जिला विधि शाखा का डीएम ने किया औचक निरीक्षण

Updated at : 05 Sep 2017 5:51 AM (IST)
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जिला विधि शाखा का डीएम ने किया औचक निरीक्षण

समय पर निबटारा नहीं होने पर जतायी नाराजगी मोतिहारी : डीएम रमन कुमार ने जिला विधि प्रशाखा का सोमवार को औचक निरीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर उच्च न्यायालय के मामलों का निबटारा करने का आदेश दिया और प्लानिंग कर काम करने को कहा. मामले लंबित पाये जाने पर कड़ी नाराजगी जतायी और बाबुओं की […]

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समय पर निबटारा नहीं होने पर जतायी नाराजगी

मोतिहारी : डीएम रमन कुमार ने जिला विधि प्रशाखा का सोमवार को औचक निरीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर उच्च न्यायालय के मामलों का निबटारा करने का आदेश दिया और प्लानिंग कर काम करने को कहा. मामले लंबित पाये जाने पर कड़ी नाराजगी जतायी और बाबुओं की जमकर फटकार लगायी .न्यायालय से संबधित मामलों के निबटारा समय पर नही होने व पत्रों का संधारण में देरी होने के कारणों की जानकारी मांगी और उसे त्वरित गति से निष्पादित करने का आदेश दिया.
जिले के विभिन्न न्यायालयों में सरकार के कितने मामले लंबित हैं उस पर ध्यान देने की हिदायत दी और कहा कि उसे भी प्राथमिकता सूची के आधार पर निष्पादित करने की जरूरत है.कार्यालय आने के साथ ही लॉग बुक देखने का आदेश कर्मचारियों को दिया और इस मामले में किसी भी तरह की खानापूर्ति नही करने की हिदायत दी.मौके पर प्रशाखा के प्रभारी पदाधिकारी करिशमा व जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी आलोक कुमार आदि उपस्थित थे.
लगेगी हाजिरी तालिका : मोतिहारी. सभी कार्यालयों में हाजिरी तालिका लगाया जायेगा. तालिका पर कर्मचारी कार्यालय आने व जाने का समय अंकित करेंगे. लेटलतीफी करने वाले कर्मचारी पहचान हो सकेंगे और उन पर कार्रवाई हो सकेगी. डीएम रमन कुमार ने सोमवार को इस बाबत निर्देश जारी कर दिया है और इसकी शुरुआत जिला विधि प्रशाखा से करने का आदेश दिया है. कहा कि समय पर कार्यालय पहुंचना व कार्यों का निबटारा करना ही कर्मचारियों की जिम्मेवारी है और हाजिरी तालिका नहीं होने के कारण निर्धारित समय के बाद आने व पहले चले जाने की संस्कृति पर रोक लगेगी. डीएम ने सभी कार्यालयों में इस तालिका को अनिवार्य रूप से लगाने का आदेश दिया.
प्रत्येक शुक्रवार को होगी उच्च न्यायालय के मामलों की समीक्षा : उच्च न्यायालय से संबंधित मामलों की समीक्षा के लिए प्रशासनिक पहल तेज कर दी गयी है. डीएम रमन कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और प्रत्येक सप्ताह के शुक्रवार को समीक्षा करने का आदेश दिया है. वहीं मिस्लेनियस मामलों के लिए गुरुवार को समय का निर्धारण किया है. इस बाबत उन्होंने विधि प्रशाखा के प्रभारी पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दे दिये हैं. यह निर्देश जिला विधि प्रशाखा के निरीक्षण के दौरान दिया है.
बाबुओं को नहीं कलेक्टर को बुलाता है न्यायालय
दिन सोमवार, समय करीब दो बजे, डीएम रमन कुमार अपने कार्यालय से निकलते हैं और सीधे जिला विधि प्रशाखा पहुंचते हैं, उनके पहुंचने के साथ ही प्रशाखा के संचिकाओं की जांच व निरीक्षण शुरू हो जाती है. निरीक्षण के दौरान उच्च न्यायालय का मामला सामने आता है, जो लंबित है. काफी पुराना यानि वर्ष 2011 का है, उसे देख डीएम भौचक रह जाते हैं. कार्यालय के बाबुओं की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हैं और यह कहते हुए बाबुओं को नहीं कलेक्टर को बुलाता है, न्यायालय… उन्हें पहले तो फटकार लगाते हैं और फिर कार्यशैली में सुधार लाने का आदेश देते हैं. करीब सवा दो घंटा कार्यालय का निरीक्षण होता है. उपस्थिति पंजी भी देखते हैं और एक कर्मी की उपस्थिति देख खुश भी होते हैं और उसे शाबाशी भी देते हैं. वह कर्मचारी एक भी सीएल नहीं लिया है और लगातार काम करता है.
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