मोहनिया में बंधकों को मुक्त कराने पहुंची पुलिस पर पथराव
मोहनिया में बंधकों को मुक्त कराने पहुंची पुलिस पर पथराव फोटो- 30 बीएचयू 23-हिरासत में लिये गये उपद्रवी.मामादेव गांव में बेटी का सामान लेने पहुंचे पिता व एक अन्य रिश्तेदार को बंधक बनाया, फिर पेड़ से लटका कर पीटा दो डकैतों को पकड़ने की सूचना देकर पुलिस को बुलाया और कर दिया हमला, एसडीपीओ सहित […]
मोहनिया में बंधकों को मुक्त कराने पहुंची पुलिस पर पथराव फोटो- 30 बीएचयू 23-हिरासत में लिये गये उपद्रवी.मामादेव गांव में बेटी का सामान लेने पहुंचे पिता व एक अन्य रिश्तेदार को बंधक बनाया, फिर पेड़ से लटका कर पीटा दो डकैतों को पकड़ने की सूचना देकर पुलिस को बुलाया और कर दिया हमला, एसडीपीओ सहित तीन घायलदामाद की मौत के बाद बेटी का सामान लेने पहुंचे थे परिजन, उपद्रव करनेवाले 10 हिरासत में प्रतिनिधि4मोहनिया(सदर) कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र स्थित मामादेव गांव में अपने दामाद की मौत के बाद गुरुवार की दोपहर बेटी रिंकी व उसकी तीन माह की बच्ची का सामान ले जाने आये कुढ़नी थाना क्षेत्र के वन के बहुअरा गांव निवासी पिता कामेश्वर पासवान व उनके भांजे बक्सर थाना क्षेत्र के उमरपुर गांव निवासी सुभाष पासवान को रिंकी के ससुरालवालों ने बंधक बना लिया और नीम के पेड़ में उलटा लटका कर बेरहमी से पीटा. इतना ही नहीं, एसपी को फोन पर सूचना दी कि गांव में दो डकैत पकड़े गये हैं. एसपी के निर्देश पर पहुंची पुलिस ने बंधकों को छुड़ाने की कोशिश की, तो गांववाले पुलिस से ही उलझ गये. इसकी सूचना एएसआइ उमेश प्रसाद ने एसडीपीओ मनोज राम को दी.जानकारी के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष मनोज कुमार व एसडीपीओ मनोज राम पर आक्रोशित गांववाले टूट पड़े. काफी संख्या में जवानों के साथ पहुंचे दोनों पदाधिकारियों को भाग कर जान बचानी पड़ी. गांववालों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी. इसमें एसडीपीओ सहित तीन जवानों को हल्की चोटें आयीं. पत्थरबाजी से परेशान पुलिस ने भी अपने बचाव में हवाई फायरिंग की. इस दौरान गांववालों ने पुलिस जीप के शीशे तोड़ दिये. पुलिस उपद्रव मचाने के आरोप में 10 लोगों को हिरासत में लिया है.गौरतलब है कि जून, 2015 में कामेश्वर पासवान ने अपनी बेटी रिंकी की शादी मामादेव गांव में आरके पासवान के बेटे महाबली पासवान (22 वर्ष) से की थी. 26 अप्रैल, 2016 को आधी रात में आयी तेज आंधी के दौरान छत से उतरते समय आंगन में चापाकल पर गिरने से महाबली पासवान की मौत हो गयी. इसके बाद उसका श्राद्ध किया गया. इसके साथ ही कोर्ट में हुए समझौते के आधार पर मायकेवाले रिंकी व उसकी बेटी को अपने साथ ले गये. लेकिन, दोनों का सामान मामादेव ही रह गया. इसी सामान को ले जाने के लिए ससुरालवालों ने रिंकी के पिता को गुरुवार को बुलाया था. लेकिन, यहां पहुंचने पर रिंकी के पिता कामेश्वर पासवान व उनके भांजे सुभाष पासवान के साथ बंधक बना कर अमानवीय सलूक किया.
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