सावधान! चूक पड़ सकती है अाप पर भारी

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खतरा . पुराने प्लेटफॉर्म की ऊंचाई है कम, बनी रहती है हादसे की अाशंका जहानाबाद : कोर्ट हॉल्ट पर ट्रेन से उतरने या उसमें सवार होते समय सावधान रहें. जरा चूक आप की जान पर भारी पड़ सकती है. इसका कारण है जहानाबाद कोर्ट हॉल्ट के प्लेटफॉर्म नंबर एक की उंचाई का कम होना. यह […]

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खतरा . पुराने प्लेटफॉर्म की ऊंचाई है कम, बनी रहती है हादसे की अाशंका

जहानाबाद : कोर्ट हॉल्ट पर ट्रेन से उतरने या उसमें सवार होते समय सावधान रहें. जरा चूक आप की जान पर भारी पड़ सकती है. इसका कारण है जहानाबाद कोर्ट हॉल्ट के प्लेटफॉर्म नंबर एक की उंचाई का कम होना. यह प्लेटफॉर्म रेलवे ट्रैक से काफी नजदीक है. ऐसी हालत में ट्रेन में सवार होने या उतरने के दौरान थोडी सी भी चूक होने पर किसी भी यात्री की जान जाने की आंशका बनी रहती है. ट्रेन के आने पर ऊंचाई कम रहने के कारण यात्रियों को उसमें सवार होने में बेहद कठिनाई होती है.
एक तो कि यात्रियों की भीड और फिर अत्यंत कम समय तक गाड़ी का ठहराव रहने के कारण उसमें सवार होने या उतरने के लिए आपाधापी मची रहती है. जो युवक यात्री होते हैं वो किसी तरह सवार हो जाते हैं, लेकिन महिला और बुजुर्गों को क्या परेशानी होती है इसका नजारा उक्त हॉल्ट पर रोज देखा जा सकता है.
जल्दबाजी में लोग प्लेटफॉर्म पर गिर जाते हैं ऐसी स्थिति यहां कई वर्षों से बनी हुई है. प्लेटफॉर्म के कोने भी कई जगहों पर टूटे हुए हैं इस कारण फिसलने से दुर्घटना होती है. यात्री की जान भी गयी है. शहर के होरिलगंज मुहल्ले की निवासी एक महिला सरस्वती देवी की पूर्व में इसी कारण मौत हो गयी थी. उक्त महिला गया जाने के लिए ट्रेन में कोर्ट हॉल्ट पर सवार हो रही थी और गिर जाने से रेल पटरियों के बीच गिर गयी और अचानक ट्रेन खुल गयी जिससे उसकी मौत हो गयी. इसके अलावा और दुर्घटनाएं उक्त हॉल्ट पर हो चुकी है जिसमें लोग जख्मी हुए हैं.
दशा सुधारने के लिए नहीं हो रही कार्रवाई-
कोर्ट हॉल्ट का प्लेटफॉम नंबर एक काफी पुराना है. इस प्लेटफॉर्म पर यात्री कई बुनियादी सुविधाओं से महरूम हैं. शेड, शौचालय बैठने के लिए बेंच और प्लेटफॉर्म की घेराबंदी की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, जबकि सुधार के लिए पूर्व में यात्रियों ने एक प्रस्ताव रेलवे को भेजा था. जिस पर कोई विचार अबतक नहीं हुआ. पुराने व खराब हालत वाले उक्त प्लेटफॉम को दुरुस्त करने के बजाय रेल विभाग उदासीनता बरत रहा है. कोर्ट हॉल्ट के आसपास सिविल कोर्ट, समाहरणालय, पुलिस लाइन, विकास भवन, नगर थाना, ट्रेजरी ऑफिस, सदर प्रखंड व अनुमंडल कार्यालय एवं निबंधन कार्यालय संचालित है.
जहां बड़ी संख्या में अधिकारी व कर्मचारी के साथ आम यात्री इस प्लेटफॉर्म से ट्रेन पकड़ते हैं. पटना-गया से आते हैं. प्रतिदिन हजारों की संख्या में इस हॉल्ट से यात्री यात्रा आरंभ करते हैं. अच्छा राजस्व रेलवे को मिलता है. बावजूद इसकी दशा सुधारने के लिए विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है. जिससे दैनिक यात्रियों के अलावा आम यात्रियों के बीच व्यवस्था के प्रति क्षोभ व्याप्त है.
जहानाबाद स्टेशन के प्लेटफॉर्म का भी नहीं हो रहा एक्सटेंशन:
इधर जहानाबाद स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक की लंबाई को भी नहीं बढ़ाये जाने से यात्री फजीहत झेल रहे हैं. इसका एक्सटेंशन करने की मांग कई बार की गयी. डीआरएम के दौरे के क्रम में भी उनसे मांग की गयी थी. उस वक्त विचार किये जाने की बात कही गयी थी, लेकिन कार्रवाई कुछ भी नहीं हुई .स्थिति ऐसी है कि 16 से अधिक डब्बे वाली खासकर एक्सप्रेस ट्रेनों के कम से कम चार डब्बे प्लेटफॉर्म से बाहर रहता है. यात्रियों को उत्तर दिशा में भाग-दौड़ कर ट्रेन पकड़नी पड़ती है. इस स्टेशन से सालाना एक करोड़ से अधिक का राजस्व रेलवे को जाता है, लेकिन यात्रियों को पर्याप्त सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है.
अभी कोई योजना की जानकारी नहीं : कोर्ट हॉल्ट की ऊंचाई बढ़ाने के मामले में मुझे जानकारी नहीं है. अभी ऐसी कोई योजना नहीं है. किसी तरह की कोई सूचना नहीं मिली है. यात्रियों को परेशानी होती है. रेलवे के मंडल कार्यालय से प्लेटफॉर्म के विकास की योजना बनती है.
चौधरी नरेंद्र कुमार ,स्टेशन प्रबंधक
स्थिति में सुधार के नहीं दिख रहे आसार
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