दरभंगा : हायाघाट प्रखंड की मरीज रूखसाना खातून आठ माह से सिर दर्द, चक्कर और उल्टी से परेशान थी. वह स्मरण और आवाज खोती जा रही थी. उसे दरभंगा समेत आसपास के जिलों में बड़े-बड़े निजी नर्सिंग होम ने ऑपरेशन व उपचार करने से नकार दिया था. अन्य प्रदेशों में मरीज के इलाज के लिए […]
दरभंगा : हायाघाट प्रखंड की मरीज रूखसाना खातून आठ माह से सिर दर्द, चक्कर और उल्टी से परेशान थी. वह स्मरण और आवाज खोती जा रही थी. उसे दरभंगा समेत आसपास के जिलों में बड़े-बड़े निजी नर्सिंग होम ने ऑपरेशन व उपचार करने से नकार दिया था. अन्य प्रदेशों में मरीज के इलाज के लिए पैसों का अभाव था.
मरीज अब और तब की स्थिति में थी.
लोगों की जानकारी पर आद्या न्यूरो केयर अस्पताल अललपट्टी में भर्ती हुई. प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डा मनीष कुमार धीरज ने मरीज के ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन करके उसकी जान बचायी.
आद्या न्यूरो केयर निजी नर्सिंग होम में शुक्रवार को आयोजित प्रेस में मिलिये कार्यक्रम में डॉ मनीष कुमार धीरज ने बताया कि मरीज के ब्रेन का सिटी स्कैन कराया गया जिसमें ट्यूमर और कई अन्य परेशानी के लक्षण दिखाई पड़े.
दो चरण में हुआ ऑपरेशन
मरीज के मस्तिष्क के ट्यूमर का दो चरणों में ऑपरेशन करना पड़ा. पहले चरण के ऑपरेशन में 30 अगस्त को दिमाग से पेट तक पानी के बहाव का बाइपास रूट (वेंट्रीकुलोपेरिटोनियल शंट) बनाया गया. दूसरे चरण में ट्यूमर का ऑपरेशन 2 अक्टूबर को हुआ. ऑपरेशन सफल हुआ. मरीज पहले की तरह चलने फिरने और स्मरण लौट आयी.
आवाज भी सामान्य हो गया. इस सफल ऑपरेशन पर परिजनों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा. बताया गया कि मरीज का ट्यूमर मेडुला से जुड़ा था जो श्वांस एवं हृदयगति का केंद्र होता है. इसके कारण मरीज को कई सामान्य काम असामान्य हो गया था.