अंचल नाजिर ने किया 14 लाख का अस्थायी गबन, डीएम ने करायी दो घंटे में रिकवरी

Updated at : 27 Mar 2018 5:01 AM (IST)
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अंचल नाजिर ने किया 14 लाख का अस्थायी गबन, डीएम ने करायी दो घंटे में रिकवरी

डीएम ने किया अंचल कार्यालय का निरीक्षण अभी भी है गड़बड़ी की आशंका गड़बड़ी की आशंका को ले डीएम ने की जांच टीम गठित डीसीएलआर करेंगे जांच खगड़िया : जिलाधिकारी रविवार से खगड़िया अंचल कार्यालय का निरीक्षण कर रहे हैं. इसी क्रम में सोमवार को उन्होंने पाया की अंचल नाजिर गौतम कुमार ने 14 लाख […]

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डीएम ने किया अंचल कार्यालय का निरीक्षण

अभी भी है गड़बड़ी की आशंका
गड़बड़ी की आशंका को ले डीएम ने की जांच टीम गठित
डीसीएलआर करेंगे जांच
खगड़िया : जिलाधिकारी रविवार से खगड़िया अंचल कार्यालय का निरीक्षण कर रहे हैं. इसी क्रम में सोमवार को उन्होंने पाया की अंचल नाजिर गौतम कुमार ने 14 लाख 50 हजार का अस्थायी गबन किया है. डीएम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो घंटे के अंदर राशि रिकवरी करायी. राशि रिकवरी के बाद सरकार के खजाने में जमा करा दिया गया. मालूम हो कि चार-पांच महीनों से लगान वसूली के माध्यम से जो राशि अंचल नाजिर के पास जमा करायी गयी थी, जिसका एऩआर काटा गया वो रकम लगभग 14 लाख 53 हजार की थी. उक्त रकम को नियमत: सरकार के खजाने में जमा कर दिया जाना था,
लेकिन निरीक्षण के दौरान पाया गया कि उक्त रकम सरकार के खजाने में जमा नहीं की गयी. साथ ही अन्य राजस्व कर्मचारियों के पास लगान वसूली के 3 लाख 50 हजार रुपये भी तुरंत चलान के द्वारा जमा करने का निर्देश दिया गया. डीएम ने आशंका जतायी कि संभवत: ऐसी स्थिति अन्य अंचलों में भी हो सकती है. उन्होंने कहा कि संबंधित नाजिर से स्पष्टीकरण मांगा जायेगा.
डीसीएलआर करेंगे हल्का की जांच: डीएम ने मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दिया है. सदर अंचल के हल्का नंबर 5, 6, 7, 8 का निरीक्षण डीसीएलआर को करने का आदेश दिया है. उक्त हल्का में क्या सरकारी जमीन का भी मोटेशन हुआ है. पिछले कई वर्षों का लगान रसीद एक मुस्त काट दिया जाना, क्या सिलिंग की जमीन का भी भू-अर्जन हुआ है. मोटेशन की अद्यतन स्थिति क्या है आदि विभिन्न बिंदुओं के आलोक में डीसीएलआर जांच कर स्पष्ट प्रतिवेदन उपलब्ध करायेंगे. मालूम हो कि इस निरीक्षण में कई अहम खुलासे की संभावना है.
गबन के मामले में राजस्व कर्मचारी जा चुके हैं जेल: सरकारी राशि गबन के मामले में राजस्व कर्मचारी दिनेश दास जेल जा चुके हैं. लगातार मिल रही शिकायत के बाद डीएम ने जांच करने का निर्णय लिया. मालूम हो कि पूर्व में भी राशि गबन किये जाने की शिकायत मिल चुकी है. राजस्व कर्मचारी के अचानक लापता होने के बाद की गयी जांच से गबन का मामला सामने आने लगा है.
राजस्व विभाग में वर्षों से चल रहा है लेनदेन का कारोबार: राजस्व विभाग में वर्षों से लेन देन के बाद काम करने का सिलसिला जारी है. जमाबंदी कायम कराना हो, चाहे जमीन का मालिकाना हक की जानकारी लेनी हो बिना चढ़ावा जानकारी नहीं दी जाती है. यही कारण है कि लोभ में कई राजस्व कर्मचारी निगरानी के हत्थे चढ़ चुके हैं. दो माह पूर्व अलौली के राजस्व कर्मचारी सुधीर सिंह व उनके भाई को निगरानी की टीम ने रंगे हाथ पकड़ा था. यह मात्र एक उदाहरण है अब तक एक दर्जन से अधिक कर्मचारी व अधिकारी निगरानी के हत्थे चढ़ चुके हैं. इसके बावजूद राजस्व कर्मचारी सही को गलत , गलत को सही साबित करने के चक्कर में अवैध राशि की वसूली से बाज नहीं आ रहे हैं.
जमीन विवाद के कारण हो रही हत्याएं: जिले में अधिकांश विवाद जमीन को लेकर हो रहे हैं. विवाद में अहम भूमिका अंचल के कर्मी द्वारा निभाया जा रहा है. अवैध कमाई के चक्कर में सही को गलत, गलत को सही जमीन बता देने के कारण न्यायालय में विवाद बढ़ रहा है. बीते एक दशक में दर्जनों लोगों की हत्याएं हो चुकी है. इसके बावजूद फर्जीवाड़ा पर लगाम नहीं लग पाया है.
लगातार होनी चाहिए जांच: जिलाधिकारी के जांच के बाद राजस्व कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है, लेकिन लोगों ने डीएम की पहल की सराहना की है. न्यायप्रिय लोगों ने बताया कि इस तरह अंचल ही नहीं अन्य कार्यालय का जांच लगातार होनी चाहिए. तभी कर्मियों में भय बनेगा. और वे फर्जीवाड़ा करने से बाज आयेंगे.
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