अंधविश्वास में गला रेत की हत्या

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Sep 2019 7:40 AM

विज्ञापन

मानपुर (गया) : मानपुर के बुनियादगंज थाना क्षेत्र के भेड़िया कलां गांव के एक टोले में मंगलवार को कई लोगों ने अंधविश्वास के चक्कर में एक वृद्ध की गला रेत कर हत्या कर दी. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपित के घर से ही बोरे में बंद शव को बरामद कर लिया. मृतक […]

विज्ञापन

मानपुर (गया) : मानपुर के बुनियादगंज थाना क्षेत्र के भेड़िया कलां गांव के एक टोले में मंगलवार को कई लोगों ने अंधविश्वास के चक्कर में एक वृद्ध की गला रेत कर हत्या कर दी. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपित के घर से ही बोरे में बंद शव को बरामद कर लिया.

मृतक की पहचान भेड़िया कला गांव के 60 वर्षीय छट्ठू मांझी के रूप में की गयी है. बताया जाता है कि हत्या से पहले गांव के लोगों ने बैठक कर छट्ठू को मौत के घाट उतारने का फैसला लिया था. ग्रामीणों ने बताया कि डायन व भूत के चक्कर पंचायत ने वृद्ध की हत्या कर दी गयी है. घटना मंगलवार की देर रात की है.
हत्या के बाद आरोपित व उसके परिवार के लोग शव को एक बोरे में बंद कर कमरे में छुपा रखा था. बुधवार की सुबह हत्या की खबर फैल गयी व पुलिस तक पहुंच गयी. बुनियादगंज थानाध्यक्ष शशि कुमार राणा दलबल के साथ घटनास्थल पहुंचे व बोरे में बंद शव को विधवा बसंती देवी के मकान से बरामद कर लिया.
इधर, पुलिस को देख गांव के सभी लोग फरार हो गये. लेकिन, शाम में पुलिस ने हत्या के आरोप में बसंती देवी, उसके दो बेटों राजकुमार मांझी व राहुल मांझी को गिरफ्तार कर लिया.
बसंती पति की मौत का कारण मानती थी छट्ठू को
बताया जाता है कि बसंती मांझी के पति की मौत छह माह पूर्व बीमारी के कारण हो गयी थी. अंधविश्वास में फंस कर बसंती अपने पति की मौत का कारण छट्ठू मांझी को मानने लगी. बसंती गांववालों से कहती थी कि छट्ठू ने ही ओझा-गुनी का चक्कर चला कर उसके पति को मारा है.
क्या कहते हैं थानाध्यक्ष
बुनियादगंज थानाध्यक्ष शशि कुमार राणा ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है. हत्या के मामले में बसंती देवी उसके बेटे राजकुमार व राहुल को गिरफ्तार किया गया है. बसंती के ससुर व भाई फरार हैं. उन्होंने बताया कि गांव के चौकीदार के बयान पर मामला दर्ज किया गया है. मृतक के बेटे व बहू डर से गांव छोड़ कहीं चले गये हैं. वे पुलिस के सामने भी आने को तैयार नहीं हैं.
अंधविश्वास है ओझा-गुनी व भूत का चक्कर
भ्रम के कारण लोग अंधविश्वास के चक्कर में पड़ कर ही ओझा व भूत पर विश्वास करने लगते हैं. किसी व्यक्ति की मौत के लिए जिम्मेदार कथित ओझा या भूत को नहीं माना जा सकता है. ज्यादातर कम पढ़े-लिखे लोगों के बीच इस तरह का अंधविश्वास घर कर लेता है.
सही बात यह है कि इस तरह के विश्वास रखने व बीमारी से पीड़ित व्यक्ति कुछ इस तरह की बात करता है, तो पहले परिजन उसकी पूरी मानसिक स्थिति टटोलने के लिए उससे बात करें.
उसे समझाएं कि इस तरह की कोई बात नहीं होती. इसके बाद भी उसके मन से इस तरह की बात नहीं निकले, तो मनोचिकित्सक से उसकी जांच करानी चाहिए, ताकि सही तौर पर काउंसेलिंग कर उसकी हालत को सामान्य करने का उपाय किया जा सके.
डॉ सीएल नारायण, मनोरोग चिकित्सक
मृतक के शव को बोरे में रख कर ठिकाने लगाने की थी कोशिश
पुलिस ने मामले में विधवा व उसके दो बेटों को किया गिरफ्तार
गांव में भी बैठक, दी मौत की सजा : बसंती देवी द्वारा आरोप लगाये जाने के बाद छट्ठू मांझी के मामले में गांव में मंगलवार को बैठक की गयी. इसमें गांव के लोगों ने फैसला लिया कि छट्ठू मांझी को मौत की सजा दे दी जाये. लोगों का फैसला सुनते ही छट्ठू के बेटा-बहू दोनों गांव छोड़ कर मंगलवार की शाम को भाग निकले. गांव के सभी लोग इस परिवार के प्रति उग्र हो गये थे.
गिरफ्तार बसंती देवी ने पुलिस को बताया कि रात में उसके दो बेटों व भाई ने छट्ठू मांझी की पसुली से गला काट दिया. उसके बाद शव को घर के अंदर ही बोरे में बंद कर छिपा दिया. हत्या की खबर सुबह में जंगल की आग की तरह फैल गयी. इसी दौरान किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन