दो दिन बाद भी डीएम व एसपी को नहीं मिली आधिकारिक सूचना
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Aug 2018 5:07 AM
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चांद के पंचायत सचिव के वेतन से वसूली जायेगी गबन की गयी राशि कई योजनाओं में 20 लाख रुपये का नहीं दिया था हिसाब तीन वर्षों तक वेतन वृद्धि पर भी लगायी गयी रोक भभुआ : सरकारी राशि के गबन के मामले में रामगढ़ के पूर्व पंचायत सचिव को विभागीय जांच में दोषी पाया गया […]
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चांद के पंचायत सचिव के वेतन से वसूली जायेगी गबन की गयी राशि
कई योजनाओं में 20 लाख रुपये का नहीं दिया था हिसाब
तीन वर्षों तक वेतन वृद्धि पर भी लगायी गयी रोक
भभुआ : सरकारी राशि के गबन के मामले में रामगढ़ के पूर्व पंचायत सचिव को विभागीय जांच में दोषी पाया गया है. उन्होंने सरकार की विभिन्न योजनाओं में अग्रिम लिये गये 2006385 रुपये का हिसाब नहीं दिया था. वह फिलहाल चांद प्रखंड में पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत हैं. दोषी पाये जाने पर पंचायत सचिव का तीन वर्षों तक वेतन वृद्धि स्थगित करते हुए गबन की राशि उनके वेतन से वसूलने का निर्देश दिया गया है.
जानकारी के अनुसार, चार वर्ष पूर्व रामगढ़ प्रखंड में पदस्थापित पंचायत सचिव राधेश्याम प्रसाद को सरकारी योजनाओं की लंबित राशि को जमा नहीं करने व समायोजन नहीं कराने को लेकर विभागीय कार्रवाई में दोषी पाया गया है. बताया जाता है कि पंचायत सचिव द्वारा वृद्धावस्था पेंशन योजना, बीआरजीएफ योजना, छात्रवृत्ति योजना सहित अन्य विकास योजना में अग्रिम राशि ली गयी थी. इसमें अभी भी 20 लाख रुपये से अधिक की राशि पंचायत सचिव के पास लंबित है. इसे लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी रामगढ़ ने उन्हें नोटिस दिया था. नोटिस के जवाब में पंचायत सचिव ने कहा था कि योजनाओं से संबंधित सभी बाउचर, पंजी, मास्टररोल आदि प्रखंड कार्यालय में जमा करा दिये हैं. लेकिन, कार्यालय द्वारा समायोजन नहीं किया गया है.
जबकि प्रखंड कार्यालय में इनके द्वारा योजनाओं से संबंधित जमा-व्यय ब्योरा के समायोजन करने के बावजूद भी इन पर 20 लाख रुपये से अधिक की राशि लंबित चल रही थी. इसके बाद बीडीओ रामगढ़ और अनुमंडलपदाधिकारी के पत्र के आलोक में इनके खिलाफ जांच की कार्रवाई चलाने का निर्णय लिया गया. इस कार्रवाई के संचालनकर्ता स्थापना शाखा के प्रभारी रमेश चंद्र चौधरी को बनाया गया. इस विभागीय कार्रवाई में पंचायत सचिव को दोषी पाया गया है.
इधर, इस संबंध में पूछे जाने पर स्थापना शाखा प्रभारी ने बताया कि सरकारी राशि के गबन के मामले में पंचायत सचिव को दोषी पाया गया है. इसे लेकर पंचायत सचिव के तीन वर्षों तक वेतन वृद्धि को स्थगित करने, नीलाम पत्र दायर करने तथा राशि वसूलने को लेकर अग्रेतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.
पूर्व में भी किया गया था निलंबित
चार वर्ष पूर्व रामगढ़ प्रखंड में पदस्थापित पंचायत सचिव राधेश्याम प्रसाद को पूर्व में भी कार्य के प्रति लापरवाही बरतने आदि मामले में निलंबित किया था. बाद में इनका निलंबन रद्द करते हुए चांद प्रखंड में इन्हें पंचायत सचिव पद पर भेजा दिया गया. जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 में पंचायत सचिव को कार्य में लापरवाही बरतने, सरकारी बैठकों से अनुपस्थित रहने, वरीय पदाधिकारियों के निर्देश का अनुपालन नहीं करने आदि आरोपों में निलंबित किया गया था. वर्ष 2015 में पूर्व जिला पंचायती राज पदाधिकारी फतह फैयाज द्वारा इनका निलंबन रद्द किया गया. इसके बाद इनकी प्रतिनियुक्ति चांद प्रखंड में की गयी. वर्तमान में ये चांद प्रखंड के दुलही, पाढी, कुड्डी आदि पंचायतों के पंचायत सचिव के प्रभार में बताये जाते हैं.
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