तीन साल बाद भी राशि की नहीं हुई बरामदगी

Published at :17 Dec 2016 7:55 AM (IST)
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तीन साल बाद भी राशि की नहीं हुई बरामदगी

गुठनी :स्थानीय केनरा बैंक से तीन वर्ष पूर्व चारी किये गये 55 लाख 35 हजार रुपये की बरामदगी अब तक पुलिस करने में विफल रही है. चोरों ने खिड़की के बैंक में घुस कर स्ट्रांग रूम को तोड़ कर राशि की चोरी की थी. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि राशि बरामदगी की बात […]

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गुठनी :स्थानीय केनरा बैंक से तीन वर्ष पूर्व चारी किये गये 55 लाख 35 हजार रुपये की बरामदगी अब तक पुलिस करने में विफल रही है. चोरों ने खिड़की के बैंक में घुस कर स्ट्रांग रूम को तोड़ कर राशि की चोरी की थी. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि राशि बरामदगी की बात को छोड़ भी दी जाये, तो पुलिस मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार करने में विफल रही है. तब इस घटना को सूबे में बैंक से चोरी की गयी सबसे बड़ी घटना मानी गयी थी.
हालांकि घटना के बाद तत्कालीन एएसपी विवेकानंद ने इसे काफी गंभीरता से लिया था और कुछ ही दिनों में कांड में संलिप्त स्थानीय मुखिया अफजल हुसैन व वारदात को अंजाम देने में उपयोग की गयी स्कॉर्पियो सहित तीन और अंतरप्रांतीय चोरों को गिरफ्तार किया था.
परंतु, घटना के मुख्य अभियुक्त पुलिस पहचानने में अब तक नाकाम रही है. इधर, घटना के तह तक नहीं पुलिस के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में अविश्वास है. ग्रामीणों का कहना था कि जब बिहार की सबसे बड़ी बैंक चोरी की घटना के प्रति पुलिस की ये सक्रियता है, तो अन्य घटनाओं को कौन पूछता है. बताते चलें कि 15 दिसंबर, 2013 की रात स्थानीय केनरा बैंक की शाखा से चोरों ने खिड़की के सहारे बैंक में घुस कर गैस कटर से स्ट्रांग रूम को काट कर सेफ से 55 लाख 35 हजार 875 रुपये की चोरी कर ली थी.
घटना के बाद पुलिस ने आरंभिक सक्रियता दिखाते हुए घटना के वक्त का मोबाइल ट्रेस व अन्य सुराग के आधार पर स्थानीय मुखिया अफजल हुसैन, गुठनी के सरेया गांव निवासी अनूप मिश्र को गिरफ्तार किया था. इनकी निशानदेही पर यूपी के देवरिया जिले से घटना में उपयोग की गयी स्काॅर्पियो को बरामद किया गया. इसके बाद चालक सुदामा की भी गिरफ्तार हुई. चालक सुदामा ने घटना की पूरी पोल ही खोल दी. इसकी निशानदेही पर देवरिया में पीएनबी में कार्यरत एक कर्मी दुर्गा, मुंबई के राजा व गेटिया की संलिप्तता सामने आयी. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीएनबी कर्मी दुर्गा को तो गिरफ्तार कर लिया, मगर अब भी मुंबई के राजा और गेटिया को गिरफ्तार करने में विफल रही है.
इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए टीम का भी गठन किया गया था, परंतु नतीजे की बात करें, तो अब तक सिफर रहा है. इधर, थानाध्यक्ष मो. अकबर ने बताया बैंक चोरी से संबंधित फाइल का अध्ययन कर रहा हूं.
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