स्कूलों के टाॅयलेट में ताला !
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :17 Feb 2016 3:53 AM (IST)
विज्ञापन

सरकारी स्कूलों की बदहाली के बीच एक तसवीर ऐसी भी है जो शर्मिंदगी महसूस कराती है. छात्राएं इसलिए कम पानी पीती हैं, ताकि उन्हें टायलेट न जाना पड़े. वजह, 60 फीसदी स्कूलों में टायलेट इस्तेमाल करने लायक नहीं हैं. स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी कहते हैं कि इन हालात पर असर लड़कियों की सेहत पर […]
विज्ञापन
सरकारी स्कूलों की बदहाली के बीच एक तसवीर ऐसी भी है जो शर्मिंदगी महसूस कराती है. छात्राएं इसलिए कम पानी पीती हैं, ताकि उन्हें टायलेट न जाना पड़े. वजह, 60 फीसदी स्कूलों में टायलेट इस्तेमाल करने लायक नहीं हैं. स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी कहते हैं कि इन हालात पर असर लड़कियों की सेहत पर पड़ता है. ‘प्रभात खबर’ ने मंगलवार को स्कूलों के टायलेट की लाइव पड़ताल कर तैयार की आंखों देखी यह रिपोर्ट-
गोपालगंज : सरकारी स्कूलों में शौचालय बदतर स्थिति में है. टायलेट हैं, लेकिन पानी की सप्लाइ नहीं है. सफाई का इंतजाम भी नहीं. कई जगहों पर शौचालय में ताले लगे हैं. ऐसे में हमारी बेटियां स्कूल जाकर मुश्किल में पड़ जाती हैं. ऐसी स्थिति केवल प्राथमिक और मिडिल स्कूल की नहीं, बल्कि मदरसा के अलावा हाइस्कूलों की है. सर्व शिक्षा अभियान के अधिकारियों के मुताबिक जिले के सभी विद्यालयों में शौचालय हैं और सभी इस्तेमाल लायक हैं.
लेकिन, हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. जिला शिक्षा कार्यालय परिसर में स्थित बेसिक स्कूल का शौचालय अधिकारियों के दावे का हकीकत बयां कर रहा है. यहां शौचालय है, लेकिन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है. टायलेट में दरवाजा नहीं है और ईंट से भरा पड़ा है. दूसरी तरफ टॉयलेट में शिक्षकों ने ताला लगा रखा है. हथुआ और उचकागांव प्रखंड के कई स्कूलों में टायलेट में पानी की व्यवस्था नहीं है. यहां छात्राओं को स्कूल जाने के बाद पीने के लिए पानी नहीं मिलता, टायलेट के लिए पानी कहां लाएं.
वीएम इंटर कॉलेज में देना पड़ता है पहरा : वीएम इंटर कॉलेज में शौचालयों के दरवाजे भी टूटे हुए हैं. एक लड़की टायलेट जाती है, तो दूसरी को पहरा देना पड़ता है. कुछ और टायलेट यहां है, तो ताला लगया गया है.
पड़ोस के घरों में जाते हैं शिक्षक-बच्चे : बैकुंठपुर प्रखंड के रेवतिथ मिडिल स्कूल में शौचालय आज तक नहीं बना है. विभाग ने टायलेट बनाने के लिए राशि आवंटन की, लेकिन निर्माण में घटिया सामग्री लगाने पर ग्रामीणों ने रोक लगा दी. अब स्कूल के शिक्षक और बच्चे पड़ोस के घरों में टायलेट के लिए जाते हैं.
कहीं ताले पड़े हैं, तो कहीं उग आयी है घास : शहर के अधिकतर स्कूलों में टायलेट के ऐसे हालात हैं जहां घास उग आये हैं. कहीं टायलेट की व्यवस्था ठीक है, तो वहां शिक्षकों द्वारा ताला लगाया गया है. कई स्कूलों में टायलेट के अंदर छेद मिले. छात्राओं ने बताया कि छेद होने के कारण लड़के झांकते हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










