यहां इंटर से पीजी तक एक शिक्षक ही लेते हैं क्लास, जिले के 42 कॉलेजों में कई विषयों में शिक्षक नहीं, सिलेबस पूरा करना मुश्किल

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एमडीडीएम कॉलेज में फिजिक्स की शिक्षक डॉ नवनीता को इंटर से एमएससी तक क्लास का जिम्मा है. उनके अलावा कॉलेज के फिजिक्स विभाग में दूसरा कोई शिक्षक नहीं है. आरबीबीएम कॉलेज दर्शनशास्त्र विभाग की डॉ रेणु बाला भी एकमात्र नियमित शिक्षक हैं.

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मृत्युंजय, मुजफ्फरपुर. एमडीडीएम कॉलेज में फिजिक्स की शिक्षक डॉ नवनीता को इंटर से एमएससी तक क्लास का जिम्मा है. उनके अलावा कॉलेज के फिजिक्स विभाग में दूसरा कोई शिक्षक नहीं है. आरबीबीएम कॉलेज दर्शनशास्त्र विभाग की डॉ रेणु बाला भी एकमात्र नियमित शिक्षक हैं.

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डॉ रेणु के जिम्मे विभागीय काम से लेकर पढ़ाने की भी जिम्मेदारी है. उनका कहना है कि अकेले रहने पर रूटीन के हिसाब से मेरे ऊपर 62 क्लास का भार है, लेकिन 24 क्लास के बाद बाकी को सस्पेंड कर देना पड़ता है.

बीआरए बिहार विवि के दो कॉलेजों की यह तस्वीर सिर्फ बानगी है. एेसे हालात विवि के सभी 42 कॉलेजों में हैं. बिहार विवि प्रशासन का कहना है कि काॅलेजों में अतिथि शिक्षकों की बहाली की गयी है, लेकिन हकीकत है कि कई बड़े कॉलेजों में एक ही शिक्षक काम कर रहे हैं.

सिलेबस पूरा करने में होती है दिक्कत

आरबीबीएम कॉलेज में हिन्दी की शिक्षक और विभागाध्यक्ष सोनल ने बताया कि शिक्षक नहीं रहने से सिलेबस पूरा करने में दिक्कत आती है. हमलोग सभी छात्राओं को कक्षा दे सकें, इसलिए इस तरह से क्लास का शेड्यूल बनाते हैं कि सभी की पढ़ाई हो सके. उन्होंने बताया कि हमलोग अभी एमआइएल विषय को स्नातक के सभी छात्रों को एक साथ पढ़ाने की योजना तैयार कर रहे हैं.

छात्रों का नहीं हो पा रहा प्रैक्टिकल

एक ही शिक्षक रहने से बीएससी और एमएससी के छात्रों का प्रैक्टिकल भी नहीं हो पा रहा है. एमपी सिन्हा साइंस कॉलेज में केमेस्ट्री के शिक्षक और हेड की भी जिम्मेदारी निभा रहे डाॅ भारत भूषण ने बताया कि उनके यहां इंटर में 428 छात्र और स्नातक के तीनों पार्ट में 192 छात्र हैं.

सभी छात्रों का प्रैक्टिकल कराने में दिक्कत होती है. उन्होंने बताया कि अकेले रहने के बाद भी वे सभी छात्रों को पढ़ाते हैं. कॉलेजों में प्रैक्टिकल कराने के लिए डेमोंस्ट्रेटर भी नहीं हैं. शिक्षकों का कहना है कि डेमोंस्ट्रेटर नहीं होने से भी प्रैक्टिकल कराने में परेशानी होती है.

एक ही शिक्षक के भरोसे चल रहा पीजी भोजपुरी विभाग

विवि का पीजी भोजपुरी विभाग एक ही शिक्षक के भरोसे चल रहा है. यहां प्रोफेसर पद पर तैनात डॉ जयकांत सिंह के कंधे पर पूरे विवि का भार है. डॉ जयकांत सिंह पूरे बिहार में एक मात्र भोजपुरी के प्रोफेसर हैं. पीजी भोजपुरी विभाग एलएस कॉलेज में ही चलता है.

इन कॉलेजों के विभागों में हैं सिर्फ एक शिक्षक

  1. आरबीबीएम कॉलेज फिलॉस्फी

  2. एलएस कॉलेज अंग्रेजी

  3. एमडीडीएम कॉलेज फिजिक्स

  4. एमपी सिन्हा साइंस कॉलेज केमेस्ट्री, उर्दू, हिन्दी

  5. नीतीश्वर कॉलेज मैथिली

  6. देवचंद कॉलेज फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ, बॉटनी, जूलॉजी

  7. जेबीडी कॉलेज बकुची राजनीति विज्ञान

  8. एलएन कॉलेज भगवानपुर फिजिक्स और केमेस्ट्री

  9. एलएनडी कॉलेज मोतिहारी हिस्ट्री

  10. रामेश्वर कालेज संस्कृत

Posted by Ashish Jha

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