अब नहीं होगा पानी का संकट
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :22 Aug 2016 4:21 AM (IST)
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योजना. तालाबों व जलाशयों की बढ़ेगी जल संग्रहण क्षमता नगर विकास एवं आवास विभाग ने मांगी तालाबों की सूची वन प्रमंडल के पदाधिकारी के साथ बनाया जायेगा टास्क फोर्स बक्सर : जिले के शहरी क्षेत्र में जलसंकट से निबटने के लिए राज्य सरकार तालाबों के संरक्षण व जल संचयन की योजना तैयार कर रही है. […]
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योजना. तालाबों व जलाशयों की बढ़ेगी जल संग्रहण क्षमता
नगर विकास एवं आवास विभाग ने मांगी तालाबों की सूची
वन प्रमंडल के पदाधिकारी के साथ बनाया जायेगा टास्क फोर्स
बक्सर : जिले के शहरी क्षेत्र में जलसंकट से निबटने के लिए राज्य सरकार तालाबों के संरक्षण व जल संचयन की योजना तैयार कर रही है. इसके तहत शहरी तालाबों की सूची तलब की गयी है. पानी की कमी के संकट से निबटने के लिए वर्षा के जल संचयन की भी तैयारियां की जा रही हैं. योजना के तहत शहरी क्षेत्र के तालाबों एवं जलाशयों के जल संग्रहण की क्षमता अब बढ़ायी जायेगी. इसकी जिम्मेवारी नगर पर्षद प्रशासन को सौंपी गयी है. नगर पर्षद क्षेत्र में जितने भी तालाब, झील एवं अन्य जलाशय हैं, उनका पूरा विवरण और सूची नगर विकास एवं आवास विभाग को उपलब्ध कराना है.
यह योजना पर्यावरण एवं वन विभाग तथा नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से बनायी गयी है. शहरी क्षेत्र में अर्द भूमि का विकास करना है. इसके लिए जिला स्तरीय पदाधिकारी और वन प्रमंडल की ओर से कार्यदल भी गठित किया जायेगा. सूची तैयार करने के लिए एक माह का समय दिया गया है. तालाबों के आंकड़े एकत्र होने के बाद वर्षा जल संरक्षण और उसके संचयन करने के तरीकों पर काम होगा, ताकि, गरमी के दिनों में पानी का संकट नहीं हो. इसके साथ ही जहां सरकारी जलाशय अतिक्रमित हैं, वहां अभियान चला कर अतिक्रमण हटाया जायेगा.
तालाबों पर बढ़ता जा रहा अतिक्रमण : नये सिरे से योजना शुरू होने पर शहर के मुख्य तालाबों का जीर्णोंद्धार की भी उम्मीद है. शहर के तालाबों के आसपास क्षेत्र में भी अतिक्रमण हटाना है. इसके सौंदर्यीकरण का काम शुरू हुआ था, लेकिन उक्त योजना पूर्ण रूप से ठप हो गयी. इसके अलावे तालाबों पर अतिक्रमण बढ़ता गया. आज स्थिति यह है कि तालाबों का स्वरूप सिकुड़ता जा रहा है.
तालाबों की बंदोबस्ती होगी बंद :
शहरी क्षेत्र में सरकारी या सामुदायिक भूमि पर उपलब्ध तालाब, झील, उनके अंश या नदियों के छारण जैसी भूमि जो मत्स्य पालन के लिए बंदोबस्त किये जाते हैं या पहले किये जाते थे. नयी योजना के तहत तालाबों को पूर्ण रूप से बंदोबस्ती या अन्य किसी भी विधि को बंद किया जायेगा. साथ ही, उनके भू-उपयोग स्वरूप में परिवर्तन लाया जायेगा.
जल्द ही होगा कार्यदल का गठन
विभाग के निर्देशानुसार तैयारी शुरू कर दी गयी है. वन प्रमंडल के अधिकारियों के साथ बैठक कर जल्द ही कार्यदल का गठन किया जायेगा. शहर के पुराने व नये जलाशयों की सूची बनायी जा रही है. जल्द ही अतिक्रमण की चपेट में आये जलाशयों व तालाबों के दिन बहुरेंगे.
अनिल कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी,नप
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