिलाओं ने रखा व्रत

दिघलबैंकत्र भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर बुधवार को जन्माष्टमी की धूम रही. कन्हैया के आगमन को लेकर महिलाएं परंपरागत रूप से इस दिन उपवास रखती है तथा मध्य रात्रि को भगवान के जन्म के उपरांत ही अपना उपवास समाप्त करती है. प्रखंड क्षेत्र के तुलसिया ठाकुरबाड़ी मंे भक्तों का तांता लगा रहा .वहीं स्थानीय स्तर पर इस दिन नारियल खेला का भी आयोजन किया गया. जबकि कई अन्य जगहों पर गुरुवार को नारियल खेल आयोजित हुआ. पौराणिक कथाओं के अनुसार भादो मास की अष्टमी को कंश के कड़े पहरे के बीच जेल के भीतर माता देवकी ने अपने आठवें पुत्र भगवान श्रीकृष्ण को जन्म दिया था.जो भगवान विष्णु का अवतार माने जाते है तथा संसार में अपनी भव्य लीलाओं के लिए जाने जाते है.

प्रखंड में जन्माष्टमी की रही धूम

छत्तरगाछ त्र प्रखंड क्षेत्र में बुधवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया. इस दौरान महिलाओं ने व्रत रख कर पर्व की शुरुआत की. जानकारी क अनुसार लोगों ने इस मौके पर मंदिरों को खूब सजाया तथा कई प्रकार के फलों तथा लड्डू के भोग भी लगाये. पंडित श्याम बिहारी गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि पांच हजार 239 वर्ष पूर्व ठीक इसी मुर्हुत में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था. इसी मुर्हुत में कृष्ण जन्माष्टमी इस बार पड़ा है. जिसके कारण यह काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इधर पोठिया दुर्गा मंदिर तथा छत्तरगाछ हनुमान मंदिर, शिव मंदिर कलियागंज में बड़े ही धूमधाम के साथ जन्माष्टमी मनाया जा रहा है.

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