हेडलाइन देकर हर प्रश्न के उत्तर लिखें, अच्छे और पूरे अंक मिलेंगे

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Dec 2015 6:48 PM

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हेडलाइन देकर हर प्रश्न के उत्तर लिखें, अच्छे और पूरे अंक मिलेंगे फोटो: खबर से संबंधित फोटो सिटी में उनके ही नाम से है संवाददाता, पटनाकिसी भी प्रश्न का उत्तर देने में हेडलाइन जरूर बनायें. हेडलाइन देकर उत्तर देने से एग्जामिनर को उत्तर की जांच करने में सुविधा होती है. इससे अच्छे और पूरे अंक […]

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हेडलाइन देकर हर प्रश्न के उत्तर लिखें, अच्छे और पूरे अंक मिलेंगे फोटो: खबर से संबंधित फोटो सिटी में उनके ही नाम से है संवाददाता, पटनाकिसी भी प्रश्न का उत्तर देने में हेडलाइन जरूर बनायें. हेडलाइन देकर उत्तर देने से एग्जामिनर को उत्तर की जांच करने में सुविधा होती है. इससे अच्छे और पूरे अंक मिलने की संभावना होती है. राजनीति शास्त्र को गेस पेपर से नहीं पढ़ें. इससे वस्तुनिष्ठ प्रश्न के उत्तर देने में कठिनाई आ सकती है. ये तमाम सलाह एक्सपर्ट द्वारा प्रभात खबर कार्यालय में आयोजित टेली काउंसिलिंग के दौरान दी जा रही थी. इसके अंतर्गत आर्ट्स स्टीम की अंतिम काउंसेलिंग थी. एक घंटे की काउंसेलिंग में सैकड़ाें प्रश्न छात्रों ने पूछे. एक्सपर्ट के तौर पर एएन कॉलेज के प्रो. विमल प्रसाद सिंह और आरएन कॉलेज, हाजीपुर के प्रो. बीके वर्मा मौजूद थे. राजनीति शास्त्र की परीक्षा में किन-किन बातों का ख्याल रखें. आकाश कुमार, गया परीक्षा में पहले उन प्रश्नों का जवाब दे, जिसका उत्तर आपको अच्छे से आता हो. उत्तर जितने शब्द में देने को कहा जाए, उतने ही शब्द में उत्तर दें. इससे अच्छे अंक आने की संभावना होती है. कम समय में अच्छी तैयारी कैसे करें. मो. हसीन, बेगूसराय कम समय में तैयारी करने के लिए कम-से-कम तीन से चार घंटे की पढ़ाई करें. रिवीजन अधिक-से-अधिक करें. हर प्रश्न को याद करने के बाद लिखकर प्रैक्टिस करें. 11वीं के सिलेबस से भी प्रश्न आयेगा क्या. शराफत खान, वैशाली 11वीं के सिलेबस से प्रश्न नहीं आयेगा. केवल 12वीं के सिलेबस से ही प्रश्न पूछा जायेगा. कितने घंटे की पढ़ाई जरूरी है. अशोक कुमार, पूर्वी चंपारण राजनीति शास्त्र की तैयारी में अभी चार से पांच घंटे की पढ़ाई जरूरी है. गेस पेपर से पढ़ाई नहीं करें. इससे वस्तुनिष्ठ प्रश्न के उत्तर देने में दिक्कतें आयेगी.कैसे करें तैयारी? अमित राज, दरभंगा़एनसीइआरटी की किताबों को पढ़ने से लाभ मिलेगा. उससे थोड़ा भी इधर-उधर जाने की जरूरत नहीं है. तथ्यों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है. समझने पर ध्यान दें. चार-पांच बार पढ़ने से महत्वपूर्ण तथ्य खुद याद हो जायेंगे.क्या इस बार भी परीक्षा पैटर्न में कोई बदलाव किया गया है? मो. शहजेब , किशनगंजइस बार परीक्षा पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया गया है. 2015 के पैटर्न पर ही परीक्षा ली जायेगी. बिहार बोर्ड के मॉडल पेपर को देख लें. इससे परीक्षा के ट्रेंड की पूरी जानकारी मिल जायेगी. उसके मल्टीपल च्वाइस के प्रश्नों को बना लें. साथ ही लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों को भी बना लें.परीक्षा में कुल कितने तरह के सवाल पूछे जायेंगे? श्यामल, मुजफ्फरपुर परीक्षा में कुल तीन तरह से प्रश्न पूछे जायेंगे. पहला ऑब्जेक्टिव 40 अंकों के होंगे. दूसरा लघु उत्तरीय प्रश्नों की संख्या 10 है, जिनमें से प्रत्येक के लिए तीन-तीन अंक निर्धारित हैं. यह कुल 30 अंकों का है. दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या पांच है और हर सवाल के लिए छह-छह अंक निर्धारित हैं. इसका कुल अंक 30 है. लघु उत्तरीय प्रश्नों को हल करने के लिए पांच से सात लाइन में उत्तर दे सकते हैं. दीर्घ उत्तरीय सवालों के जवाब 200 से 250 शब्दों में दे सकते हैं. यह जरूरी नहीं कि इतने ही शब्दों में उत्तर दें. जितने में उत्तर पूरी तरह से हो जाये, उतना ही काफी है.लघु उत्तरीय याद नहीं हो रहे. क्या करूं? इमाम सिद्दीकी, खगड़ियारटने की कोशिश नहीं करें. केवल बार-बार पढ़ें. तथ्यों को लिखना शुरू करें. लिखने से चीजें याद हो जाती हैं.लिमिटेड समय में पूरे प्रश्न पत्र को कैसे हल करें? चंदन, दरभंगासवालों के अंक के अनुसार ही जवाब दें. जितना पूछा जा रहा है, उससे ज्यादा व्यर्थ में लिखने का प्रयास नहीं करें. इससे समय की बरबादी नहीं होगी और बाकी प्रश्नों को हल करने के लिए भी समय बचा रहेगा.सांप्रदायिक राजनीति क्या है? निशा कुमारी, सहरसाजब किसी वर्ग विशेष या क्षेत्र विषय पर फोकस किया जाने लगे, तो वह सांप्रदायिकता हो जाती है. हालांकि इसका क्षेत्र बड़ा व्यापक है. जब यह राजनीति को प्रभावित करने लगे, तो वह सांप्रदायिक राजनीति हो जाती है.गेस पेपर से पढ़ सकते हैं क्या? राजीव, समस्तीपुर गेस पेपर से भी पढ़ा जा सकता है. इसके पहले टेक्स्ट बुक को अच्छी तरह से पढ़ लें. इससे कॉन्सेप्ट क्लियर हो जायेगा. एनसीइआरटी की पुस्तकें जरूर पढ़ें. मॉडल पेपर को भी सॉल्व करना फायदेमंद होगा.कैसे दें सवालों के उत्तर? सुजय, पटनायह कोई फैक्चुअल विषय नहीं है. जो भी सवालों के उत्तर सही से हो जानते हों, उसके अनुसार अपने शब्दों में उत्तर देने की कोशिश करें. नंबरिंग देते वक्त ध्यान रखें. सही-सही नंबरिंग करें. क्या हिंदी और अंगरेजी दोनों में उत्तर दिया जा सकता है? राजीव, छपराहिंदी और अंगरेजी दोनों में से एक भाषा में उत्तर दें. बीच -बीच में कलिष्ट भाषा में अंगरेजी शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं.क्या सिलेबस में कोई बदलाव किया गया है. रविश चौधरी, कटिहार इस वर्ष सिलेबस या पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया गया है. बिहार बोर्ड के मॉडल पेपर को देख लें. उसी आधार पर प्रश्न पूछे जायेंगे.कौन से चैप्टर से अधिक प्रश्न पूछे जायेंगे? रमानंद, मुजफ्फरपुरसिलेबस के सारे चैप्टर से सवाल पूछे जायेंगे. इसके लिए सभी को अच्छी तरह से पढ़ लें. भारतीय संविधान व राजनीति सिद्धांत को अच्छी तरह से पढ़ लें. यह है सिलेबस पार्ट वन स्वतंत्र भारत में राजनीति : भारत के विदेश संबंध, संवैधानिक व्यवस्था का संकट व भारतीय राजनीति में नये बदलावपार्ट टू समकालीन विश्व राजनीति: शीत युद्ध, अंतरराष्ट्रीय संगठन , समकालीन विश्व में सुरक्षा, पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधन व वैश्वीकरण इतने अंकों की होगी परीक्षाकुल®100 अंक तीन पार्ट में सवालपार्ट ए®40 अंक के वस्तुनिष्ठ सवालपार्ट बी®30 अंक लघु उत्तरीय सवाल ( तीन-तीन अंक के 10 सवाल)पार्ट सी®30 अंक के दीर्घ उत्तरीय सवाल(छह-छह अंक के पांच सवाल)

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