बूढ़ी गंडक खतरे के निशान से सिर्फ आठ सेमी नीचे, लखनदेई, मनुषमारा और बाया नदी में भी बढ़ोतरी

बारिश के थमने के बाद भी जिले से गुजरने वाली नदियां उफान पर हैं. बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर सिकंदरपुर में 15 सेंटीमीटर वृद्धि के साथ खतरे के निशान से केवल 8 सेंटीमीटर नीचे है.
मुजफ्फरपुर. बारिश के थमने के बाद भी जिले से गुजरने वाली नदियां उफान पर हैं. बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर सिकंदरपुर में 15 सेंटीमीटर वृद्धि के साथ खतरे के निशान से केवल 8 सेंटीमीटर नीचे है. वहीं तीनों प्रमुख नदियों के साथ ही लखनदेई, मनुषमारा एवं बाया नदी भी अपने क्षेत्र में कहर बरपा रही है.
बुधवार को बागमती नदी के जलस्तर में कटौझा में कमी आयी, वहीं बेनीबाद में खतरे के निशान से 1 मीटर 31 सेंटीमीटर ऊपर जाकर स्थिर है. गंडक का जलस्तर रेवा घाट में 12 सेंटीमीटर वृद्धि के साथ खतरे के निशान से 73 सेंटीमीटर ऊपर है.
बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर शहरी क्षेत्र के सिकंदरपुर में खतरे के निशान के एकदम करीब पहुंच गया है. इसके कारण मिठनसराय,झील नगर, कर्पूरी नगर, चंदवारा, शेखपुर ढाब के नये इलाकों में पानी फैल रहा है. साथ ही अहियापुर थाना के साथ ही चारों ओर के मोहल्ले तथा घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर रहा है.
इसके आगे विजय छपरा से लेकर कांटी प्रखंड के मिठन सराय तक बूढ़ी गंडक बांध के दोनों और बसे घरों में बूढ़ी गंडक का पानी प्रवेश कर रहा है. लोग बांध पर पलायन हो रहे हैं. बागमती के जलस्तर में आयी कमी से औराई प्रखंड के लोगों को राहत मिली है. लेकिन, कटरा और गायघाट प्रखंड के बाढ़ प्रभावितों की परेशानी जारी है.
गंडक नदी के जलस्तर में अत्यधिक वृद्धि होने से साहेबगंज प्रखंड की सात पंचायतों की 12 हजार आबादी बाढ़ से घिरी हुई है.
नदी खतरे का निशान वर्तमान जलस्तर
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गंडक नदी (रेवा घाट) 54.41 मीटर 55.14 मीटर
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बूढ़ी गंडक (सिकंदरपुर) 52.53 मीटर 52.45 मीटर
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बागमती (कटौझा) 55.0 मीटर 55.84 मीटर
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बागमती (बेनीबाद) 48.68 मीटर 49.99 मीटर
बुधवार को गंडक बराज से 2.21 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंडक के साथ ही बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में अभी तेजी से उफान जारी रहने की संभावना है.
Posted by Ashish Jha
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By Prabhat Khabar News Desk
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