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Gaya: हद है! जिस स्कूल में जरूरत नहीं, वहां भेजे अतिरिक्त शिक्षक 

Updated at : 24 Jun 2025 9:12 PM (IST)
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सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

Gaya: जिले के कई विद्यालयों में जहां पहले से शिक्षक पर्याप्त संख्या में कार्यरत हैं और कोई रिक्त पद नहीं है, वहां भी अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना कर दी गयी है. इससे संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक असमंजस में हैं कि इन शिक्षकों को कार्य कैसे सौंपा जाये.

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Gaya: बिहार में शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया जारी है. इस कड़ी में गया जिले में लगभग 6000 शिक्षकों के स्थानांतरण का लक्ष्य तय किया गया है, जिनमें से करीब 2400 शिक्षकों का तबादला अब तक विभिन्न स्कूलों में किया जा चुका है. हालांकि, स्थानांतरण प्रक्रिया में कई विसंगतियां सामने आ रही हैं, जिससे विद्यालय प्रमुखों और शिक्षकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सूत्रों के अनुसार, कई विद्यालयों में जहां पहले से शिक्षक पर्याप्त संख्या में कार्यरत हैं और कोई रिक्त पद नहीं है, वहां भी अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना कर दी गयी है. इससे संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक असमंजस में हैं कि इन शिक्षकों को कार्य कैसे सौंपा जाये.

केस वन

एक प्राथमिक विद्यालय (यूडाइस कोड 10351005***) में पहले से पांच शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि वहां किसी प्रकार की रिक्ति नहीं है. फिर भी स्थानांतरण प्रक्रिया में तीन अतिरिक्त शिक्षकों को उस स्कूल में भेज दिया गया है. विद्यालय प्रमुख ने बताया कि निर्देश के अनुसार एक शिक्षक की ज्वाइनिंग तो करा दिया गया है, लेकिन समझ नहीं आ रहा कि शेष दो के साथ क्या किया जाये.

केस टू

औरंगाबाद जिले के एक मध्य विद्यालय में कार्यरत एक शिक्षिका (आइडी: 342220*****) ने बताया कि उन्होंने स्थानांतरण के लिए पति के सेवा स्थल (गया टाउन) के आधार पर टाउन ब्लॉक को प्राथमिकता देते हुए च्वाइस भरी थी, लेकिन उन्हें किसी अन्य प्रखंड में स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे वह असमंजस में हैं.

इ-शिक्षाकोष पोर्टल में अपडेट की कमी बनी बड़ी वजह

विभागीय सूत्रों के अनुसार, स्थानांतरण में हुई गड़बड़ियों की एक मुख्य वजह इ-शिक्षाकोष पोर्टल पर पूर्व की पदस्थापना संबंधी जानकारी अपडेट नहीं होना मानी जा रही है. इसके चलते रिक्त पदों की वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पायी और गलत आंकड़ों के आधार पर स्थानांतरण कर दिये गये.

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डीइओ ने दी सफाई, समाधान का आश्वासन

इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी डॉ ओम प्रकाश ने कहा कि स्थानांतरण प्रक्रिया में कुछ विसंगतियां सामने आयी हैं. गया जिले से भी इस संबंध में रिपोर्ट विभाग को भेजी जा रही है. शिक्षकों को नये स्कूल में योगदान करना होगा. यदि कोई शिक्षक पूर्व के विद्यालय में बने रहना चाहता है, तो वह विभाग को वाजिब कारण सहित आवेदन कर सकता है.

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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