भू लगान की ठोस व्यवस्था नहीं, परेशान हैं किसान

Updated at :04 Dec 2015 7:30 PM
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भू लगान की ठोस व्यवस्था नहीं, परेशान हैं किसान

भू लगान की ठोस व्यवस्था नहीं, परेशान हैं किसान एक ही प्रकार की भूमि की वसूली जा रही अलग अलग लगान की राशि बिरौल. लगान निर्धारण की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने के चलते एक ही भूमि के दो तरह के लगान किसानों को देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. इस लगान का […]

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भू लगान की ठोस व्यवस्था नहीं, परेशान हैं किसान एक ही प्रकार की भूमि की वसूली जा रही अलग अलग लगान की राशि बिरौल. लगान निर्धारण की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने के चलते एक ही भूमि के दो तरह के लगान किसानों को देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. इस लगान का निर्धारण भी अंचलाधिकारी के पास नहीं है. इस मामले में सम्पर्क करने पर उन्होंने जरूर बताया कि पूर्व से चले आ रहे निर्धारित किये गये लगान के आधार पर ही किसानों से लगान लिया जा रहा है. सीओ ने इतना जरुर कहा कि जिला से प्रत्येक वर्ष लगान वसूली का लक्ष्य मिलता है. इस वित्तीय वर्ष में 59 लाख मिला है.जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में 45 लाख ही था.मालूम हो कि अंचल को मिले जिले से प्राप्त लक्ष्य के मुताबिक प्रत्येक हल्का कर्मचारी के बीच बांट दिया जाता है. हल्का कर्मचारी अपने स्तर से लगान वसूली करते हैं. उस समय ऐसे कई किसान जब लगान निर्धारित करने से संबंधित सवाल पूछते हैं तो कर्मचारी के द्वारा पहले के आधार पर वसूली करने की बात कही जाती है. खाता खेसरा एक, भूमि लगान का निर्धारण दो अंचल के भवानीपुर गांव में ब्रदी नारायण झा और बाबू नारायण झा दोनों सगे भाई हैं. उनके बीच बंटे एक ही खाता खेसरा के जमीन को दो तरह से हल्का कर्मचारी लगान निर्धारण कर उनसे मोटी रकम वसूली कर रहे हैं. इस मामले को लेकर श्री झा ने डीसीएलआर इंद्रवीर कुमार से करीब एक वर्ष पहले लिखित शिकायत की परंतु आज तक उस मामले पर कोई सार्थक कार्रवाई नहीं की गयी. उस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. अनुमंडल के विभिन्न अंचलों में अलग अलग निर्धारण बिरौल में पचास रुपये बीघा लगान निर्धारित है, तो कुशेश्वर स्थान में वही लगान 80 रुपये हो जाता है. किरतपुर और घनश्याम पुर में अलग ही लगान का निर्धारण अलग है. इस मामले पर पूछने पर अंचलाधिकारियों के द्वारा चुप्पी साध ली जाती है. सिर्फ लक्ष्य के अनुसार लगान की वसूली करने की बात कहते हैं.बोले अधिकारी ::::::एक भूमि के दो तरह के लगान नहीं हो सकते हैं. लिखित शिकायत की गयी होगी तो जरूर कार्रवाई हुई होगी. वैसे वे इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर खुद देखेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व की व्यवस्था के अनुसार ही लगान की वसूली की जाती है. इसमें कोई तब्दीली नहीं की गयी है. इंद्रवीर कुमारभूमि सुधार उपसमाहर्ता, बिरौल

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