ईंट, बालू, अभ्रक और चूना-पत्थर का खनन करने वालों से तीन माह में 700 करोड़ की होगी राजस्व वसूली
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 30 Dec 2015 6:34 PM
ईंट, बालू, अभ्रक और चूना-पत्थर का खनन करने वालों से तीन माह में 700 करोड़ की होगी राजस्व वसूली राजस्व वसूली के लिए जिला खनन पदाधिकारियों को 50-50 बड़े बकायेदारों की लिस्ट थमायी गयी खनन पदाधिकारियों और खान निरीक्षकों को को लक्ष्य से 20 प्रतिशत अधिक राजस्व वसूली का मिला लक्ष्य राजस्व वसूली के साथ-साथ […]
ईंट, बालू, अभ्रक और चूना-पत्थर का खनन करने वालों से तीन माह में 700 करोड़ की होगी राजस्व वसूली राजस्व वसूली के लिए जिला खनन पदाधिकारियों को 50-50 बड़े बकायेदारों की लिस्ट थमायी गयी खनन पदाधिकारियों और खान निरीक्षकों को को लक्ष्य से 20 प्रतिशत अधिक राजस्व वसूली का मिला लक्ष्य राजस्व वसूली के साथ-साथ अवैध खनन और बालू -ढ़ुलाई पर भी कड़ी निगरानी रखेंगे आधिकारी संवाददाता, पटना खान-भूतत्व विभाग तीन माह में ईंट, बालू, मिट्टी, पत्थर, मोरम, चूना-पत्थर, अभ्रक, सिलिका-सैंड और सोप-स्टोन आदि का खनन और निर्माण करने वाले उद्यमियों और एजेंसियों से 700 करोड़ की राजस्व वसूली करेगा. खान-भूतत्व विभाग को वैसे तो मार्च, 2015 तक 500 करोड़ की ही वसूली करनी है, किंतु विभाग ने अपने सभी जिलों के खनन पदाधिकारियों और खान निरीक्षकों को हर-हाल में तय लक्ष्य से 20 प्रतिशत अधिक राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया है. नये साल में पहली जनवरी से विभाग ने अधिकारियों को पहली प्राथमिकता राजस्व वसूली काे दिया है. खान-भूतत्व विभाग ने राजस्व वसूली का अभियान पूरा करने के लिए आभी से ही अभियान शुरु कर दिया है. विभाग ने सभी जिलों के 50-50 बड़े बकायेदारों की सूची भी जारी कर दी है. इस सूची में वैसे बकायेदार भी शामिल हैं, जिनके खिलाफ बकाया भुगतान के लिए वारंट भी जारी किया गया है. राजस्व वसूली अभियान में सिर्फ लघु खनिज उद्यमियों के यहां ही जिलों के खनन उप निदेशक व पदाधिकारी दरवाजा नहीं खटखटायेंगे, बल्कि वृहद खनिज उद्यमियों के यहां भी तकादा करेंगे. खान-भूतत्व विभाग ने राजस्व वसूली संबंधी अपने निर्देश में राजस्व वसूली के अलावा ईंट-भट्ठों, अवैध खनन और बालू की अवैध ढ़ुलाई आदि पर की कड़ी निगरानी रखने को कहा है. निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि राजस्व वसूली अभियान में किसी भी हाल में विभागीय रुटीन-कार्य बाधित न होना चाहिए. विभाग ने राजस्व वसूली का सभी जिलों का टारगेट भी फिक्स कर दिया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










