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अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गये एंबुलेंस कर्मी

Updated at : 06 Aug 2019 5:26 AM (IST)
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अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गये एंबुलेंस कर्मी

जहानाबाद : बिहार राज्य चिकित्सा कर्मचारी संघ (इंटक) के आह्वान पर 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चला गया. हड़ताली कर्मी अपने-अपने एंबुलेंस को सदर अस्पताल परिसर में खड़ा कर अपनी मांगों के समर्थन में धरना दिया. हड़ताली कर्मियों का कहना था कि सरकार के ठेकेदारी नीति के चलते वे […]

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जहानाबाद : बिहार राज्य चिकित्सा कर्मचारी संघ (इंटक) के आह्वान पर 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चला गया. हड़ताली कर्मी अपने-अपने एंबुलेंस को सदर अस्पताल परिसर में खड़ा कर अपनी मांगों के समर्थन में धरना दिया. हड़ताली कर्मियों का कहना था कि सरकार के ठेकेदारी नीति के चलते वे शोषण के शिकार हो रहे हैं.

श्रम अधिनियम की अवहेलना कर एंबुलेंस संचालक कर रही पीडीपीएल एवं सम्मान फाउंडेशन नामक कंपनी कर्मचारियों से 12 घंटे का काम लेती है और उसके एवज में सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम मजदूरी भी नहीं देती है.
पिछले हड़ताल के दौरान राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा कंपनी के प्रतिनिधि एवं कर्मचारियों के बीच समझौता कराया गया था और श्रमायुक्त पटना द्वारा घोषित वार्ता को लागू नहीं करना कंपनी के अड़ियल रवैया को दर्शाता है.
संघ के महामंत्री शशिरंजन के नेतृत्व में कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गये हैं. संघ के अध्यक्ष चितरंजन मिश्रा ने कहा कि एंबुलेंस कर्मी हड़तान करना नहीं चाहते हैं. वे जानते हैं कि इससे आम लोगों को परेशानी होती है, परंतु कंपनी के रवैया से विवश होकर उन्हें अपनी मांगों के लिए यह कदम उठाना पड़ा है.
मनमाना कार्य लेना, कर्मचारियों को निलंबित करना एवं कार्यरत कर्मी को एंबुलेंस बंद कर काम से हटाना कंपनी का दलील बन गया है. जब तक श्रम अधिनियम के तहत कर्मियों को सुविधाएं नहीं मिलेंगी तब तक हड़ताल जारी रहेगा.
रेफर मरीज को लेना पड़ा निजी एंबुलेंस का सहारा : 102 एंबुलेंस कर्मियों के हड़ताल के कारण रेफर मरीजों को निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ा. जिले में चौदह 102 एंबुलेंस का संचालन हो रहा है. वर्तमान में चार एंबुलेंस खराब पड़े हैं.
जबकि दो एंबुलेंस को वाणावर श्रावणी मेले में लगाया गया है. आठ एंबुलेंस जो कि सदर अस्पताल समेत जिले के विभिन्न अस्पतालों में संचालित हो रहे थे. उनका संचालन सोमवार से बंद हो गया. एंबुलेंस कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये और अपनी गाड़ी सदर अस्पताल परिसर में खड़ा कर दिये. ऐसे में रेफर मरीजों को पटना या अन्य बड़े अस्पताल में जाने के लिए निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ा.
निजी एंबुलेंस चालक हड़ताल का फायदा उठाते हुए मरीजों से मनमानी राशि वसूल करते दिखे. सबसे अधिक परेशानी तो गर्भवती महिलाओं और प्रसूता को घर जाने में हुई. ऐसे मरीजों को निजी वाहनों के सहारे अस्पताल आना पड़ा या फिर अस्पताल से घर जाना पड़ा.
कॉल पर पड़ेगा असर
हड़ताली एंबुलेंस कर्मियों द्वारा अस्पताल प्रबंधन को सोमवार की सुबह हड़ताल की जानकारी दी गयी है. हड़ताल का प्रभाव तो पड़ेगा ही, कॉल पर इसका असर पड़ेगा. विशेष रूप से मरीजों को अस्पताल लाने और ले जाने में दिक्कत होगी.
कुणाल भारती, प्रबंधक, सदर अस्पताल, जहानाबाद
हड़ताल से मरीजों को झेलनी पड़ी परेशानी
अरवल : बिहार राज्य चिकित्सा कर्मचारी संघ (इंटक) के बैनर तले 102 एंबुलेंस कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये, जिसके कारण सदर अस्पताल सहित तमाम स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत एंबुलेंस सेवा ठप रहा. इस दौरान कई मरीजों को एंबुलेंस की सेवा की जरूरत पड़ी, लेकिन उन्हें नहीं मिल सका. लिहाजा उन्हें निजी वाहनों का प्रयोग करना पड़ा. एंबुलेंस कर्मियों द्वारा इस दौरान सदर अस्पताल के गेट पर धरना भी दिया गया.
धरने को संबोधित करते हुए संघ के नेताओं ने कहा कि हमलोग एंबुलेंस चालक पीडीपीएल व सम्मान फाउंडेशन पटना के अधीन कार्य करते हैं. इनके साथ छह फरवरी को द्विपक्षीय वार्ता हुई थी. उसमें निर्णय लिया गया था कि श्रम अधिनियम के तहत वेतन का भुगतान किया जायेगा. साथ ही पहले जो छह दिन हड़ताल हुआ है.
उसका भी भुगतान किया जायेगा, लेकिन वार्ता में जो तय हुआ था. उस विषय को अमल में नहीं लाया गया. मजबूरन हमलोगों को हड़ताल पर जाना पड़ा है. जब तक हमारी मांग के संबंध में लिखित दस्तावेज नहीं दिया जायेगा, तब तक हड़ताल अनवरत जारी रहेगा. धरने को रविशंकर शर्मा, निरंजन कुमार, बिंदेश्वरी प्रसाद, सुनील, संतोष सहित कई लोगों ने संबोधित किया.
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