बिहार ऑप्थेलमोलॉजी सोसाइटी परिचर्चा : चिकत्सिा संस्थानों का कराएं निबंधन

Updated at :05 Dec 2015 9:42 PM
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बिहार ऑप्थेलमोलॉजी सोसाइटी परिचर्चा : चिकत्सिा संस्थानों का कराएं निबंधन

बिहार ऑप्थेलमोलॉजी सोसाइटी परिचर्चा : चिकित्सा संस्थानों का कराएं निबंधन फोटो संख्या-50 व 51परिचय- नेत्र रोग विशेषज्ञ की तसवीर दरभंगा : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बिहार के उपाध्यक्ष सह बिहार आपथेलमोलॉजी सोसाइटी के कोषाध्यक्ष डॉ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि निजी नर्सिंग के निबंधन के साथ सरकारी संस्थानों काभी निबंधन जरूरी है. इसके कई फायदे […]

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बिहार ऑप्थेलमोलॉजी सोसाइटी परिचर्चा : चिकित्सा संस्थानों का कराएं निबंधन फोटो संख्या-50 व 51परिचय- नेत्र रोग विशेषज्ञ की तसवीर दरभंगा : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बिहार के उपाध्यक्ष सह बिहार आपथेलमोलॉजी सोसाइटी के कोषाध्यक्ष डॉ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि निजी नर्सिंग के निबंधन के साथ सरकारी संस्थानों काभी निबंधन जरूरी है. इसके कई फायदे भी हैं. प्रैक्टिस मेनेजमेंट व क्लिनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट विषय पर डॉ सिंह ने यह बातें कही. डॉक्टरों ने अपने चिकित्सा संस्थानों का निबंधन जरूर कराएं. इसके कारण अवैध चिकित्सा संस्थानों एवं गैर मानक चिकित्सा पर अंकुश लगेगा. डाटा बेस्ड तैयार होने से किस क्षेत्र में स्वास्थ्य नहीं है. सरकार उन क्षेत्रों में फोकस करेगी. सरकार को स्वास्थ्य योजना बनाने में भी परेशानी नहीं होगी. जिला रजिस्ट्री कार्यालय में आइएमए व सीएस भी सदस्य होते हैं जहां डॉक्टरों की समस्या सुनी जायेगी. इस बात से नहीं डरें कि सरकार निजी नर्सिंग होम का निरीक्षण करेगी. निरीक्षण से पूर्व सरकार नोटिस देगी. लेडी हार्डिंग हॉस्पीटल दिल्ली से आयी नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ प्रज्ञा प्रकाश ने बताया कि एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तर बिहार के लोगों में अंधापन अधिक पाया गया है. इसका कारण लकड़ी वाले चूल्हे पर खाना बनाना, अलाव के पास अधिक रहना आदि शामिल है. इसीके कारण मोतियाविंद का ऑपरेशन की तादाद बढ़ी है. इसका कारण उम्र भी है. अंधापन से दूर रहने के लिए लोगों के बीच जागरूकता फैलायें. इसमें एनजीओ की मदद लें. मोतियाविंद का कारण जेनेटिक व डायबिटिज आदि रोग है. सही पोषण से भी अंधापन दूर हो सकता है.

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