पांच कैदी भेजे जाएंगे सेंट्रल जेल

Published at :14 Apr 2017 5:49 AM (IST)
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पांच कैदी भेजे जाएंगे सेंट्रल जेल

अनुशंसा. कारा अधीक्षक ने जेल महानिरीक्षक को लिखा पत्र दरभंगा : मंडल कारा दरभंगा की सुरक्षा के लिए सिरदर्द साबित हो रहे पांच शातिर कैदी सेंट्रल जेल भेजे जाएंगे. इसकी तैयारी की जा रही है. इन कैदियों को कभी भी सेंट्रल कारा मुजफ्फरपुर या भागलपुर भेजा जा सकता है. इसको लेकर प्रभारी कारा अधीक्षक रविन्द्र […]

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अनुशंसा. कारा अधीक्षक ने जेल महानिरीक्षक को लिखा पत्र

दरभंगा : मंडल कारा दरभंगा की सुरक्षा के लिए सिरदर्द साबित हो रहे पांच शातिर कैदी सेंट्रल जेल भेजे जाएंगे. इसकी तैयारी की जा रही है. इन कैदियों को कभी भी सेंट्रल कारा मुजफ्फरपुर या भागलपुर भेजा जा सकता है. इसको लेकर प्रभारी कारा अधीक्षक रविन्द्र कुमार दिवाकर ने कारा एवं सुधार सेवाएं के महानिरीक्षक को पत्र लिखा है. पत्र में कहा गया है कि विचाराधीन बंदी लहेरियासराय थाना क्षेत्र के अभंडा निवासी अमित कुमार यादव उर्फ सलमान, खाजासराय निवासी पंकज सिंह, लहेरियासराय थाना क्षेत्र के महाराजगंज निवासी मो. रेयाज उर्फ सूर्या, विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के सुंदरपुर निवासी राकेश कुमार उर्फ रोशन ठाकुर व बहादुरपुर थाना क्षेत्र के कबिलपुर निवासी शिव मुनी झा के स्थानीय व दवंग होने के कारण काराधीन सभी नवयुवक उसके साथ रहते हैं.
इसके कारण जेल में एक बड़ा गुट बन गया है. इन लोगों की दबंगता के कारण कारा के अन्य कैदी डरे-सहमे रहते हैं. उक्त गुट द्वारा कारा कर्मी व गृहरक्षकों को धमकाया जाता है. साथ ही बंदियों को उकसाकर एवं भड़काकर कारा की विधि-व्यवस्था बिगाड़ी जाती है.
शातिर कैदियों का कारा में आतंक : मंडल कारा में उक्त शातिर कैदियों के आतंक से जहां नये बंदी डरे सहमे रहते हैं, वहीं कक्षपाल समेत कारा प्रशासन की भी एक नहीं चलती है. बता दें कि कारा में इन कैदियों के सामने किसी की नहीं चलती है. कारा में इन्हें सारी सुविधा उपलब्ध है. इन्हें अपनी मर्जी का भोजन मिलता है. जेल में रहकर भी मोबाइल से बाहरी दुनिया से इनका सीधा संपर्क है.
अभी भी कारा के भीतर डेढ़ दर्जन मोबाइल : मंडल कारा में शातिर अपराधी अभी भी मोबाइल से धड़ल्ले से बात करते हैं. सूत्रों का दावा है कि कारा में अभी भी कम से कम डेढ़ दर्जन मोबाइल है. कैदी सुबह के समय अपने परिजनों से बात करते हैं. वहीं नये कैदियों के परिजनों को रंगदारी के लिए खुलेआम फोन करते हैं. इन कैदियों को कारा प्रशासन का जरा भी भय नहीं है.
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