पूर्ण शराबबंदी के बाद बढ़ गये हैं कोरेक्स के शौकीन

Updated at : 07 Feb 2017 6:43 AM (IST)
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पूर्ण शराबबंदी के बाद बढ़ गये हैं कोरेक्स के शौकीन

खगड़िया : कोरेक्स नाम सुनते ही खांसी की दवा की याद आती है लेकिन शहर में इस जीवन दायिनी दवा को युवा वर्ग के लोग दारू के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. स्थिति यह है कि शराब बंदी के बाद स्थानीय स्तर पर नशे के आदि लोग अधिकतर युवा इसकी चपेट में आ रहे […]

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खगड़िया : कोरेक्स नाम सुनते ही खांसी की दवा की याद आती है लेकिन शहर में इस जीवन दायिनी दवा को युवा वर्ग के लोग दारू के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. स्थिति यह है कि शराब बंदी के बाद स्थानीय स्तर पर नशे के आदि लोग अधिकतर युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं. युवाओं में इसका स्वाद चखने की आदत सी बनती जा रही है. कुछ दवा व्यवसायियों द्वारा पैसे की लालच में कोरेक्स को अधिक कीमत पर बेची जा रही है. शाम ढलते ही स्टेशन रोड, हॉस्पिटल चौक,

बखरी बस स्टैंड आदि जगहों पर कोरेक्स के शौकीनों की भीड़ लग जाती है. चिकित्सक बताते हैं कि कोरेक्स के अधिक सेवन से लिवर में खराबी आ जाती है. इससे मानव शरीर में प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है. यह दवा पटना से खगड़िया पहुंचता है. कुछ भेंडर अवैध रूप से पटना से कोरेक्स लाकर दुकानदार को सप्लाई कर रहें हैं. शराबबंदी का ही असर है कि शराब पीने वाले तरह तरह के नशे के तरकिब ढूंढ रहे हैं.

100 से 200 रुपये में बिक रहा है कफसिरप : कोरेक्स खांसी की दवा है. इसमें अल्कोहल की मात्रा 27 फीसदी होती है. इसके कारण अधिक सेवन से व्यक्ति को निंद आ जाती है. युवा इसका सेवन नशे के रूप में कर रहें है. कोरेक्स का सेवन कर रहे युवाओं ने बताया कि छोटी फाइल 100 रुपये व बड़ी फाइल 200 रुपये में मिलती है. कभी कभी यह 200 रुपये के पार भी पहुंच जाता है. जाने माने चिकित्सक डाॅ संजय कुमार ने बताया कि कोरेक्स में इंसिड्रील नामक तत्व पाया जाता है. जो नशीला होता है. लोग यदि इसका इस्तेमाल नशे के रूप में कर रहें है तो वह इसके जिम्मेवार स्वयं ही हैं. दवा विक्रेताओं को चाहिए कि वे बिना डाॅक्टर के परची के कफसिरप ना दे. ताकि इस तरह की बिक्री पर प्रतिबंध लग सके.
स्वास्थ्य के लिए है हानिकारक
बाजार में खुलेआम बिक रहे बेनाड्रील में डाईफिनेगाई, ड्रामाइन, हाइड्रोक्लोराइड, अमोनियम क्लोराइड, सोडियम नाइट्रेट है जो क्षमता से अधिक प्रयोग करने से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है.
चिकित्सक डाॅ ट्विंकल कुमारी ने बताया कि इसका सबसे अधिक प्रभाव हृदय पर होता है. शराब से भी अधिक खतरनाक कफसिरप है. कुछ लोग बिना डाॅक्टर के परची के कफसिरप बेच रहे हैं.
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