आंगनबाड़ी की डोर जीविका दीदी के हाथ
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
कटिहार : सरकारी विद्यालयों में गुणात्मक सुधार तो आया नहीं अब जीविका दीदी आंगनबाड़ी केंद्र में भी निरीक्षण के जरिये सुधार लायेंगी. दरअसल राज्य सरकार स्वयं सहायता समूह से जुड़ी जीविका दीदी पर मेहरबान है. विद्यालय के निरीक्षण का दायित्व मिलने के बाद अब जीविका के ग्राम संगठन से जुड़ी महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्र का भी […]
विज्ञापन
कटिहार : सरकारी विद्यालयों में गुणात्मक सुधार तो आया नहीं अब जीविका दीदी आंगनबाड़ी केंद्र में भी निरीक्षण के जरिये सुधार लायेंगी. दरअसल राज्य सरकार स्वयं सहायता समूह से जुड़ी जीविका दीदी पर मेहरबान है. विद्यालय के निरीक्षण का दायित्व मिलने के बाद अब जीविका के ग्राम संगठन से जुड़ी महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण करेंगी. बुधवार को समाज कल्याण विभाग की प्रधान सचिव वंदना किनी ने बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन समिति जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को इस आशय से संबंधित पत्र लिखकर आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़े प्रस्ताव का प्रारूप भी भेजा है.
प्रधान सचिव ने जीविका के सीइओ को लिखे पत्र में साफ तौर पर कहा है कि मुख्यमंत्री बिहार की ओर से निश्चय यात्रा के दौरान दिये निर्देश के आलोक में शिक्षा विभाग के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों का जीविका की महिला समूह के ग्राम संगठन की सामाजिक कार्यसमिति की ओर से निरीक्षण किये जाने की व्यवस्था के अनुरूप ही आंगन बाड़ी केंद्रों की निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के प्रस्ताव पर समाज कल्याण मंत्री व मुख्य सचिव की ओर से सैंद्धांतिक सहमति दी गयी है. पत्र में कहा गया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों को जीविका के ग्राम संगठन की समाजिक कार्यसमिति के सदस्यों की ओर से निरीक्षण कराने के लिए प्रस्ताव का प्रारूप भेजा गया है.
शिकायत निवारण पंजी का होगा संधारण : निरीक्षण से संबंधित प्रारूप के अनुसार निरीक्षण प्रतिवेदन जीविका के प्रखंड कार्यक्रम क्रियान्वयन इकाई को समर्पित किया जायेगा. जीविका के प्रखंड प्रबंधक निरीक्षण प्रतिवेदन को समेकित कर संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को कार्रवाई के लिए अग्रसारित करेंगे. प्रत्येक परियोजना में सीडीपीओ के की ओर से जीविका के सदस्यों से प्राप्त शिकायतों के लिये एक शिकायत निवारण पंजी संधारित की जायेगी. आंगनबाड़ी केंद्र वार प्राप्त शिकायतों को अंकित करते हुए उसके निवारण की दिशा में पहल की जायेगी.
सीडीपीओ की ओर से प्रतिमाह होने वाली शिकायत एवं उसके निवारण से संबंधित प्रतिवेदन जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को उपलब्ध कराया जायेगा. डीपीओ की ओर से प्रत्येक माह परियोजनावार उसकी समीक्षा की जायेगी. साथ ही उसे विभागीय वेबसाइट केएमआइएस पर भी अपलोड किया जायेगा. कटिहार में 2700 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं.
अबतक विद्यालय का निरीक्षण करती है जीविका दीदी : दरअसल पूर्व शराब बंदी के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसका पूरा श्रेय जीविका दीदी को तो दिया ही है. लेकिन अति उत्साहित होकर मुख्यमंत्री जीविका दीदी को विद्यालय का निरीक्षण करने की जिम्मेवारी पहले ही दे चुके हैं.
जबकि विद्यालय के रख रखाव व उसके संचालन आदि को लेकर शिक्षा अधिकार कानून के तहत सभी प्रारंभिक विद्यालयों में 17 सदस्यीय विद्यालय शिक्षा समिति पिछले तीन वर्षों से गठित है. इस विद्यालय शिक्षा समिति को सशक्त करने के बजाये एक अलग निरीक्षण दल तैयार कर जीविका को इसकी जिम्मेवारी दे दी गयी है.
करीब छह महीने से जीविका दीदी की ओर से विद्यालय का निरीक्षण किया जाता है. लेकिन अब भी सभी विद्यालयों छह माह पूर्व की तरह अब भी संचालित हो रही है. जमीनी स्तर पर यही स्थिति है.
वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन व राज्य सरकार को इस आशय से संबंधित रिपोर्ट जारी करनी चाहिए थी कि जीविका के की ओर से निगरानी किये जाने के बाद विद्यालय में क्या गुणात्मक सुधार आया है. सरकार को इसका अध्ययन भी कराना चाहिए. अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर जीविका दीदी आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण करेगी. जबकि आंगनबाड़ी केंद्र को संचालन को लेकर भी आंगनबाड़ी विकास समिति कार्यरत है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










