राशि मिलना आसान नहीं

Published at :04 Jan 2016 1:26 AM (IST)
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राशि मिलना आसान नहीं

खगड़िया : लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के लागू होने के बाद भी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लाभुकों को राहत मिली है. लेकिन अभी भी बहुत सारे आवेदकों में जागरूकता की कमी है. जिसके कारण वैसे लाभुकों को प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है. आरटीपीएस में विवाह योजना का आवेदन जमा करने पर […]

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खगड़िया : लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के लागू होने के बाद भी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लाभुकों को राहत मिली है. लेकिन अभी भी बहुत सारे आवेदकों में जागरूकता की कमी है. जिसके कारण वैसे लाभुकों को प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है. आरटीपीएस में विवाह योजना का आवेदन जमा करने पर लाभुकों को पावती रसीद दी जाती है.

जिसपर सेवा प्रदान करने की तिथि 15 कार्य दिवस अंकित रहता है. जबकि, विवाह योजना की राशि मिलने में दो से तीन वर्ष का समय लग जाता है. पावती रसीद पर सेवा प्रदान करने की तिथि 15 कार्य दिवस अंकित रहने से आवेदकों में ऊहापोह की स्थिति बन जाती है और वे राशि के प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना शुरू कर देते हैं.

बिचौलियों के झांसे में नहीं आयें
विवाह योजना की राशि के लिए किसी को भी पैसे देने की जरूरत नहीं है. अगर कोई पैसे की मांग करता है तो लाभुकों को वरीय अधिकारियों से शिकायत करनी चाहिए. कई बार इस तरह की शिकायत सामने आ चुकी है कि विवाह योजना की राशि के एवज में बिचौलिया पैसे की मांग करते हैं. इस अधिनियम का उद्देश्य बिचौलिया से मुक्ति दिलाना है. बावजूद इसके जानकारी के आभाव में लाभुक बिचौलिया के झांसे में पड़ जाते हैं.
राशि मिलने में दो से तीन वर्ष का समय
विवाह योजना का आवेदन जमा करने के बाद 15 कार्य दिवस में आवेदनों को निष्पादित किया जाता है. जबकि, राशि मिलने में दो से तीन वर्ष का समय लग जाता है. आवंटन नहीं रहने की स्थिति में लाभुकों की परेशानी बढ़ जाती है. लाभुकों को 15 कार्य दिवस में यह पता चल जाता है कि उनका आवेदन स्वीकृत हुआ अथवा अस्वीकृत.
लाभुकों को मिलता है चेक
लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद लाभुकों को पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर चेक दिया जाता है. ताकि, अनियमितताओं पर अंकुश लग सके. इस अधिनियम के लागू होने के बाद भी बिचौलियों का प्रभाव कम नहीं हुआ है.
कई क्षेत्रों में सक्रिय बिचौलिया लाभुकों को विवाह योजना का लाभ दिलाने के लिए राशि की मांग करते हैं. हालांकि, लाभुकों को विवाह योजना का चेक दिये जाने से स्थिति में कुछ सुधार जरूर हुआ है.
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