गरमी शुरू होते ही बिजली ने रुलाया
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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भभुआ शहर : गरमी शुरू होते ही शहर सहित गांवों तक के लोगों को बिजली कटने व लो-वोल्टेज की समस्या से परेशानी होने लगी है. भभुआ शहर में बने पावर हाउस में शहरी व ग्रामीण इलाकों में निर्वाध बिजली आपूर्ति के लिए 20 मेगावाट बिजली की जरूरत है. वह भी सुबह व शाम में बिजली […]
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भभुआ शहर : गरमी शुरू होते ही शहर सहित गांवों तक के लोगों को बिजली कटने व लो-वोल्टेज की समस्या से परेशानी होने लगी है. भभुआ शहर में बने पावर हाउस में शहरी व ग्रामीण इलाकों में निर्वाध बिजली आपूर्ति के लिए 20 मेगावाट बिजली की जरूरत है. वह भी सुबह व शाम में बिजली व्यवस्था को ठीक ढंग से चलाने के लिए दो-चार मेगावाट ज्यादा बिजली की आवश्यकता होती है.
लेकिन आवश्यकता से कम बिजली मिलने की वजह से बिजली आपूर्ति ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. कड़ाके की धूप व गरमी की मार झेल रहे लोगों को बिजली नहीं रहने पर घरों में रहना मुश्किल हो रहा है. गरमी की शुरुआत होते ही शहर सहित ग्रामीण इलाकों में किसी न किसी कारण से बिजली नहीं रहने की शिकायत मिलने लगी और अगर बिजली है भी तो इतने कम वोल्टेज मिल रहे है कि लोगों के घरों में रखा कूलर, एसी व यहां तक की सबमर्सिबल भी नही चल पाता है, जिससे लोगों को पेयजल की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है.
बिजली उपकरण बेकार: उपभोक्ता अपने घरों में गरमी से राहत के लिये एसी, कूलर, पंखे, फ्रिज आदि संसाधन रखते हैं, लेकिन बिजली का सही वोल्टेज नहीं होने से लोगों के घरों में रखे हुए सभी संसाधन बेकार साबित हो रहे हैं. आये दिन उपभोक्ता लो-वोल्टेज को लेकर विभाग में शिकायत करते हैं, लेकिन न ही विभाग उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाता है और न ही उक्त समस्या को लेकर विभाग कभी गंभीर दिखता है. गरमी शुरू की वजह से ट्रांसफाॅर्मर पर फॉल्ट व बदहाल तार के टूटने की समस्या आम हो गयी है. लोगों के घरों में लगे सबमर्सिबल भी लो वोल्टेज के होने से नही चल पा रहे हैं. गरमी में लोगों को चापाकल के सहारे काम चलाना पड़ रहा है. बहुत से शहरवासी सप्लाइ वाटर का पानी खरीद कर अपना काम चला रहे हैं.
बिजली नहीं रहने के कई बहाने
बिजली अगर घरों में नहीं है तो उपभोक्ता सीधे पावर हाउस में फोन लगाते हैं तो पावर हाउस में कार्यरत कर्मचारी का जवाब कई तरह का होता है. कभी शटडाउन की वजह से बिजली नहीं रहने की बात कही जाती है तो कभी कही जाती है कि बिजली ग्रिड से नहीं आ रही है. कभी-कभी तो पावर हाउस के कार्यरत कर्मियों का जवाब सुन कर उपभोक्ता अचंभित रह जाते हैं. कर्मचारी फोन करनेवाले उपभोक्ता से उनके घर का एरिया पूछा जाता है और बताता है कि आपका फीडर चालू है. पता चलता है उक्त इलाके के ट्रांसफाॅर्मर से ही बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है.
क्या कहते हैं अधिकारी
पावर रहने पर बिजली की सप्लाइ की जा रही है. फाॅल्ट की समस्या होने पर बिजली को बंद कर ठीक किया जाता है. लो-वोल्टेज की कुछ समस्या है जिसे जल्द ही दूर किया जायेगा.
आशीष कुमार झा, सहायक अभियंता बिजली विभाग
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