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चनावे जेल : हाथ से ठोकर लगी तो बिखर गयी दीवार से गिट्टी, सीजेएम ने कहा- संवेदक पर करें कार्रवाई

Updated at : 27 Apr 2024 9:16 PM (IST)
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चनावे जेल : हाथ से ठोकर लगी तो बिखर गयी दीवार से गिट्टी, सीजेएम ने कहा- संवेदक पर करें कार्रवाई

चनावे स्थित गोपालगंज जेल में शनिवार को सीजेएम मानवेंद्र मिश्र अचानक जांच करने पहुंच गये. जेल का विधिवत निरीक्षण किये. इसी दौरान उनकी नजर नवीन खंड में बनाये जा रहे 30 नये शौचालय पर पड़ी. शौचालय की दीवार को हाथों से ठोकर लगी, तो भरभरा कर गिट्टी बिखर गयी. निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया गया. मौके पर मौजूद जेल अधीक्षक सत्येंद्र कुमार सिंह को सीजेएम ने आदेश दिया कि भवन निर्माण को पत्र भेजें. कार्यपालक अभियंता, एसडीओ व जेइ को शामिल कर इसकी जांच कराएं. यह शौचालय बना, तो जेल में बड़ा हादसा हो सकता है. संवेदक पर कठोरता से कार्रवाई करें. निर्माण को ध्वस्त कर नये तरीके से गुणवक्ता पूर्ण निर्माण कराएं.

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गोपालगंज. चनावे स्थित गोपालगंज जेल में शनिवार को सीजेएम मानवेंद्र मिश्र अचानक जांच करने पहुंच गये. जेल का विधिवत निरीक्षण किये. इसी दौरान उनकी नजर नवीन खंड में बनाये जा रहे 30 नये शौचालय पर पड़ी. शौचालय की दीवार को हाथों से ठोकर लगी, तो भरभरा कर गिट्टी बिखर गयी. निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया गया. मौके पर मौजूद जेल अधीक्षक सत्येंद्र कुमार सिंह को सीजेएम ने आदेश दिया कि भवन निर्माण को पत्र भेजें. कार्यपालक अभियंता, एसडीओ व जेइ को शामिल कर इसकी जांच कराएं. यह शौचालय बना, तो जेल में बड़ा हादसा हो सकता है. संवेदक पर कठोरता से कार्रवाई करें. निर्माण को ध्वस्त कर नये तरीके से गुणवक्ता पूर्ण निर्माण कराएं. गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं की जा सकती है. इससे पूर्व सीजेएम ने एक-एक कर सभी खंडों की जांच की. कैदियों से भी उनको मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछताछ की. जेल अधीक्षक को आदेश दिया कि गर्मी को देखते हुए सभी वार्डों में कैदियों को शीतल जल उपलब्ध कराने के लिए अविलंब घड़े का इंतजाम करें, साथ ही शीतल जल प्रदान करने वाली मशीन लगाने के लिए विभाग से समन्वय स्थापित कर इस दिशा में प्रयास करें, ताकि कैदियों को गर्मी से बचाया जा सके. जेल अस्पताल में फिलहाल पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है. पानी की आपूर्ति अविलंब करने का निर्देश दिया गया. जेल की जांच में सामने आया कि दीवानी में तीन, मद्य निषेध (शराब) में 436 पुरुष व 23 महिला कैदी बंद हैं. जबकि, मजिस्ट्रियल विचाराधीन 479 पुरुष व 09 महिलाएं, कुल विचाराधीन में 1349 व 49 महिलाएं बंद हैं, जिनको सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. सीजेएम के निरीक्षण में 10 एड्स रोगी, 02 टीवी रोगी कैदी मिले. ससमय जांच तथा जीवन रक्षक दवा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. महिला वार्ड में रह रहे आठ बच्चों के पठन-पाठन सामग्री, खिलौना, दूध, बिस्किट उपलब्ध कराएं. गर्भवती महिला कैदी को नियमित जांच, फल, संतुलित आहार प्रदान करें. जेल के भीतर कैदियों को मानक के अनुरूप दवा इलाज का इंतजाम कराएं. कौशल विकास से बंदियों को जोड़ने के लिए विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया. विशेषकर कृषि विभाग से बागवानी, शहद उत्पादन, मशरूम, बकरी, मुर्गी, गौ पालन का प्रशिक्षण दिलाने का निर्देश दिया गया, ताकि कैदी जेल में ट्रेंड होकर बाहर निकलें तो कृषि के कार्याें में अपने जीवन को बेहतर बना सकें.

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