युद्धस्तर पर अंडरपास की मरम्मत में जुटे हैं रेलवे के इंजीनियर

Updated at : 08 May 2019 12:39 AM (IST)
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युद्धस्तर पर अंडरपास की मरम्मत में जुटे हैं रेलवे के इंजीनियर

जहानाबाद : राजाबाजार रेलवे अंडरपास जिले के लिए नासूर बना है. देर रात हादसा होने के कारण कोई हताहत तो नहीं हुआ, लेकिन अब भी लोग भयभीत हैं. अगर लोगों की आवाजाही होती तो बड़ा हादसा भी हो सकता था जो टल गया. सोमवार की देर रात अंडरपास की रेलिंग टूटने से घंटों आवाजाही बाधित […]

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जहानाबाद : राजाबाजार रेलवे अंडरपास जिले के लिए नासूर बना है. देर रात हादसा होने के कारण कोई हताहत तो नहीं हुआ, लेकिन अब भी लोग भयभीत हैं. अगर लोगों की आवाजाही होती तो बड़ा हादसा भी हो सकता था जो टल गया. सोमवार की देर रात अंडरपास की रेलिंग टूटने से घंटों आवाजाही बाधित रही.

वहीं सड़क मार्ग के साथ रेल परिचालन भी ठप रहा. रेलवे ने एक ट्रैक से रात में कई ट्रेनों को पास कराया. वहीं दूसरे ट्रैक की मरम्मत युद्धस्तर पर होती रही. राजाबाजार अंडरपास के लिए शहर में पहले भी कई दफा आंदोलन हो चुका है.
नेता से लेकर कई सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे पर प्रशासन का ध्यानाकर्षण कराया. लिहाजा रेलवे के द्वारा पुराने अंडरपास से सटे एक और नया अंडरपास बनाने का काम तो शुरू हो गया, लेकिन मार्ग अभी तक चालू नहीं हो सका है. करीब पांच वर्ष से ज्यादा समय बीत गये अंडरपास बनते-बनते. कभी इसकी मरम्मत को लेकर रेलवे चुप्पी साधता है तो कभी प्रशासन मौन हो जाता है.
कारण चाहे जो भी हो अगर हाल के दिनों में अंडरपास की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो एक बार फिर शहरवासी बड़े आंदोलन करने के मूड में दिख रहे हैं. फिलहाल रेलवे ने इस मार्ग से बड़े वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लगाने के लिए बैरियर लगा दिया है. जहानाबाद-अरवल एनएच 110 को जोड़ने वाले यह सड़क मार्ग कितने दिनों तक बंद रहेगा, इसका कोई सटीक जवाब किसी के पास नहीं है.
फिलहाल प्रशासन ने सिर्फ इतना कहा है कि ऊंटा रेलवे क्रॉसिंग से होकर बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू करायी जायेगी. इस मार्ग से सिर्फ छोटे वाहन ही गुजरेंगे. हादसे के बाद लोग सशंकित थे कि ट्रेनों की आवाजाही कुछ दिनों तक बंद हो जायेगी, लेकिन रेलवे ने युद्धस्तर पर क्षतिग्रस्त रेलिंग की मरम्मत कर रेलवे परिचालन को शुरू कर दिया है.
अतिरिक्त अंडरपास के निर्माण के लिए वर्षों चला है आंदोलन : राजाबाजार रेलवे अंडरपास का मुद्दा जिले का मुख्य मुद्दा रहा है. शहर के लोगों ने कितने धरना प्रदर्शन, रोड जाम होते हुए देखे.
अंडरपास में हुए जल-जमाव को वाटरपार्क का नाम देकर उद्घाटन, कैंडल मार्च, धनरोपनी समेत कई आंदोलनों का गवाह रहा है अंडरपास. इसी मुद्दे को लेकर सामाजिक संगठन जेडीसी ने लंबी लड़ाई लड़ी. पीएम को हजारों लेटर भेजे गये.
भाजपा नेत्री इंदु कश्यप के नेतृत्व में कई दफा धरना प्रदर्शन हुए, तो रालोसपा नेता गोपाल शर्मा ने रेलवे के जोनल मुख्यालय दानापुर में जाकर आमरण अनशन तक किया. जिले के राजनेताओं ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं उठाया, जिसके कारण शहरवासी अंडरपास की समस्या झेलने को विवश हैं.
दो जिलों की आबादी होगी प्रभावित, व्यवसाय पर भी पड़ेगा असर
एनएच 110 पर स्थित रेलवे अंडरपास रेलवे लाइन के दोनों तरफ की घनी आबादी के आवागमन का मुख्य रास्ता है. वहीं जहानाबाद और अरवल जिला मुख्यालयों को भी यह जोड़ता है. राजाबाजार में एफसीआइ गोदाम, दमकल, फल मंडी समेत कई निजी दाल मिल, गोदाम प्रतिष्ठान संचालित हैं.
राजा बाजार रेलवे अंडरपास के क्षतिग्रस्त होने से जहानाबाद से अरवल जाने वाले बड़े वाहनों को अब लंबा रास्ता तय करना होगा. किसी आपात स्थिति में दमकल वाहनों को शहर में आने के लिए काफी घूम कर आना होगा.
फल व्यवसायी, अनाज व्यवसायियों सहित राजा बाजार और अरवल के दुकानदारों को अब भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा. वहीं ऊंटा एक नंबर गुमटी से कल्पा होते जाने वाले वैकल्पिक मार्ग पर जाम की समस्या बढ़ जायेगी. मदारपुर रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम की समस्या और गंभीर रूप ले लेगी. वहीं लग्न के मौसम में दूल्हे और बरातियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ेगी.
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