बाजार में 25 फीसदी की मंदी

Published at :19 May 2015 1:47 AM (IST)
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बाजार में 25 फीसदी की मंदी

भूकंप से दहशत : मीना बाजार में सबसे ज्यादा असर बेतिया : धरती क्या डोली, आम जन जीवन को ही हिला कर रख दिया है. आम लोग जहां भूकंप के दहशत से लोग गांव घर नहीं निकल रहे है. वहीं बाजार भी मंदी की मार ङोलने लगी है. जिला मुख्यालय में प्रतिदिन करीब 10 करोड़ […]

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भूकंप से दहशत : मीना बाजार में सबसे ज्यादा असर
बेतिया : धरती क्या डोली, आम जन जीवन को ही हिला कर रख दिया है. आम लोग जहां भूकंप के दहशत से लोग गांव घर नहीं निकल रहे है. वहीं बाजार भी मंदी की मार ङोलने लगी है.
जिला मुख्यालय में प्रतिदिन करीब 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होता था. वह करीब 7 से 8 करोड़ पर आ कर सिमट गया है. सभी भूकंप के इस त्रसदी से परेशान है. रेडिमेड कपड़ा, स्वर्ण, बर्त्तन, भवन प्रसाधन व किराना व्यवसाय पर ज्यादा असर दिख रहा है.
शाम ढलते ही दुकानों के गिरने लगते हैं शटर
बिहार में जब 90 के दशक में जंगल राज था. उस वक्त भी शाम ढलते ही व्यावसायिक प्रतिष्ठान शाम ढलते ही बंद होने लगते थे. ठीक उसी तरह इस भूकंप के दहशत ने भी लोगों में भय पैदा कर दिया है.
शाम के सात बजते ही दुकानों की शटर गिरने लगती है. व्यवसायी जल्दी-जल्दी अपने प्रतिष्ठानों को बंद कर घर जाने की तैयारी में जुट जाते है.
लगातार भूकंप के झटके से व्यवसाय को झटका
बेतिया. चेंबर ऑफ कॉमर्स के जिलाध्यक्ष शंकर धीर ने कहा कि लगातार भूकंप के झटकों से व्यवसाय को भी झटका लगा है. करीब 25 प्रतिशत बाजार में मंदी आयी है. खास कर मीना बाजार के व्यवसायी ज्यादा प्रभावित हुए है. उसके बाद स्वर्ण व कपड़ा व भवन प्रसाधन के व्यवसाय को नुकसान पहुंचा है. अगर ऐसी स्थिति रही तो आने वाले दिनों में बाहरी कारोबारी इस क्षेत्र से पलायन भी कर जायेंगे.
सिनेमा हॉल में आ रहे महज 20 से 25 दर्शक
नगर में ऐसे दो सिनेमा हॉल ही चालू हालत में है. इसमें जनता सिनेमा हॉल व मिनी सुप्रिया शामिल है. जनता सिनेमा हॉल के संचालक उत्तम मोटानी ने बताया कि भूकंप के बाद सिनेमा हॉल के व्यवसाय पर ज्यादा असर हुआ है. आइपीएल ने कुछ परेशान किया और अब भूकंप सता रहा है. दिन में चार शो चलते है. एक शो में महज 20 से 25 दर्शक ही पहुंच पा रहे है. एक दिन का खर्च करीब 7.5 हजार रुपया आता है. खर्च भी नहीं निकल पा रहा है. भूकंप ने इस व्यवसाय की कमर ही तोड़ डाली है. 100 दर्शक भी आ जाते तो खर्च निकल जाती, पर ऐसा नहीं हो रहा है.
शादी- विवाह ने रोका बाजार का घाटा
भूकंप के झटका से परेशान व्यवसायी की मानें तो शादी-विवाह के सीजन ने बाजार का घाटा कुछ देर के लिए रोक रखा है. अन्यथा बाजार में ज्यादा ही मंदी आ गयी रहती. स्वर्ण व्यवसायी महासंघ के महासचिव योगेश्वर प्रसाद ने बताया कि अगर लग्न का दिन नहीं रहता तो ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता. जिनके घरों में शादी हैं वे ही लोग गहनों की खरीदारी कर रहे है.
बैंकों के कारोबार पर नहीं दिख रहा असर
स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अभय कुमार मिश्र ने बताया कि भूकंप का असर बैंक के कारोबार पर नहीं पड़ा है. भूकंप जिस दिन आयी थी उसी दिन थोड़ा सा असर था. अगले दिन से स्थिति फिर सामान्य हो गयी. रोजमर्रा की तरह ग्राहक बैंकों में आ रहे है.
बोले व्यवसायी
कपड़ा व्यवसायी मोहित झुनझुनवाला ने कहा कि भूकंप के बाद से दुकान में बिक्री घटी है.ग्राहक नहीं आ रहे है. खासकर महिलाएं घर से नहीं निकल रही है.
होटल व्यवसायी अविरल निलेश ने बताया कि 25 अप्रैल के बाद से होटल में रहने वालों की संख्या कम हुई है. बाहर से भी कारोबारी बेतिया नहीं पहुंच रहे है.
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