22 दिनों में नहीं हुआ एक भी हादसा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :23 Apr 2016 7:00 AM (IST)
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फरवरी-मार्च में हुए थे 13 बड़े हादसे, मौत की जद में आये थे आठ लोग डुमरांव : सूबे में शराबबंदी का असर अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है़ पिछले दिनों स्टेट हाइवे के कोरानसराय पुराना भोजपुर मार्ग सड़क हादसे जोन के रूप में प्रसिद्ध था. इस सड़क पर वाहनचालक नशे के गुब्बार में बेवजह […]
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फरवरी-मार्च में हुए थे 13 बड़े हादसे, मौत की जद में आये थे आठ लोग
डुमरांव : सूबे में शराबबंदी का असर अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है़ पिछले दिनों स्टेट हाइवे के कोरानसराय पुराना भोजपुर मार्ग सड़क हादसे जोन के रूप में प्रसिद्ध था. इस सड़क पर वाहनचालक नशे के गुब्बार में बेवजह वाहनों को तेज रफ्तार में चलाते थे़ पूर्ण शराबबंदी होते ही वाहनचालकों के सिर से तेज रफ्तार का नशा उतरने लगा है और सड़कों पर वाहन काबू में आ गये हैं. परिणामस्वरूप अप्रैल के 22 दिनों में एक भी सड़क हादसे नहीं हुए हैं,जो इसके पुख्ता सबूत है.
रफ्तार पर लगी लगाम
डुमरांव अंतर्गत स्टेट हाइवे के 15 किलोमीटर के दायरे में सबसे अधिक हादसा टेढ़की पुल, सुघर डेरा, डुमरेजनी मोड़ व पुराना भोजपुर चर्च अस्पताल के समीप होता था. फरवरी व मार्च माह के आंकड़ों पर गौर किया जाये, तो करीब 50 दिनों के अंतराल में 13 बड़े सड़क हादसे इन्हीं जगहों पर हुए, जिसमें आठ लोगों की मौत मौके पर ही गयी और 27 से अधिक लोग जख्मी हो गये.
क्या कहते हैं वाहनचालक
वाहनचालक राम अवतार दस वर्षों से बोलेरोचालक हैं. बताते हैं कि शराबबंद होने से वाहन की रफ्तार धीमी कर सड़क पर उतरना पड़ता है़ साथ ही यातायात नियमों के तहत परिचालन करते हैं, ताकि सुरक्षित घर पहुंचे़
उन्होंने बताया कि वाहन चलाने में थकावट आती थी. इसको मिटाने के लिए शराब का सेवन करना पड़ता था़ नशे में वाहन की रफ्तार समझ से परे रहता था़ चालक विनोद सिंह कहते हैं कि पांच वर्षों से ट्रांस्पोर्ट कंपनी में ट्रक चलाने का काम करता हूं. इस स्थिति में कभी कभार शराब पीने की लत लगी थी़
सूबे में शराबबंदी के बाद परेशानी बढ़ी, लेकिन सड़कों पर सुरक्षित वाहन चलाने का सौभाग्य बना़ अब शराब की ओर देखने का भी इच्छा नहीं कर रहा़ विवेक अपने दोस्तों के साथ शराब की नशे में बाइक चलाने के दौरान दो बार दुर्घटना होने से बचा. वह बताता है कि शराब बंद होने से राहत मिली है और पैसे की बचत होती है़ इसके लिए शासन प्रशासन को धन्यवाद दिया़ विद्यानंद बताते हैं कि शराब की नशे में वाहनों के हेड लाइट के प्रकाश से सड़कों पर वाहन के साथ गुजरते वक्त काफी मुश्किलें होती थी़ सरकार द्वारा शराब बंद होने से काफी खुशी महसूस हो रही है़
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने कहा, शराबबंदी से क्राइम कंट्रोल भी हुआ हैअनुमंडल पुलिस पदाधिकारी केपी सिंह की माने, तो शराबबंदी के बाद इलाके में क्राइम कंट्रोल के साथ वाहन दुर्घटनाओं के रोक में भी कामयाबी मिली है़ ट्रैफिक नियमों के पालन करने पर हादसे नहीं होते और लोग सुरक्षित घर पहुंचते हैं. यातायात नियंत्रण के लिए पुलिस बल को भी लगाया गया है़
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