बाढ़ ने सब कुछ किया तबाह
Updated at : 20 Aug 2017 6:21 AM (IST)
विज्ञापन

बाढ़ व्यथा. कुछहू त नइखे बचल, दुकान-दउरी मकान सब त छीन ले गइल बेतिया : हम लोग रात में जग रहे थे की तभी पानी आया, इतना पानी था और इतना तेज की जैसे गोली चल रही हो. अभी हमलोग कुछ समझ ही पाते कि अचानक पानी तेजी से फैलने लगा और देखते देखते घर […]
विज्ञापन
बाढ़ व्यथा. कुछहू त नइखे बचल, दुकान-दउरी मकान सब त छीन ले गइल
बेतिया : हम लोग रात में जग रहे थे की तभी पानी आया, इतना पानी था और इतना तेज की जैसे गोली चल रही हो. अभी हमलोग कुछ समझ ही पाते कि अचानक पानी तेजी से फैलने लगा और देखते देखते घर में रखे चौकी को भी छूने लगा. अफरातफरी मच गई. भागो बाढ़ आया, सैलाब आया, प्रलय आया…..यहीं गूज रहीं थी. कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या सामान बटोरू क्यां छोड़ दूं. इतने ही देर में पानी कमर तक आ पहुचा. गांव के लोगों के साथ हम भी परिवार के साथ भागने लगे. आज पांच दिन हो गया. यहीं सड़क पर परिवार और गांव के लोगों के साथ हूं. राहत के नाम पर एक छंटाक तक नहीं मिला है.
चनपटिया के टेंगरहिया के यमुना साह के इतना बोलते ही उनका गला भर आया. आंखों में आंसुओं को छुपाते हुए बोले कि ए बबुआ अब त कुछहू त नइखे बचल, दुकान-दउरी मकान सब त छीन ले गईल. केहू तरे जीयत बानी…यमुना साह की यह बातें सैलाब के उस दर्द को बयां कर रही थीं, जो बीते पांच दिन पहले दस्तक दी और पूरे जिले में तबाही मचा दी. सड़क पर ही आशियाना बनाकर रह रहीं परसौना की कलावती देवी ने बताया कि घरों में दो से तीन फिट पानी बह रहा है. अभी तक पानी की धारा कम नही हुई है. छरदवाली चिमनी टोला के नूर मुहम्मद मियां ने बताया कि वो तो शुक्र है अल्लाह का कि लोगों की जानें बच गईं. हालाकि गांव के ही बुजुर्ग जाॅन मुहम्मद मियां की पानी में डुबने से मौत भी हो चुकी है. पानी का रेला बहुत तेज था. मेरे घर से सारा सामान भींग गया. बस यूं समझें कि हम एक-दूसरे का दु:ख देख रहे हैं और साथ खड़े हैं. शिवाघाट के दुखी साह का कहना था कि उनका घर भी पास ही है. एक अजीब सी हालत थी. घर का सामान बचाने की कोशिश करता तो दुकान का माल बह रहा था और दुकान का सामान बचा रहा था तो घर का. मैंने इस तरह की बाढ़ तीस साल के बाद देखा है. 86 में यहां बड़ी बाढ़ आयी थाी उसके बाद भी पानी आया, लेकिन ये बहुत बड़ा सैलाब था. इसने हमारे घरों की दीवारों को तोड़ डाला. बहरहाल, कुल मिला जुलाकर बाढ़ प्रभावित एक-दूसरे का दुख देख यहीं कह रहे हैं कि औरों का गम देखा तो मैं अपना गम भूल गया. परसौना के दिनेश, टेंगरहिया के अवधेश, रमावती सभी की कहानी कुछ ऐसी ही रही.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




