Bihar : ऑक्सीजन की कमी अब भी पड़ रही सांसों पर भारी, मरीजों को जबरन डिस्चार्ज करने का सिलसिला जारी

Published at :03 May 2021 7:51 AM (IST)
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Bihar : ऑक्सीजन की कमी अब भी पड़ रही सांसों पर भारी, मरीजों को जबरन डिस्चार्ज करने का सिलसिला जारी

शहर के अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत दूर नहीं हो रही है. अधिकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की व्यवस्था को दुरुस्त कर पाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहे हैं. मरीज बिना ऑक्सीजन के तड़प रहे हैं. ऑक्सीजन के अभाव में शहर के कई प्राइवेट अस्पतालों ने भर्ती रोक दी है.

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पटना. शहर के अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत दूर नहीं हो रही है. अधिकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की व्यवस्था को दुरुस्त कर पाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहे हैं. मरीज बिना ऑक्सीजन के तड़प रहे हैं. ऑक्सीजन के अभाव में शहर के कई प्राइवेट अस्पतालों ने भर्ती रोक दी है.

अस्पताल संचालकों की मानें तो ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग को लगातार पत्र लिखा जा रहा है, लेकिन समय पर पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पा रही है. इस वजह से नये मरीजों को भर्ती करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

मांग के मुताबिक नहीं मिल रहा ऑक्सीजन

पटना में 10 दिनों से ऑक्सीजन की कमी बनी हुई है. मांग के मुताबिक ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पा रही है. जानकारों की मानें तो शहर में पांच कंपनियों में करीब तीन हजार से अधिक सिलिंडर ऑक्सीजन का निर्माण हो रहा था. लिक्विड की कमी से ऑक्सीजन निर्माण का काम प्रभावित है.

मरीजों का दबाव बढ़ने से रोजाना छह हजार ऑक्सीजन सिलिंडर की मांग बढ़ गयी है. मांग के मुताबिक कंपनी ऑक्सीजन का निर्माण नहीं कर पा रही है. वर्तमान में अकेले पीएमसीएच, एम्स, एनएमसीएच व आइजीआइएमएस में रोजाना दो हजार से अधिक सिलिंडर की जरूरत पड़ रही है.

डेढ़ घंटे नहीं भर्ती हुए थे मरीज

ऑक्सीजन की किल्लत की वजह से एक सप्ताह पहले आइजीआइएमएस में मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ गया था. अंत में संस्थान के निदेशक की ओर से जिला प्रशासन को पत्र लिख ऑक्सीजन मुहैया कराने की मांग गयी थी. ऑक्सीजन की कमी की वजह से करीब डेढ़ घंटे तक ऑक्सीजन की जरूरत वाले कोरोना के मरीजों की भर्ती प्रभावित रही थी.

मरीजों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ गयी थीं. हालांकि विगत चार दिनों से अब संस्थान में प्रर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिल रही है. वहीं, दूसरी ओर मरीज के परिजनों की मानें, तो शहर के प्राइवेट व सरकारी अस्प्तालों में मरीजों को जबरन डिस्चार्ज करने का सिलसिला जारी है.

बिना इलाज स्थिति बिगड़ी

रेमडेसिविर इंजेक्शन समेत कोरोना में इस्तेमाल होने वाली दवाएं, ऑक्सीजन बेड आदि की किल्लत को लेकर मरीज के परिजन लगातार कोविड कंट्रोल रूम व सिविल सर्जन कार्यालय को पत्र लिख रहे हैं. परिजनों का कहना है कि बेड व ऑक्सीजन के अभाव में बिना इलाज के मरीज और अधिक गंभीर होते जा रहे हैं.

वहीं, सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी ने बताया कि बेड से लेकर ऑक्सीजन आदि की किल्लत लगभग दूर होने लगी है, क्योंकि बिहटा स्थित इएसआइसी अस्पताल में ऑक्सीजन के साथ बेड की क्षमता वाले कोविड अस्पताल को शुरू कर दिया गया है. जल्द ही परेशानी खत्म हो जायेगी.

Posted by Ashish Jha

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