बढ़े एमवीआर को कोर्ट ने किया खारिज, रजिस्ट्रार पशोपेश में

Published at :05 May 2017 9:10 AM (IST)
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बढ़े एमवीआर को कोर्ट ने किया खारिज, रजिस्ट्रार पशोपेश में

बेतिया : जिले में जमीन खरीदने की तैयारी में जुटे लोगों को जल्द ही राहत मिल सकती है. एक मामले की सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने जिले में एक जनवरी 2016 से लागू बढ़े हुए एमवीआर दर को खारिज कर दिया है. हाइकोर्ट को एमवीआर लागू करने की प्रक्रिया में खामी मिली है. इस आधार […]

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बेतिया : जिले में जमीन खरीदने की तैयारी में जुटे लोगों को जल्द ही राहत मिल सकती है. एक मामले की सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने जिले में एक जनवरी 2016 से लागू बढ़े हुए एमवीआर दर को खारिज कर दिया है. हाइकोर्ट को एमवीआर लागू करने की प्रक्रिया में खामी मिली है. इस आधार पर कोर्ट ने जारी अपने आदेश में बढ़े हुए दर को रद्द कर दिया है. हालांकि निबंधन विभाग हाइकोर्ट के इस आदेश को लेकर पशोपेश में है. विभाग का कहना है कि इस मामले में डीएम के माध्यम से विभाग के प्रधान सचिव से मार्गदर्शन मांगेंगे.

जानकारी के अनुसार, जिले में एक जनवरी 2016 से जमीन की खरीद बिक्री के लिए एमवीआर लागू किया गया था. इसमें भूमि का मूल्यांकन 200 से 400 फीसद तक कर दिया गया था. मामले में नरकटियागंज के रहने वाले हरिशंकर शर्मा ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर करते हुए निर्धारित प्रक्रिया अपनाये बिना ही एमवीआर में 200 से 400 प्रतिशत की अप्रत्याशित वृद्धि कर देने की बात कही थी. उनके अलावा भैरोगंज के मनोज तिवारी ने भी इसी संबंध में एक अलग याचिका दायर की थी. दोनो याचिकाओं में प्रधान सचिव निबंधन एवं मद्यनिषेध विभाग,
जिलाधिकारी प़ चंपारण, अवर निबंधन पदाधिकारी बेतिया, जिला मूल्याकंन समिति के सचिव, अंचलाधिकारी को प्रतिवादी बनाया गया था. दोनों याचिकाओं की सुनवाई संयुक्त रूप से माननीय उच्च न्यायालय के डबल बेंच द्वारा किया गया. जिसमें हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेंद्र मेनन एवं न्यायमूर्ति सुधीर सिंह शामिल थे. सुनवाई के पश्चात न्यायमूर्ति द्वय ने 17 अप्रैल 17 को आदेश पारित करते हुए एक जनवरी 2016 से प़ चंपारण के भूमि के मूल्याकंन व निबंधन शुल्क में हुए बढ़ोतरी को रद्द कर दिया है.
विभाग में सौंपी गयी हाइकोर्ट के आदेश की प्रति : हाइकोर्ट से बढ़े एमवीआर खारिज करने के आदेश की प्रति विभाग में सौंप दी गयी है. इस आशय का न्यायालीय आदेश जिलाधिकारी एवं अवर निबंधन पदाधिकारी को याचिकाकर्ता हरिशंकर शर्मा ने सौंपा है. जिसमें उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में एक जनवरी 2016 के पूर्व के निर्धारित एमवीआर पर निबंधन करने की मांग की है. बता दें कि हाइकोर्ट के आदेश के बाद राहत मिलने के आसार दिख रहे हैं.
आदेश
एक जनवरी 2016 से लागू एमवीआर की प्रक्रिया में हाइकोर्ट को मिली खामी, बढ़ी हुई
दर को किया खारिज
हाइकोर्ट से जारी आदेश की प्रति आवेदन के साथ वादी ने निबंधन कार्यालय को सौंपा
हाइकोर्ट की डबल बेंच ने जारी किया आदेश
मांगूंगा मार्गदर्शन
उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति बुधवार को ही उन्हें प्राप्त हुई है. अध्ययन के बाद आदेश के आलोक में कार्यवाही के लिए विभागीय वरीय पदाधिकारियों से दिशा निर्देश की मांग की जायेगी. वहां से मिले निर्देश के मुताबिक आगे की कार्यवाही की जायेगी.
अवधेश कुमार झा, अवर निबंधन पदाधिकारी बेतिया
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